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तीन सगे भाइयों को पांच वर्ष की कैद
लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 02 Jun 2015 07:20 PM IST
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मामूली कहासुनी पर दंपति को पीटकर मरणासन्न करने के मामले में अपर जिला जज एमजी मदार ने तीन सगे भाइयों को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने प्रत्येक पर आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता कफील अहमद अंसारी ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम अभयपुर निवासी उत्तम कुमार का बेटा हरीश नौ जनवरी 2011 की दोपहर घूरे पर शौच के लिए गया था। पड़ोस के ही विनोद कुमार ने ऐतराज जताते हुए उसे दौड़ा लिया था। उत्तम कुमार और विनोद की कहासुनी शुरू हो गई। इसी बीच विनोद के समर्थन में उसके भाई प्रमोद व संजय भी लाठियां लेकर आ गए और उत्तम को पीटने लगे। उत्तम की पत्नी सावित्री बचाने आई तो उसे भी हमलावरों ने पीट दिया। कई दिन तक इलाज के बाद दोनों की जिंदगी बच सकी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तम, सावित्री, प्रधान, डॉ. आरआर वर्मा, विवेचक आईपी रावत ने गवाही दर्ज कराई। वहीं बचाव पक्ष में प्रेमप्रकाश ने आरोपियों के पक्ष में गवाही दी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने हमलावर तीनों सगे भाईयों को दोषी पाकर पांच वर्ष के कठोर कारावास और आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि वसूली गई जुर्माने की रकम से 15 हजार रुपये का मुआवजा पीड़ित को दिलाया जाएगा।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता कफील अहमद अंसारी ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम अभयपुर निवासी उत्तम कुमार का बेटा हरीश नौ जनवरी 2011 की दोपहर घूरे पर शौच के लिए गया था। पड़ोस के ही विनोद कुमार ने ऐतराज जताते हुए उसे दौड़ा लिया था। उत्तम कुमार और विनोद की कहासुनी शुरू हो गई। इसी बीच विनोद के समर्थन में उसके भाई प्रमोद व संजय भी लाठियां लेकर आ गए और उत्तम को पीटने लगे। उत्तम की पत्नी सावित्री बचाने आई तो उसे भी हमलावरों ने पीट दिया। कई दिन तक इलाज के बाद दोनों की जिंदगी बच सकी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तम, सावित्री, प्रधान, डॉ. आरआर वर्मा, विवेचक आईपी रावत ने गवाही दर्ज कराई। वहीं बचाव पक्ष में प्रेमप्रकाश ने आरोपियों के पक्ष में गवाही दी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने हमलावर तीनों सगे भाईयों को दोषी पाकर पांच वर्ष के कठोर कारावास और आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि वसूली गई जुर्माने की रकम से 15 हजार रुपये का मुआवजा पीड़ित को दिलाया जाएगा।
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