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महिलाओं को आज भी नहीं मिली है सामाजिक और आर्थिक आजादी

Sat, 25 Jan 2020 12:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jan 2020 12:41 AM IST
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इतिहास निर्माण में स्त्रियों की भूमिका पर बोले वक्ता
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वाईडी कॉलेज में हुआ गोष्ठी का आयोजन
लखीमपुर खीरी। युवराज दत्त महाविद्यालय में शुक्रवार को आधुनिक भारत के इतिहास में महिलाओं की भूमिका विषय पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें शामिल विभिन्न डिग्री कॉलेजों के प्रोफेसरों ने देश की आजादी के बाद महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक आजादी पर व्याख्यान दिया। समापन सत्र में एसपी पूनम ने भी गोष्ठी को संबोधित किया।

कॉलेज अध्यक्ष राजा विष्णु नरायण दत्त सिंह, कुंवर प्रद्युम्न नरायण दत्त सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं प्राचार्य डॉ. देवकी नंदन मालपानी ने मां सरस्वती का पूजन कर गोष्ठी का शुभारंभ किया। लखनऊ के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. प्रीति चौधरी ने स्त्री विमर्श की चर्चा एक उत्पीड़ित और दमित वर्ग के रूप में की। उन्होंने कहा कि आधुनिक देश के निर्माण में आधी आबादी की भूमिका को सदैव नकारा गया। आजादी के बाद देश की महिलाओं को राजनैतिक आजादी तो मिल गई, लेकिन सामाजिक एवं आर्थिक मुद्दे पर आज भी वह हाशिए पर है। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मानिक लाल गुप्ता ने इतिहास के पृष्ठों से गायब महिलाओं की भूमिका पर व्याख्यान दिया। गोष्ठी में एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह आदि ने भी व्याख्यान दिया। समापन सत्र की अतिथि एसपी पूनम ने कामकाजी स्त्री की सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भूमिका के बारे में बताया। गोष्ठी में डॉ. सत्येंद्र दुबे, डॉ. नूतन सिंह, डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. जेएन सिंह सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्रोफेसर मौजूद रहे।
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