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हादसे के शिकार लोगों को समय से मिलेगा इलाज
लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 25 Dec 2016 11:33 PM IST
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उम्मीद
- फोटो : अमर उजाला
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वर्ष 2017 में जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। प्रबल संभावना है कि ओयल में बनने वाला ट्रामा सेंटर शुरू हो जाए। इससे दुर्घटना में घायल मरीजों को लेकर लखनऊ नहीं भागना पड़ेगा। इसके अलावा चिकित्सीय सुविधा बढ़ाने को अन्य कई घोषणाएं हुईं है, जिनका लाभ आने वाले साल में मिलेगा। बुजुर्गों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में विशेष व्यवस्था की गई। जच्चा-बच्चा के लिए बनी अलग यूनिट के बेहतर संचालन की उम्मीद है।
चालू होगा ट्रामा सेंटर
कसबा ओयल में निर्माणाधीन 1.80 करोड़ की लागत से ट्रामा सेंटर का निर्माण हो रहा है। अभी तक सड़क हादसे के शिकार मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार नहीं हो पाता। लोग लखनऊ लेकर भागते थे। कई गंभीर मरीजों की रास्ते में मौत हो जाती थी। ट्रामा सेंटर शुरू उन्हें यहीं समय से इलाज मिल सकेगा।
क्षय रोगियों को मिलेगा बेहतर इलाज
अगले वर्ष गंभीर टीबी रोगियों को भी बेहतर इलाज मिलने लगेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जिला अस्पताल में इनके लिए एक अलग से 15 बेड का वार्ड बनेगा, जिसमें पंाच बेड महिलाओं के होंगे।
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बुजुर्गों के लिए अलग व्यवस्था
एनसीडी प्रोग्राम के तहत जिला अस्पताल में जेरेएटिक वार्ड एवं कार्डियक केयर सेंटर बनेगा, जिससे बीमार बुजुर्गों को भर्ती करके उनकी अच्छी तरह से देखभाल हो सके। साथ ही कार्डियोलॉजिस्ट सहित अन्य स्टाफ की भी अलग से तैनाती की जाएगी।
महिला अस्पताल की हालत सुधरेगी
लखीमपुर खीरी। साल 2016 महिलाओं की सेहत को लेकर काफी कुुछ ठीक रहा। जिला महिला अस्पताल को प्रशासनिक भवन 50 शैया वार्ड एवं एसएनबीसीयू (सिक न्यू बॉर्न केयर यूनटि) की सौगात मिली। हांलाकि अस्पताल में पूरे साल स्टाफ और संसाधनों का अभाव रहा। उम्मीद है कि नए साल में स्टाफ की कमी दूर होगी और एसएनबीसीयू का संचालन ठीक होगा।
एसी शव वाहनों को भी मिल जाएंगे चालक
मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने की तर्ज पर शासन ने लोगों को शव ले जाने के लिए जिला अस्पताल में दो एसी शव वाहनों की सौगात दी थी, लेकिन शासन की ओर से न तो पर्याप्त बजट दिया गया और न ही इन्हें चालक मिल पाए। अब नये साल में इन वाहनों को चालक मिलने की उम्मीद है।
नहीं खुल सका अटल विश्राम गृह का ताला
मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के रूकने के लिए कार्डियोलॉजिस्ट के पास में अटल विश्राम गृह का निर्माण कराया गया था, जिसका उद्घाटन खीरी सांसद अजय मिश्रा टेनी ने किया था, लेकिन मरीजों का दुर्भाग्य कहें या फिर अस्पताल प्रशासन की उदासीनता। विश्राम गृह बनने के बाद भी मरीजों के तीमारदार इस ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हैं।
मरीजों को मिलेगी सुविधा
बीते साल में जिला अस्पताल की कई योजनाओं की शुरुआत हुई, जो साल 2017 में पूरी हो जाएंगी। इससे मरीजो को सुविधा मिलेगी और इलाज भी सुगम होगा। डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों से निजात दिलाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
डॉ जावेद अहमद, सीएमओ।
स्त्री रोग विशेषज्ञों की हो तैनाती
महिला को अच्छी चिकित्सीय सुविधा दिए जाने के लिए जिला महिला अस्पताल में बेड़ों की संख्या के साथ ही संशाधन बढ़ाए जाए, जिससे महिलाओं को जिले पर ही बेहतर इलाज मिल सके और उन्हें रेफर करने की नौबत न आए।
सुमित्रा यादव, समाजसेवी एवं अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति
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चालू होगा ट्रामा सेंटर
कसबा ओयल में निर्माणाधीन 1.80 करोड़ की लागत से ट्रामा सेंटर का निर्माण हो रहा है। अभी तक सड़क हादसे के शिकार मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार नहीं हो पाता। लोग लखनऊ लेकर भागते थे। कई गंभीर मरीजों की रास्ते में मौत हो जाती थी। ट्रामा सेंटर शुरू उन्हें यहीं समय से इलाज मिल सकेगा।
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क्षय रोगियों को मिलेगा बेहतर इलाज
अगले वर्ष गंभीर टीबी रोगियों को भी बेहतर इलाज मिलने लगेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जिला अस्पताल में इनके लिए एक अलग से 15 बेड का वार्ड बनेगा, जिसमें पंाच बेड महिलाओं के होंगे।
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बुजुर्गों के लिए अलग व्यवस्था
एनसीडी प्रोग्राम के तहत जिला अस्पताल में जेरेएटिक वार्ड एवं कार्डियक केयर सेंटर बनेगा, जिससे बीमार बुजुर्गों को भर्ती करके उनकी अच्छी तरह से देखभाल हो सके। साथ ही कार्डियोलॉजिस्ट सहित अन्य स्टाफ की भी अलग से तैनाती की जाएगी।
महिला अस्पताल की हालत सुधरेगी
लखीमपुर खीरी। साल 2016 महिलाओं की सेहत को लेकर काफी कुुछ ठीक रहा। जिला महिला अस्पताल को प्रशासनिक भवन 50 शैया वार्ड एवं एसएनबीसीयू (सिक न्यू बॉर्न केयर यूनटि) की सौगात मिली। हांलाकि अस्पताल में पूरे साल स्टाफ और संसाधनों का अभाव रहा। उम्मीद है कि नए साल में स्टाफ की कमी दूर होगी और एसएनबीसीयू का संचालन ठीक होगा।
एसी शव वाहनों को भी मिल जाएंगे चालक
मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने की तर्ज पर शासन ने लोगों को शव ले जाने के लिए जिला अस्पताल में दो एसी शव वाहनों की सौगात दी थी, लेकिन शासन की ओर से न तो पर्याप्त बजट दिया गया और न ही इन्हें चालक मिल पाए। अब नये साल में इन वाहनों को चालक मिलने की उम्मीद है।
नहीं खुल सका अटल विश्राम गृह का ताला
मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के रूकने के लिए कार्डियोलॉजिस्ट के पास में अटल विश्राम गृह का निर्माण कराया गया था, जिसका उद्घाटन खीरी सांसद अजय मिश्रा टेनी ने किया था, लेकिन मरीजों का दुर्भाग्य कहें या फिर अस्पताल प्रशासन की उदासीनता। विश्राम गृह बनने के बाद भी मरीजों के तीमारदार इस ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हैं।
मरीजों को मिलेगी सुविधा
बीते साल में जिला अस्पताल की कई योजनाओं की शुरुआत हुई, जो साल 2017 में पूरी हो जाएंगी। इससे मरीजो को सुविधा मिलेगी और इलाज भी सुगम होगा। डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों से निजात दिलाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
डॉ जावेद अहमद, सीएमओ।
स्त्री रोग विशेषज्ञों की हो तैनाती
महिला को अच्छी चिकित्सीय सुविधा दिए जाने के लिए जिला महिला अस्पताल में बेड़ों की संख्या के साथ ही संशाधन बढ़ाए जाए, जिससे महिलाओं को जिले पर ही बेहतर इलाज मिल सके और उन्हें रेफर करने की नौबत न आए।
सुमित्रा यादव, समाजसेवी एवं अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति