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तीन की मौत से गांव में मातमी सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
Updated Mon, 17 Oct 2016 12:00 AM IST
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killed
- फोटो : amar ujala
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सीतापुर में हुए हादसे में ट्रक ने चारपाई पर बैठे पांच लोगों को रौंदा
मृतकों के कंधे पर थी परिवार की जिम्मेदारी
लखनऊ रोड पर सिंधौली के पास ट्रक ने चारपाई पर बैठे गांव रमुआपुर निवासी पांच मजदूरों को रौंद दिया, जिससे दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मजदूर की लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में गांव के ही पांच में से तीन मजदूरों की मौत की सूचना जब मिली तो लोग स्तब्ध रह गए। मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। कुछ ही देर में गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।
ग्राम रमुआपुर निवासी 24 वर्षीय अखिलेश कुमार, 22 वर्षीय पंकज कुमार, 21 वर्षीय अर्जुन, 22 वर्षीय किशोरी, 20 वर्षीय मुन्ना और बिझौली निवासी गोविंद सिंह यह सभी लोग प्राइवेट टेलीकॉम कंपनी की पाइप लाइन डालने का काम करते थे। रोज की तरह काम पूरा करके अपने रुकने के स्थान गढ़िया हसनपुर में सड़क के किनारे कुल्ला मंजन कर रहे थे। इस दौरान पंकज, अखिलेश चारपाई पर बैठे चाय पी रहे थे, तभी अचानक पीछे से आई केले से भरे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे चारपाई पर बैठे अखिलेश और पंकज के ऊपर ट्रक का पहिया चढ़ गया। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ट्रक की टक्कर से ट्रॉली में बैठे अर्जुन, किशोरी, मुन्नालाल और गोविंद सिंह घायल हो गए। उपचार के दौरान लखनऊ में मुन्नालाल की भी मौत हो गई। हादसे की सूचना जब गांव पहुंची तो लोग स्तब्ध रह गए। मृतकों के घरों पर कोहराम मच गया। गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। तीनों युवक अपने परिवार के कमाऊ बेटे थे, जो मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। काफी मिलनसार होने के कारण गांव का हर व्यक्ति उनकी मौत पर शोक में डूबा है। मृतकों के परिवार पर तो गमों का पहाड़ ही टूट पड़ा है।
गर्भवती पत्नी का रो- रोकर बुरा हाल
गोला गोकर्णनाथ। सड़क दुर्घटना में मारे गए पंकज कुमार की गर्भवती पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है। पंकज की दो वर्ष पहले शादी हुई थी। परिवार वालों के अनुसार एक माह में ही संतान की डिलीवरी होनी है। जिस बच्चे ने अभी आंखे भी नहीं खोली थी उससे पहले ही दुनियां में आने वाले बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया है। गर्भवती बदहवास पत्नी की दशा देखकर हर कोई विधाता को कोस रहा है।
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मृतकों के कंधे पर थी परिवार की जिम्मेदारी
लखनऊ रोड पर सिंधौली के पास ट्रक ने चारपाई पर बैठे गांव रमुआपुर निवासी पांच मजदूरों को रौंद दिया, जिससे दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मजदूर की लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में गांव के ही पांच में से तीन मजदूरों की मौत की सूचना जब मिली तो लोग स्तब्ध रह गए। मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। कुछ ही देर में गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।
ग्राम रमुआपुर निवासी 24 वर्षीय अखिलेश कुमार, 22 वर्षीय पंकज कुमार, 21 वर्षीय अर्जुन, 22 वर्षीय किशोरी, 20 वर्षीय मुन्ना और बिझौली निवासी गोविंद सिंह यह सभी लोग प्राइवेट टेलीकॉम कंपनी की पाइप लाइन डालने का काम करते थे। रोज की तरह काम पूरा करके अपने रुकने के स्थान गढ़िया हसनपुर में सड़क के किनारे कुल्ला मंजन कर रहे थे। इस दौरान पंकज, अखिलेश चारपाई पर बैठे चाय पी रहे थे, तभी अचानक पीछे से आई केले से भरे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे चारपाई पर बैठे अखिलेश और पंकज के ऊपर ट्रक का पहिया चढ़ गया। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ट्रक की टक्कर से ट्रॉली में बैठे अर्जुन, किशोरी, मुन्नालाल और गोविंद सिंह घायल हो गए। उपचार के दौरान लखनऊ में मुन्नालाल की भी मौत हो गई। हादसे की सूचना जब गांव पहुंची तो लोग स्तब्ध रह गए। मृतकों के घरों पर कोहराम मच गया। गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। तीनों युवक अपने परिवार के कमाऊ बेटे थे, जो मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। काफी मिलनसार होने के कारण गांव का हर व्यक्ति उनकी मौत पर शोक में डूबा है। मृतकों के परिवार पर तो गमों का पहाड़ ही टूट पड़ा है।
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गर्भवती पत्नी का रो- रोकर बुरा हाल
गोला गोकर्णनाथ। सड़क दुर्घटना में मारे गए पंकज कुमार की गर्भवती पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है। पंकज की दो वर्ष पहले शादी हुई थी। परिवार वालों के अनुसार एक माह में ही संतान की डिलीवरी होनी है। जिस बच्चे ने अभी आंखे भी नहीं खोली थी उससे पहले ही दुनियां में आने वाले बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया है। गर्भवती बदहवास पत्नी की दशा देखकर हर कोई विधाता को कोस रहा है।
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