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वृद्धा को घायल कर अपनी गर्दन काटी, मौत
गोलागोकर्णनाथ।
Updated Tue, 03 Feb 2015 10:14 PM IST
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रोडवेज बस अड्डे के सामने चाय के खोखे पर बैठी दुकानदार दिवाकर मिश्रा की मां कमलेश (62) को मंगलवार दोपहर मानसिक रूप से बीमार एक युवक ने धारदार हथियार से जख्मी कर दिया। इसके बाद उसने अपनी भी गर्दन काट ली। बाद में उसकी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने मृत युवक के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपनी मां को खोखे पर बैठा कर घर नहाने गया था। इसी बीच कई महीनों से यहां देखा जा रहा 35 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार युवक हाथ में धारदार हथियार लेकर खोखे पर पहुंचा और मां पर धारदार हथियार से कई प्रहार किए। हमलेे में कमलेश के हाथ और पेट कट गया। चीख-पुकार पर वहां अनेक लोग एकत्र हो गए। लोगों ने युवक का पीछा किया तो उसने अपने हाथ में लिए धारदार हथियार को अपने गले पर मार लिया, जिससे वह वहीं गिर गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने लहूलुहान युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन एंबुलेंस आने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। घायल महिला को बाद में हालत सामान्य होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
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गली-गली घूम रहे मानसिक रूप से बीमार
गोला गोकर्णनाथ। भोले बाबा की नगरी के मंदिरों के बाहर, सड़कों और गलियों में एक दर्जन से ज्यादा मानसिक रूप से बीमार लोग घूमते रहते हैं।
खुटार मार्ग पर श्रीराम जानकी मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर के आसपास ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है। यह हाल तब है, जब सुप्रीम कोर्ट ने उपेक्षित और मानसिक रूप से बीमार लोगों की दवा, इलाज और पुनर्वास के लिए राज्य सरकारों को आदेश दिया है।
आवाज से निर्देशित होते हैं
मनोचिकित्सक डॉ. बीबी सिंह का कहना है कि मानसिक रूप से बीमार लोगों को सीजोफ्रीनिया होने से उनके कानों में एक आवाज गूंजती है, जो सामने वाले से उसे खतरा होने का निर्देश देती है। रोग बढ़ने पर यह आवाज उसे कुछ इस तरह भी सुनाई देने लगती है कि इसे मार दो और अपने को खत्म कर दो। दिमाग के काम न करने से वह आवाज के निर्देशानुसार हमलावर हो जाता है।
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मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपनी मां को खोखे पर बैठा कर घर नहाने गया था। इसी बीच कई महीनों से यहां देखा जा रहा 35 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार युवक हाथ में धारदार हथियार लेकर खोखे पर पहुंचा और मां पर धारदार हथियार से कई प्रहार किए। हमलेे में कमलेश के हाथ और पेट कट गया। चीख-पुकार पर वहां अनेक लोग एकत्र हो गए। लोगों ने युवक का पीछा किया तो उसने अपने हाथ में लिए धारदार हथियार को अपने गले पर मार लिया, जिससे वह वहीं गिर गया।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने लहूलुहान युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन एंबुलेंस आने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। घायल महिला को बाद में हालत सामान्य होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
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गली-गली घूम रहे मानसिक रूप से बीमार
गोला गोकर्णनाथ। भोले बाबा की नगरी के मंदिरों के बाहर, सड़कों और गलियों में एक दर्जन से ज्यादा मानसिक रूप से बीमार लोग घूमते रहते हैं।
खुटार मार्ग पर श्रीराम जानकी मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर के आसपास ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है। यह हाल तब है, जब सुप्रीम कोर्ट ने उपेक्षित और मानसिक रूप से बीमार लोगों की दवा, इलाज और पुनर्वास के लिए राज्य सरकारों को आदेश दिया है।
आवाज से निर्देशित होते हैं
मनोचिकित्सक डॉ. बीबी सिंह का कहना है कि मानसिक रूप से बीमार लोगों को सीजोफ्रीनिया होने से उनके कानों में एक आवाज गूंजती है, जो सामने वाले से उसे खतरा होने का निर्देश देती है। रोग बढ़ने पर यह आवाज उसे कुछ इस तरह भी सुनाई देने लगती है कि इसे मार दो और अपने को खत्म कर दो। दिमाग के काम न करने से वह आवाज के निर्देशानुसार हमलावर हो जाता है।