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पर्यटन गेट पर तालाबंदी कर दैनिक वेतन भोगी कर्मियों ने किया प्रदर्शन
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प्रदर्शन करते कर्मचारी।
सुबह और शाम की शिफ्टों में नहीं हो सका जंगल भ्रमण, 15 दिन में वेतन मिलने के आश्वासन पर स्थगित किया कार्य बहिष्कार
पलियाकलां। 13 माह से वेतन न मिलने से गुस्साए दुधवा नेशनल पार्क के दैनिक वेतन कर्मियों ने बृहस्पतिवार को दुधवा पर्यटन परिसर में पहुंचकर प्रदर्शन किया। साथ ही पर्यटन गेट पर तालाबंदी कर दी, जिसके चलते सुबह व शाम की शिफ्टों में सैलानी जंगल का भ्रमण नहीं कर सके।
तालाबंदी के चलते सुबह व शाम की शिफ्ट में सैलानियों को जंगल का भ्रमण नहीं कराया गया। उधर, देर शाम को संघ के प्रांतीय महामंत्री रफीउल्ला खान ने बताया कि पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ, वन मंत्री दारा सिंह व फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक से उनकी बात हुई है जिसके बाद उन्होंने लिखित 15 दिनों का आश्वासन दिया है। कहा है कि दुधवा को दैनिक वेतनकर्मियों के लिए फंड मिला है। अगर 15 दिनों तक वेतन नहीं आता है तो 16वें दिन से कर्मचारी चक्का जाम व कार्य बहिष्कार के लिए स्वतंत्र हैं और वह पर्यटन रोक सकते हैं। इस आश्वासन के बाद 15 दिनों के लिए दैनिक कर्मियों ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी है।
बुधवार को भी सैलानी नहीं कर सके थे जंगल भ्रमण
मंगलवार की देर रात से हुई बारिश बुधवार तक सुबह होती रही, जिसके चलते बुधवार को भी दोनों शिफ्टों में सैलानियों को पार्क का भ्रमण नहीं कराया गया। इसके चलते उनको मायूसी हुई। पार्क प्रशासन की मानें तो बारिश से दलदली रास्ते खराब हो जाते हैं। इसके चलते ही बारिश होने पर पर्यटन बंद कर दिया जाता है।
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दुधवा बंद होने पर किशनपुर गए लेकिन वहां भी मिली मायूसी
दुधवा में पर्यटन बंद होने पर दुधवा आए अधिकांश सैलानी किशनपुर के लिए रवाना हो गए, लेकिन वहां भी पर्यटन बंद होने से उनको मायूसी का सामना करना पड़ा। आलम यह रहा कि दुधवा में जहां सन्नाटा पसरा रहा वहीं यहां से किशनपुर गए सैलानी भी देर शाम तक वापस दुधवा नहीं आ सके थे।
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पलियाकलां। 13 माह से वेतन न मिलने से गुस्साए दुधवा नेशनल पार्क के दैनिक वेतन कर्मियों ने बृहस्पतिवार को दुधवा पर्यटन परिसर में पहुंचकर प्रदर्शन किया। साथ ही पर्यटन गेट पर तालाबंदी कर दी, जिसके चलते सुबह व शाम की शिफ्टों में सैलानी जंगल का भ्रमण नहीं कर सके।
तालाबंदी के चलते सुबह व शाम की शिफ्ट में सैलानियों को जंगल का भ्रमण नहीं कराया गया। उधर, देर शाम को संघ के प्रांतीय महामंत्री रफीउल्ला खान ने बताया कि पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ, वन मंत्री दारा सिंह व फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक से उनकी बात हुई है जिसके बाद उन्होंने लिखित 15 दिनों का आश्वासन दिया है। कहा है कि दुधवा को दैनिक वेतनकर्मियों के लिए फंड मिला है। अगर 15 दिनों तक वेतन नहीं आता है तो 16वें दिन से कर्मचारी चक्का जाम व कार्य बहिष्कार के लिए स्वतंत्र हैं और वह पर्यटन रोक सकते हैं। इस आश्वासन के बाद 15 दिनों के लिए दैनिक कर्मियों ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी है।
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बुधवार को भी सैलानी नहीं कर सके थे जंगल भ्रमण
मंगलवार की देर रात से हुई बारिश बुधवार तक सुबह होती रही, जिसके चलते बुधवार को भी दोनों शिफ्टों में सैलानियों को पार्क का भ्रमण नहीं कराया गया। इसके चलते उनको मायूसी हुई। पार्क प्रशासन की मानें तो बारिश से दलदली रास्ते खराब हो जाते हैं। इसके चलते ही बारिश होने पर पर्यटन बंद कर दिया जाता है।
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दुधवा बंद होने पर किशनपुर गए लेकिन वहां भी मिली मायूसी
दुधवा में पर्यटन बंद होने पर दुधवा आए अधिकांश सैलानी किशनपुर के लिए रवाना हो गए, लेकिन वहां भी पर्यटन बंद होने से उनको मायूसी का सामना करना पड़ा। आलम यह रहा कि दुधवा में जहां सन्नाटा पसरा रहा वहीं यहां से किशनपुर गए सैलानी भी देर शाम तक वापस दुधवा नहीं आ सके थे।