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तापमान में गिरावट के बावजूद उमस भरी गर्मी ने किया बेहाल
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Despite the drop in temperature, the sultry heat made it miserable
बिजली संकट ने लोगों की परेशानी और बढ़ाई
लखीमपुर खीरी। मौसम में गर्मी की तल्खी बरकरार है। हालांकि पिछले दो दिनों के तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार और रविवार को जिले के कुछ हिस्सों में आंधी आने और बरसात होने के कारण तापमान में यह गिरावट आई है। तापमान में गिरावट आने के बावजूद उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। वहीं बार-बार बिजली गायब होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
एक सप्ताह पहले 11 मई को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस था। 16 मई को यह तापमान बढ़कर 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। 17 मई को तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। कड़ी धूप के साथ गर्म हवाओं का दौर भी जारी रहा। इससे लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि तापमान में कमी आने से कुछ राहत रही।
कड़ी धूप, भीषण गर्मी और गर्म लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग चेहरा और पूरा शरीर ढककर निकले। बावजूद इसके गर्मी के कारण लोग पसीना-पसीना हो गए। सबसे ज्यादा परेशानी खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों को हो रही है। गर्मी के कारण आम लोगों की कार्य क्षमता भी प्रभावित हो रही है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि कम से कम एक से डेढ़ माह तक गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा।
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एक सप्ताह का तापमान एक नजर में
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
17 मई 43 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
16 मइ 45 डिग्री सेल्सियस 29 डिग्री सेल्सियस
15 मइ 45 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
14 मई 44 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
13 मई 44 डिग्री सेल्सियस 27 डिग्री सेल्सियस
12 मइ 42 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
11 मई 42 डिग्री सेल्सियस 27 डिग्री सेल्सियस
बिजली खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर बढ़ रहा लोड
गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर लगातार लोड बढ़ रहा है। ट्रिपिंग भी बढ़ गई है। आए दिन ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं तो कहीं उपकरण दगा दे रहे हैं। इससे बेसमय बिजली गायब होना आम बात हो गई है। फाल्ट दूर करने में कभी-कभी घंटों लग जाते हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता राम शबद का कहना है कि बिजली उत्पादन पटरी पर आने से कटौती बंद कर दी गई है। अब केवल लोकल फॉल्ट के कारण ही बिजली की किल्लत पैदा हो रही है।
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लखीमपुर खीरी। मौसम में गर्मी की तल्खी बरकरार है। हालांकि पिछले दो दिनों के तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार और रविवार को जिले के कुछ हिस्सों में आंधी आने और बरसात होने के कारण तापमान में यह गिरावट आई है। तापमान में गिरावट आने के बावजूद उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। वहीं बार-बार बिजली गायब होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
एक सप्ताह पहले 11 मई को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस था। 16 मई को यह तापमान बढ़कर 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। 17 मई को तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। कड़ी धूप के साथ गर्म हवाओं का दौर भी जारी रहा। इससे लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि तापमान में कमी आने से कुछ राहत रही।
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कड़ी धूप, भीषण गर्मी और गर्म लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग चेहरा और पूरा शरीर ढककर निकले। बावजूद इसके गर्मी के कारण लोग पसीना-पसीना हो गए। सबसे ज्यादा परेशानी खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों को हो रही है। गर्मी के कारण आम लोगों की कार्य क्षमता भी प्रभावित हो रही है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि कम से कम एक से डेढ़ माह तक गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा।
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एक सप्ताह का तापमान एक नजर में
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
17 मई 43 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
16 मइ 45 डिग्री सेल्सियस 29 डिग्री सेल्सियस
15 मइ 45 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
14 मई 44 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
13 मई 44 डिग्री सेल्सियस 27 डिग्री सेल्सियस
12 मइ 42 डिग्री सेल्सियस 28 डिग्री सेल्सियस
11 मई 42 डिग्री सेल्सियस 27 डिग्री सेल्सियस
बिजली खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर बढ़ रहा लोड
गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर लगातार लोड बढ़ रहा है। ट्रिपिंग भी बढ़ गई है। आए दिन ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं तो कहीं उपकरण दगा दे रहे हैं। इससे बेसमय बिजली गायब होना आम बात हो गई है। फाल्ट दूर करने में कभी-कभी घंटों लग जाते हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता राम शबद का कहना है कि बिजली उत्पादन पटरी पर आने से कटौती बंद कर दी गई है। अब केवल लोकल फॉल्ट के कारण ही बिजली की किल्लत पैदा हो रही है।