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रणजीत और अवतार सिंह की कस्टडी रिमांड मंजूर, 72 घंटे पुलिस हिरासत में रहेंगे
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के क्रॉस केस मामले में जांच टीम को दो अन्य आरोपियों से पूछताछ की मंजूरी मिल गई है। तीन नवंबर को गिरफ्तार रणजीत सिंह और अवतार सिंह की पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुनवाई करते हुए पांच दिन बाद भारी सीजेएम मोना सिंह ने दस नवंबर की सुबह दस बजे से 72 घंटे के लिए पूछताछ की सशर्त स्वीकृति दे दी है।
मंगलवार को प्रभारी सीजेएम मोना सिंह की अदालत में वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने बताया कि विवेचना के लिए जरूरी है कि अवतार सिंह और रणजीत सिंह को सात दिनों के लिए पुलिस कस्टडी अधिकृत हो। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने इस अर्जी को बेबुनियाद बताते हुए इसे तंग करने वाला कदम बताया। कहा कि पूछताछ के नाम पर सात दिनाें तक पुलिस कस्टडी रिमांड नहीं दी जा सकती। पूछताछ करनी हो तो विवेचक जिला जेल पहुंचकर पूछताछ कर सकते हैं। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद प्रभारी सीजेएम मोना सिंह ने दस नवंबर से 13 नवंबर की सुबह दस बजे तक दोनों हत्यारोपियों को पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ करने को मंजूरी दी है। इससे पहले भाजपा सभासद सुमित जायसवाल की ओर से दर्ज कराई गई क्रॉस रिपोर्ट में विचित्र सिंह और गुरविंदर सिंह की पहली गिरफ्तारी होने के बाद रणजीत सिंह और अवतार सिंह की गिरफ्तारी की गई थी। जांच टीम ने तीन नवंबर को रणजीत सिंह और अवतार सिंह को अदालत में पेश करने के साथ ही आरोपियों से सघन पूछताछ की जरूरत बताई थी। पुलिस कस्टडी रिमांड अर्जी में जांच टीम ने सीन रिक्रिएशन कराने और अग्रेतर पूछताछ के लिए दोनो आरोपियों को सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में दिए जाने की मांग की थी। रिमाड मजिस्ट्रेट ने अभियुक्तों को कस्टडी रिमांड अर्जी की प्रति प्रदत्त करने के साथ ही निर्णायक सुनवाई के लिए आठ नवंबर की तिथि लगाई थी। सोमवार को प्रभारी सीजेएम छवि कुमारी ने सुनवाई के बाद अगले दिन के लिए सुनवाई आगे बढ़ा दी थी।
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मंगलवार को प्रभारी सीजेएम मोना सिंह की अदालत में वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने बताया कि विवेचना के लिए जरूरी है कि अवतार सिंह और रणजीत सिंह को सात दिनों के लिए पुलिस कस्टडी अधिकृत हो। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने इस अर्जी को बेबुनियाद बताते हुए इसे तंग करने वाला कदम बताया। कहा कि पूछताछ के नाम पर सात दिनाें तक पुलिस कस्टडी रिमांड नहीं दी जा सकती। पूछताछ करनी हो तो विवेचक जिला जेल पहुंचकर पूछताछ कर सकते हैं। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद प्रभारी सीजेएम मोना सिंह ने दस नवंबर से 13 नवंबर की सुबह दस बजे तक दोनों हत्यारोपियों को पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ करने को मंजूरी दी है। इससे पहले भाजपा सभासद सुमित जायसवाल की ओर से दर्ज कराई गई क्रॉस रिपोर्ट में विचित्र सिंह और गुरविंदर सिंह की पहली गिरफ्तारी होने के बाद रणजीत सिंह और अवतार सिंह की गिरफ्तारी की गई थी। जांच टीम ने तीन नवंबर को रणजीत सिंह और अवतार सिंह को अदालत में पेश करने के साथ ही आरोपियों से सघन पूछताछ की जरूरत बताई थी। पुलिस कस्टडी रिमांड अर्जी में जांच टीम ने सीन रिक्रिएशन कराने और अग्रेतर पूछताछ के लिए दोनो आरोपियों को सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में दिए जाने की मांग की थी। रिमाड मजिस्ट्रेट ने अभियुक्तों को कस्टडी रिमांड अर्जी की प्रति प्रदत्त करने के साथ ही निर्णायक सुनवाई के लिए आठ नवंबर की तिथि लगाई थी। सोमवार को प्रभारी सीजेएम छवि कुमारी ने सुनवाई के बाद अगले दिन के लिए सुनवाई आगे बढ़ा दी थी।
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