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दलितों और पिछड़ों में प्रधानी का ज्यादा क्रेज
शारदानगर/महेवागंज
Updated Wed, 02 Dec 2015 06:58 PM IST
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पंचायत चुनाव में इस बार दलितों और पिछड़ों में प्रधानी को लेकर खास उत्साह दिख रहा है। दो ग्रामसभाएं ऐसी हैं जो अनारक्षित हैं लेकिन उनमें एक भी सवर्ण उम्मीदवार नहीं है। जातिगत वोटों के सहारे चुनावी नैया पार करने की सोचने वालों के लिए भी यह कम दिलचस्प नहीं है। नकहा ब्लाक क्षेत्र की ग्रामसभा ओदारा और न्याय पंचायत कोठिया में अन्य बिरादरी के अलावा सवर्णो की तादाद भी खासी है। बावजूद दोनों गांवों में प्रधानी के लिए दूसरी बिरादरी के लोग ही मैदान में हैं। इस बात से चुनावी पंडित भी हैरान है।
कोठिया न्याय पंचायत की बात करें तो इसमें धनीरामपुरवा, तनाजा, मुराउनपुरवा गुड़िया चमेली समेत शारदानगर कस्बे का भी कुछ अंश जुड़ा है। वोटरों की संख्या भी तीन हजार के करीब है। आबादी के लिहाज से 50 प्रतिशत पिछड़ी, 40 प्रतिशत दलित और दस प्रतिशत सामान्य बिरादरी के लोग हैं। इस बार यहां प्रधानी सीट सामान्य है। यहां से तीन उम्मीदवार मैदान मे हैं। दिलचस्प यह कि एक भी सवर्ण उम्मीदवार मैदान में नही है। चुनाव लड़ रहे लोग पिछड़ी बिरादरी से है।
बात ओदारा की करें तो ग्राम सभा में दो हजार मतदाता है। सनमानीपुरवा, शारदानगर कॉलोनी, चंद्रिका गौढ़ी, गोड़ियाना और बंगाली कॉलोनी का हिस्सा आता है। आबादी में 50 प्रतिशत पिछड़ी, 30 प्रतिशत दलित और 20 प्रतिशत सामान्य बिरादरी के लोग है। यहां भी प्रधानी की सीट अनारक्षित है। पति बृजकिशोर सिंह की हाल ही मे मौत के बाद निवर्तमान प्रधान लज्जावती खुद मैदान में उतरी हैं। खास यह कि यहां देवर और भाभी आमने सामने चुनाव मैदान में है।
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सवर्णों के चुनाव में न उतरने के पीछे वजह जो भी हो, पर जानकार दबी जुबां में आरक्षण के पूर्वानुमान के सटीक न बैठने से तैयारी के लिए समय न मिल पाने की वजह मान रहे हैं।
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कोठिया न्याय पंचायत की बात करें तो इसमें धनीरामपुरवा, तनाजा, मुराउनपुरवा गुड़िया चमेली समेत शारदानगर कस्बे का भी कुछ अंश जुड़ा है। वोटरों की संख्या भी तीन हजार के करीब है। आबादी के लिहाज से 50 प्रतिशत पिछड़ी, 40 प्रतिशत दलित और दस प्रतिशत सामान्य बिरादरी के लोग हैं। इस बार यहां प्रधानी सीट सामान्य है। यहां से तीन उम्मीदवार मैदान मे हैं। दिलचस्प यह कि एक भी सवर्ण उम्मीदवार मैदान में नही है। चुनाव लड़ रहे लोग पिछड़ी बिरादरी से है।
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बात ओदारा की करें तो ग्राम सभा में दो हजार मतदाता है। सनमानीपुरवा, शारदानगर कॉलोनी, चंद्रिका गौढ़ी, गोड़ियाना और बंगाली कॉलोनी का हिस्सा आता है। आबादी में 50 प्रतिशत पिछड़ी, 30 प्रतिशत दलित और 20 प्रतिशत सामान्य बिरादरी के लोग है। यहां भी प्रधानी की सीट अनारक्षित है। पति बृजकिशोर सिंह की हाल ही मे मौत के बाद निवर्तमान प्रधान लज्जावती खुद मैदान में उतरी हैं। खास यह कि यहां देवर और भाभी आमने सामने चुनाव मैदान में है।
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सवर्णों के चुनाव में न उतरने के पीछे वजह जो भी हो, पर जानकार दबी जुबां में आरक्षण के पूर्वानुमान के सटीक न बैठने से तैयारी के लिए समय न मिल पाने की वजह मान रहे हैं।