फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Demand for one lakh liters of milk daily, production is only 40 to 50 thousand liters

रोजाना एक लाख लीटर दूध की मांग, उत्पादन 40 से 50 हजार लीटर ही

Tue, 01 Jun 2021 12:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 12:31 AM IST
विज्ञापन
Demand for one lakh liters of milk daily, production is only 40 to 50 thousand liters
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दुग्ध उत्पादन दिवस : उत्पादन की कमी से बढ़ रहे मिलावटखोरी के मामले, 70 दुग्ध उत्पादक समितियों का संचालन वर्षों से है ठप
विज्ञापन

168 समितियों मं हो रहा काम, लेकिन नहीं बढ़ रहा उत्पादन

लखीमपुर खीरी। जनपद में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कुल 238 सहकारी दुग्ध उत्पादक समितियां बनाई जा चुकी हैं, लेकिन इसमें 70 समितियां कई सालों से बंद पड़ी हैं। इनके स्थान पर दूसरी समितियां स्थापित नहीं हो पाई हैं। वहीं काम कर रहीं 168 समितियों में ज्यादातर में उत्पादन क्षमता क्षीण हो रही है।
जनपद में श्वेत क्रांति को लेकर सरकारी प्रयास अभी तक कोई खास उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए हैं, क्योंकि बाजार में हर रोज एक लाख लीटर दूध की मांग है। इसके सापेक्ष बाजार में 40 से 50 हजार लीटर तक दूध की आवक रोजाना हो रही है।
विज्ञापन

सभी ब्लॉकों में 168 समितियों से 7345 लीटर दूध प्रतिदिन की आपूर्ति पराग लखनऊ को भेजी जा रही है। 2019 की पशुगणना के मुताबिक, कुल 13 लाख पशु हैं, जिनमें दुधारू पशु जैसे गाय, भैंस की संख्या करीब छह लाख है। इनमें से वर्तमान में करीब 1.50 लाख पशुओं से ही दुग्ध उत्पादन हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कामधेनु योजना कुछ साल तक चलाई गई, लेकिन वर्तमान में योजना बंद है। अब शुद्ध दूध उत्पादन के लिए पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ तरुण कुमार तिवारी ने बताया कि स्वदेशी नस्ल की गाय साहिवाल, हरियाना नस्ल को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो अच्छा दूध उत्पादन करने में सहयोगी हैं। यह गायें बीमार कम पड़ती हैं और इनके पोषण में भी कम खर्च आता है। इसे लघु एवं सीमांत परिवार, भूमिहीन मजदूर भी आसानी से इनका पालन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्गीकृत वीर्य के द्वारा कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया द्वारा बछिया पैदा कराई जाती है, जिसके प्रयोग से अब तक जनपद में करीब 500 बछिया जन्म ले चुकी हैं।

दुग्ध उत्पादन में प्रदेश में पहले स्थान पर है बेलवमोती की डेयरी

धौरहरा। दुग्ध उत्पादन में धौरहरा क्षेत्र की बेलवामोती दुग्ध समिति उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। समिति केे संचालक वरुण चौधरी को एक बार जिला स्तर व तीन बार प्रदेश स्तर पर गोकुल पुरस्कार मिल चुका है। वरुण चौधरी पूर्व मंत्री रहे दिवंगत यशपाल चौधरी के पुत्र हैं। चौधरी कृषि के साथ पशुपालन भी करते हैं। वह बताते हैं कि 2013 में 10 गाय से डेयरी की शुरुआत की थी।
2015-16 में कामधेनु योजना के तहत लोन के लिए आवेदन किया और एक करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत हुआ, जिससे 100 गाय खरीद कर डेयरी को आगे बढ़ाया। इस समय डेयरी में करीब 170 गाय व 25 भैंसें है। करीब एक हजार लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन होता है। एक बार जिला स्तर पर व तीन बार प्रदेश स्तर पर गोकुल पुरस्कार मुख्यमंत्री के हाथ मिल चुका है।

प्रदेश में अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए मिल चुका गोकुल पुरस्कार

दुग्ध संघ के प्रभारी जीएल वर्मा ने बताया कि वरुण चौधरी के अलावा बेहजम ब्लॉक में नीबा शिवपुरी निवासी अवनीश कुमार शुक्ला, धौरहरा ब्लॉक में अवस्थीपुरवा निवासी प्रीती अवस्थी, ईसानगर में किशोरी और रायपुर निवासी राम सनेही सिंह को पुरस्कार मिला है।

जनपद में पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। देशी नस्ल की गायों के पालन पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें पशुपालकों को कई तरह की बीमारियों समेत अन्य समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। प्रतिदिन होने वाली दूध की डिमांड के सापेक्ष अभी 50 प्रतिशत की कमी बनी हुई है, जिसे पूरा करने के लिए लोग मिलावटखोरी करते हैं। - डॉ तरुण कुमार तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed