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शाहजहांपुर में दुर्घटना में मैलानी के युवक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/मैलानी।
Updated Mon, 21 Mar 2016 11:45 PM IST
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हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर के पुवायां कोतवाली क्षेत्र में खुटार रोड पर हुए सड़क हादसे में मैलानी के कुरियानी गांव के एक युवक की मौत हो गई, जबकि इसी गांव के दो युवक घायल हो गए।
कुरियानी निवासी फैसल का 20 वर्षीय पुत्र सूरज काठगोदाम से घर वापस आ रहा था। शाहजहांपुर तक ट्रेन से आने के बाद शाहजहांपुर से वह अपने साथियों इंद्रजीत तथा मुरली के साथ प्रेस की गाड़ी से मैलानी आ रहा था। इसी बीच करीब साढ़े चार बजे के आसपास उसकी गाड़ी सामने से आ रही रोडवेज की एक बस से टकरा गई, जिसमें सूरज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथी कुरियानी निवासी इंद्रजीत पुत्र मुरली तथा महेंद्र पुत्र मलखान घायल हो गए। दोनों घायलों को बरेली में भर्ती कराया गया है। तड़के सूरज की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया। मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मातम में बदलीं होली की खुशियां
मैलानी। सूरज की मौत से उसके घर में होली की खुशियां मातम में बदल गई हैं। घरवालों ने बताया कि सूरज दीवाली मनाने के बाद कमाने के लिए काठगोदाम गया था और मजदूरी करके पैसा जमाकर वह होली का त्योहार मनाने के लिए घर आ रहा था। उसके आने का सभी बेसब्री और खुशी से इंतजार कर रहे थे, लेकिन सूरज तो घर नहीं लौटा, हां उसकी मौत की खबर जरूर घर आई। मौत की खबर मिलते ही सूरज के आने तथा होली की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। उसकी बूढ़ी मां तथा बहनों की आंखों के आंसू बंद नहीं हो रहे हैं।
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घर में सबसे छोटो था सूरज
मैलानी। सूरज चार भाई तथा तीन बहनों में सबसे छोटा था। अशोक, टिंकू, बंगाली उसके भाई हैं। पिता की मौत हो चुकी है। बूढ़ी मां कल्लू देवी अपने सबसे छोटे बेटे को असमय खोकर बेहाल हैं। रोते हुए बस एक ही बात कहती रहीं कि मेरा सूरज बड़ा लायक था। भगवान ने मेरा लाल छीन लिया।
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कुरियानी निवासी फैसल का 20 वर्षीय पुत्र सूरज काठगोदाम से घर वापस आ रहा था। शाहजहांपुर तक ट्रेन से आने के बाद शाहजहांपुर से वह अपने साथियों इंद्रजीत तथा मुरली के साथ प्रेस की गाड़ी से मैलानी आ रहा था। इसी बीच करीब साढ़े चार बजे के आसपास उसकी गाड़ी सामने से आ रही रोडवेज की एक बस से टकरा गई, जिसमें सूरज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथी कुरियानी निवासी इंद्रजीत पुत्र मुरली तथा महेंद्र पुत्र मलखान घायल हो गए। दोनों घायलों को बरेली में भर्ती कराया गया है। तड़के सूरज की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया। मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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मातम में बदलीं होली की खुशियां
मैलानी। सूरज की मौत से उसके घर में होली की खुशियां मातम में बदल गई हैं। घरवालों ने बताया कि सूरज दीवाली मनाने के बाद कमाने के लिए काठगोदाम गया था और मजदूरी करके पैसा जमाकर वह होली का त्योहार मनाने के लिए घर आ रहा था। उसके आने का सभी बेसब्री और खुशी से इंतजार कर रहे थे, लेकिन सूरज तो घर नहीं लौटा, हां उसकी मौत की खबर जरूर घर आई। मौत की खबर मिलते ही सूरज के आने तथा होली की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। उसकी बूढ़ी मां तथा बहनों की आंखों के आंसू बंद नहीं हो रहे हैं।
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घर में सबसे छोटो था सूरज
मैलानी। सूरज चार भाई तथा तीन बहनों में सबसे छोटा था। अशोक, टिंकू, बंगाली उसके भाई हैं। पिता की मौत हो चुकी है। बूढ़ी मां कल्लू देवी अपने सबसे छोटे बेटे को असमय खोकर बेहाल हैं। रोते हुए बस एक ही बात कहती रहीं कि मेरा सूरज बड़ा लायक था। भगवान ने मेरा लाल छीन लिया।