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सऊदी जेल में दो माह से बंद हैं चाचा और भतीजा
अमर उजाला ब्यूरो/महेवागंज खीरी।
Updated Tue, 26 Apr 2016 11:30 PM IST
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रिहाई के लिए जेल मंत्री से परिवार लगा चुका फरियाद, मिला है मदद का आश्वासन
सऊदी अरब की जेल में बंद जिले के दो युवा मजदूरों की सकुशल घर वापसी के लिए परिवार वाले करीब दो माह से अधिकारियों की चौखट पर चक्कर लगा रहे हैं। अब थक हार कर प्रदेश के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से फरियाद की है। कबीना मंत्री ने पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दिलाया है।
फूलबेहड़ क्षेत्र के गोपालापुर गांव निवासी शंभूदयाल और उसका भतीजा अवधेश इन दिनों मक्का के जद्दा सफर जेल मे बंद हैं। इन्हें कुछ जालसाजों ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर सऊदी भेज दिया था। यहां पहुंचने पर दोनों को ठगी का एहसास हुआ। पेट पालने के लिए मजदूरी करनी पड़ी, और इस दौरान यातनाएं भी सहीं। परिवारवाले बताते हैं जब पानी सिर से ऊपर हो गया तो दोनों ने पुलिस की शरण ली। जहां पुलिस ने इन्हें अवैध वीजा के इस्तेमाल पर जेल में डाल दिया। बात करीब दो माह पुरानी बताई जाती है।
पकड़ में आने के बाद कारागार पुलिस ने दोनों युवकों के संबंध में परिवारवालों को जानकारी दी, तब परिवार वालों को भी ठगी का अहसास हुआ। परिवार में अवधेश की पत्नी कमला मायके सीवान चली गई। जबकि शंभू की पत्नी मंजू अपने बच्चों के साथ ससुराल मे रहकर पति की सकुशल घर वापसी की बाट जोह रही है।
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छह बेटियों में इकलौते पुत्र अवधेश और भाई की सकुशल वापसी के लिए रामनक्षत्र ने अधिकारियों से गुहार की। दो दिन पहले प्रदेश के करागार मंत्री से भी पीड़ित परिवार गुहार लगा चुका है। मंत्री ने उन्हें मदद का भरोसा दिया है।
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तो ऐसे पहुंचे विदेश
सऊदी की जेल में बंद शंभू का मंझला भाई रामसहाय राजगीरी का काम करता है। रामसहाय के मुताबिक करीब दो साल पहले लखीमपुर में काम के दौरान उसे कुछ युवक मिले और उन्होंने विदेश में नौकरी दिलाने का वादा किया था। यह बात उसने घरवालों को बताई। इस पर उसका भाई शंभू और भतीजा अवधेश राजी हो गए थे। अवधेश के पिता रामनक्षत्र की माने तो जालसाजों ने वीजा आदि के नाम पर करीब दो लाख रुपये भी ठग लिए।
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भाई की देखादेखी गए विदेश
सुंदरवल। गोपालापुर निवासी रामनक्षत्र का बेटा अवधेश और भाई शंभू भले ही सऊदी अरब की जेल में बंद हैं पर रामनक्षत्र का तीसरे नंबर का भाई गोरखनाथ दुबई में नौकरी कर रहा है। रामनक्षत्र के मुताबिक वह 2015 में दुबई गया था। वहां वह सकुशल है और उसे किसी दूसरे एजेंट ने विदेश जाने में मदद की।
मुझे पीड़ित परिवार ने जानकारी दी है। हर संभव मदद के प्रयास किए जाएंगे।
-बलवंत सिंह रामूवालिया, कारागार मंत्री, उत्तर प्रदेश
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सऊदी अरब की जेल में बंद जिले के दो युवा मजदूरों की सकुशल घर वापसी के लिए परिवार वाले करीब दो माह से अधिकारियों की चौखट पर चक्कर लगा रहे हैं। अब थक हार कर प्रदेश के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से फरियाद की है। कबीना मंत्री ने पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दिलाया है।
फूलबेहड़ क्षेत्र के गोपालापुर गांव निवासी शंभूदयाल और उसका भतीजा अवधेश इन दिनों मक्का के जद्दा सफर जेल मे बंद हैं। इन्हें कुछ जालसाजों ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर सऊदी भेज दिया था। यहां पहुंचने पर दोनों को ठगी का एहसास हुआ। पेट पालने के लिए मजदूरी करनी पड़ी, और इस दौरान यातनाएं भी सहीं। परिवारवाले बताते हैं जब पानी सिर से ऊपर हो गया तो दोनों ने पुलिस की शरण ली। जहां पुलिस ने इन्हें अवैध वीजा के इस्तेमाल पर जेल में डाल दिया। बात करीब दो माह पुरानी बताई जाती है।
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पकड़ में आने के बाद कारागार पुलिस ने दोनों युवकों के संबंध में परिवारवालों को जानकारी दी, तब परिवार वालों को भी ठगी का अहसास हुआ। परिवार में अवधेश की पत्नी कमला मायके सीवान चली गई। जबकि शंभू की पत्नी मंजू अपने बच्चों के साथ ससुराल मे रहकर पति की सकुशल घर वापसी की बाट जोह रही है।
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छह बेटियों में इकलौते पुत्र अवधेश और भाई की सकुशल वापसी के लिए रामनक्षत्र ने अधिकारियों से गुहार की। दो दिन पहले प्रदेश के करागार मंत्री से भी पीड़ित परिवार गुहार लगा चुका है। मंत्री ने उन्हें मदद का भरोसा दिया है।
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तो ऐसे पहुंचे विदेश
सऊदी की जेल में बंद शंभू का मंझला भाई रामसहाय राजगीरी का काम करता है। रामसहाय के मुताबिक करीब दो साल पहले लखीमपुर में काम के दौरान उसे कुछ युवक मिले और उन्होंने विदेश में नौकरी दिलाने का वादा किया था। यह बात उसने घरवालों को बताई। इस पर उसका भाई शंभू और भतीजा अवधेश राजी हो गए थे। अवधेश के पिता रामनक्षत्र की माने तो जालसाजों ने वीजा आदि के नाम पर करीब दो लाख रुपये भी ठग लिए।
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भाई की देखादेखी गए विदेश
सुंदरवल। गोपालापुर निवासी रामनक्षत्र का बेटा अवधेश और भाई शंभू भले ही सऊदी अरब की जेल में बंद हैं पर रामनक्षत्र का तीसरे नंबर का भाई गोरखनाथ दुबई में नौकरी कर रहा है। रामनक्षत्र के मुताबिक वह 2015 में दुबई गया था। वहां वह सकुशल है और उसे किसी दूसरे एजेंट ने विदेश जाने में मदद की।
मुझे पीड़ित परिवार ने जानकारी दी है। हर संभव मदद के प्रयास किए जाएंगे।
-बलवंत सिंह रामूवालिया, कारागार मंत्री, उत्तर प्रदेश