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सत्य ही शिव है, शिव ही सुंदर है
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गोला गोकर्णनाथ। त्रिलोक गिरि मंदिर परिसर में हो रहे श्री रुद्र महायज्ञ एवं मानस वेदांत सम्मेलन में वक्ताओं ने भगवान शिव की महिला और श्रीकृष्ण के अवतार पर व्याख्यान दिया। वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं ने यज्ञ की परिक्रमा कर पुण्यफल प्राप्त किया।
मानस वेदांत सम्मेलन में सुबह यज्ञाचार्य राजेश शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं से यज्ञ में आहुतियां डलवाईं, महिलाओं ने यज्ञ की परिक्रमा कर पुण्य फल प्राप्त किया। वृंदावन से आए बाल व्यास रोहितानंद महाराज ने शिव महिमा का बखान कर कहा कि भगवान शिव संहारक भी है और पालनकर्ता भी। जो भक्तों की निष्ठा से प्रसन्न होते हैं और मृत्यु से भी अभयदान देकर अपने भक्त की रक्षा करते हैं। वहीं आयोजक पंकज मिश्र महारथी ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान युगों-युगों में धर्म की रक्षा, अधर्म का नाश करने के लिए स्वयं को मनुष्य रूप में प्रकट करता है। 16 कलाओं से युक्त भगवान श्रीकृष्ण ने संसार को प्रेम, पराक्रम, आदर्श, सद चरित्र की शिक्षा शिक्षा दी है। इस मौके पर महेंद्र वर्मा, पंकज गुप्ता, श्यामदीप तिवारी, रामसेवक शुक्ल, केशव बाजपेयी, आरती सिंह, शशिप्रभा तिवारी, मीना गुप्ता, तनवी सिंह, पम्मी सिंह, नीलम तिवारी आदि मौजूद रहे।
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मानस वेदांत सम्मेलन में सुबह यज्ञाचार्य राजेश शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं से यज्ञ में आहुतियां डलवाईं, महिलाओं ने यज्ञ की परिक्रमा कर पुण्य फल प्राप्त किया। वृंदावन से आए बाल व्यास रोहितानंद महाराज ने शिव महिमा का बखान कर कहा कि भगवान शिव संहारक भी है और पालनकर्ता भी। जो भक्तों की निष्ठा से प्रसन्न होते हैं और मृत्यु से भी अभयदान देकर अपने भक्त की रक्षा करते हैं। वहीं आयोजक पंकज मिश्र महारथी ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान युगों-युगों में धर्म की रक्षा, अधर्म का नाश करने के लिए स्वयं को मनुष्य रूप में प्रकट करता है। 16 कलाओं से युक्त भगवान श्रीकृष्ण ने संसार को प्रेम, पराक्रम, आदर्श, सद चरित्र की शिक्षा शिक्षा दी है। इस मौके पर महेंद्र वर्मा, पंकज गुप्ता, श्यामदीप तिवारी, रामसेवक शुक्ल, केशव बाजपेयी, आरती सिंह, शशिप्रभा तिवारी, मीना गुप्ता, तनवी सिंह, पम्मी सिंह, नीलम तिवारी आदि मौजूद रहे।
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