{"_id":"32d2fff28580b2be2a3ac781fd544791","slug":"deputy-director-pp-singh-did-dudhwa-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह हटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह हटे
लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 19 Feb 2016 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुधवा नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर (उप निदेशक) पीपी सिंह को प्रमुख वन संरक्षक, लखनऊ के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। इसकी पुष्टि करते हुए फील्ड डायरेक्टर संजय सिंह ने बताया कि दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक पद पर अभी किसी नियुक्ति नहीं की गई है। फिलहाल उनका काम कतर्निया घाट के डीएफओ आशीष तिवारी देखेंगे।
पार्क उपनिदेशक पीपी सिंह और डीएम किंजल सिंह के बीच टकराव का मामला 23 नवंबर को उस समय सामने आया था, जब पार्क कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। डीएम और डीडी के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़े तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने दोनों अधिकारियों को 30 नवंबर को अपने कार्यालय में तलब कर सुना और सीएम को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें एक दिसंबर तक दुधवा का पर्यटन ठप रहा था। इधर 27 जनवरी से जिप्सी चालकों और नेचर गाइड ने हड़ताल शुरू की तो एक बार फिर डीएम और डीडी का विवाद चर्चा में आ गया, लेकिन इस बार मामले में न तो पीपी सिंह ने कोई बयान दिया और न ही डीएम ने। हालांकि कर्मचारियों ने दुधवा नेशनल पार्क की जिप्सियों को सीज कराने में भी डीएम का ही हाथ होने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग के साथ हड़ताल शुरू की दी। इस बार हड़ताल कुछ ज्यादा ही लंबी चली और वन कर्मियों ने पहले अपने शस्त्र, जंगल में लगे कैमरे जमा किए, फिर हाथियों को भी हड़ताल में शामिल करते हुए पार्क प्रशासन को सौंप दिए। हड़ताल शुक्रवार को भी रही, लेकिन डीडी पीपी सिंह के तबादले की खबर आई तो हर ओर एक ही चर्चा हुई कि पार्क कर्मियों की हड़ताल के कारण उपनिदेशक को हटा दिया गया है।
--
डीडी ने कहा-31 दिसंबर को हुआ था प्रमोशन
उपनिदेशक के पद से तबादला होने के बाद डीडी पीपी सिंह ने अमर उजाला को सेलफोन पर बताया कि 31 दिसंबर को उनका प्रमोशन वन संरक्षक के पद पर हो गया था, लेकिन नियुक्ति न होने के कारण वह उप निदेशक का काम संभाल रहे थे। अब मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, लखनऊ में बैठेंगे।
विज्ञापन
----
कब क्या हुआ......
23 नवंबर 2015: डीएम पर लगा पार्क उपनिदेशक पीपी सिंह से अभद्रता का आरोप
26 नवंबर: फेडरेशन आफ फारेस्ट ने भी कई आरोप लगा कर भेजा शासन को पत्र
29 नवंबर: पार्क कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
30 नवंबर: एक दिसंबर तक दो दिन की हड़ताल
30 नवंबर: मुख्य सचिव के सामने पेश हुए डीडी पीपी सिंह और डीएम किंजल सिंह
2 दिसंबर से 15 दिसंबर तक काली पटटी बांध कर जताया विरोध
16 दिसंबर से 17 दिसंबर 2015 तक कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल
27 जनवरी 2016: डीएम पर जिप्सी चालकों और बैरियर कर्मियों ने फिर लगाया उत्पीड़न का आरोप
28 जनवरी: जिप्सी चालकों और नेचर गाइडों ने की हड़ताल
01 फरवरी: दुधवा के दैनिक कर्मी भी हुए हड़ताल में शामिल
02 फरवरी: दोपहर की शिफ्ट में पर्यटन फिर हुआ ठप
16 फरवरी: मांग पूरी न होने पर चेतावनी के तहत किए शस्त्र जमा
18 फरवरी: महावतों ने सौंप दिए पार्क के पालतू हाथी
विज्ञापन
पार्क उपनिदेशक पीपी सिंह और डीएम किंजल सिंह के बीच टकराव का मामला 23 नवंबर को उस समय सामने आया था, जब पार्क कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। डीएम और डीडी के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़े तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने दोनों अधिकारियों को 30 नवंबर को अपने कार्यालय में तलब कर सुना और सीएम को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें एक दिसंबर तक दुधवा का पर्यटन ठप रहा था। इधर 27 जनवरी से जिप्सी चालकों और नेचर गाइड ने हड़ताल शुरू की तो एक बार फिर डीएम और डीडी का विवाद चर्चा में आ गया, लेकिन इस बार मामले में न तो पीपी सिंह ने कोई बयान दिया और न ही डीएम ने। हालांकि कर्मचारियों ने दुधवा नेशनल पार्क की जिप्सियों को सीज कराने में भी डीएम का ही हाथ होने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग के साथ हड़ताल शुरू की दी। इस बार हड़ताल कुछ ज्यादा ही लंबी चली और वन कर्मियों ने पहले अपने शस्त्र, जंगल में लगे कैमरे जमा किए, फिर हाथियों को भी हड़ताल में शामिल करते हुए पार्क प्रशासन को सौंप दिए। हड़ताल शुक्रवार को भी रही, लेकिन डीडी पीपी सिंह के तबादले की खबर आई तो हर ओर एक ही चर्चा हुई कि पार्क कर्मियों की हड़ताल के कारण उपनिदेशक को हटा दिया गया है।
विज्ञापन
--
डीडी ने कहा-31 दिसंबर को हुआ था प्रमोशन
उपनिदेशक के पद से तबादला होने के बाद डीडी पीपी सिंह ने अमर उजाला को सेलफोन पर बताया कि 31 दिसंबर को उनका प्रमोशन वन संरक्षक के पद पर हो गया था, लेकिन नियुक्ति न होने के कारण वह उप निदेशक का काम संभाल रहे थे। अब मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, लखनऊ में बैठेंगे।
विज्ञापन
----
कब क्या हुआ......
23 नवंबर 2015: डीएम पर लगा पार्क उपनिदेशक पीपी सिंह से अभद्रता का आरोप
26 नवंबर: फेडरेशन आफ फारेस्ट ने भी कई आरोप लगा कर भेजा शासन को पत्र
29 नवंबर: पार्क कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
30 नवंबर: एक दिसंबर तक दो दिन की हड़ताल
30 नवंबर: मुख्य सचिव के सामने पेश हुए डीडी पीपी सिंह और डीएम किंजल सिंह
2 दिसंबर से 15 दिसंबर तक काली पटटी बांध कर जताया विरोध
16 दिसंबर से 17 दिसंबर 2015 तक कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल
27 जनवरी 2016: डीएम पर जिप्सी चालकों और बैरियर कर्मियों ने फिर लगाया उत्पीड़न का आरोप
28 जनवरी: जिप्सी चालकों और नेचर गाइडों ने की हड़ताल
01 फरवरी: दुधवा के दैनिक कर्मी भी हुए हड़ताल में शामिल
02 फरवरी: दोपहर की शिफ्ट में पर्यटन फिर हुआ ठप
16 फरवरी: मांग पूरी न होने पर चेतावनी के तहत किए शस्त्र जमा
18 फरवरी: महावतों ने सौंप दिए पार्क के पालतू हाथी