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तो बेटा ही निकला मां का कातिल 

Thu, 31 Mar 2016 11:14 PM IST
ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ।
ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ। Updated Thu, 31 Mar 2016 11:14 PM IST
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The son of a mother turned murderer
हत्या - फोटो : अमर उजाला
गोला में शिक्षिका भागीरथी हत्याकांड का खुलासा
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मकान और दुकान हथियाने के लिए बेटे ने रिश्ता किया तार-तार

रिटायरमेंट से दो दिन पूर्व हुई शिक्षिका भागीरथी की निर्मम हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है, जिसमें शिक्षिका का बड़ा बेटा ही कातिल निकला है। उसने मकान और दुकान हथियाने के लिए अपनी मां की निर्दयता से हत्या कर दी है। पुलिस ने आला कत्ल सिलबट्टा बरामद कर हत्यारोपी का चालान भेज दिया है।
मोहम्मदी रोड स्थित मोहल्ला मुन्नूगंज निवासी लोने सिंह प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक भागीरथी देवी की रिटायरमेंट से दो दिन पूर्व मंगलवार की रात को हत्या कर दी गई थी, जिनका रंक्तरंजित शव उनके बड़े बेटे के घर में मिला था। मृतका के पति नत्थूलाल ने घटना के बाद से ही अपने बड़े पुत्र जगत प्रसाद और उसकी पत्नी आशादेवी पर हत्या का आरोप लगाते हुए दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।  इस पर पुलिस ने आरोपी बेटे और उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो राज बेपर्दा होने लगे। पहले तो जगत प्रसाद बहाने बनाता रहा, लेकिन पुलिस की कड़ाई से वह टूट गया और उसने अपनी मां की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि मां और अपनी पत्नी, बच्चों के साथ मकान में रहता था, जहां मां उसे काफी तंग करती थीं। घर के कमरे एवं किचन में ताला डालकर विद्यालय चली जाती, जिससे पत्नी को बरामदे में सिलेंडर रखकर खाना बनाना पड़ता था। उसने कई बार मां से मकान में हिस्सा देने की बात भी कही, लेकिन उसे मानसिक कष्ट झेलने पड़े। इससे जगत प्रसाद ने मां को ठिकाने लगाने की योजना बना ली और सिलबट्टे से सिर कुचलकर उनकी हत्या कर दी।
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बड़ी बेरहमी से मारा अपनी मां को  
 मृतका शिक्षका भागीरथी देवी के पति रिटायर शिक्षक नत्थूलाल ने अक्रोशित होते हुए बताया क िकोई बेटा इतना बेरहम कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि जगत प्रसाद ने उनके सामने पुलिस को दिए बयान में कहा कि 29 मार्च की रात को उसका और मां भागीरथी देवी का मकान देने की बात को लेकर कहासुनी होने लगी। बात बढ़ने पर वह अपनी मां को ठिकाने लगाने की नियत से उनके सोने का इंतजार करने लगा। जब वह बरामदे में सो गई और उसने यह पक्का कर लिया कि वह गहरी नींद में हैं। तो वह उठा और बरामदे में रखे सिलबट्टे को उठाकर उनके सिर पर वार करने लगा। वह छटपटाकर बिस्तर से उठीं और बरामदें में गिर गई। वह उन्हें घसीटकर सिलबट्टे के पास ले गया और सिल पर सिर रखकर कूंचा। जब इत्मीनान हो गया कि भागीरथी मर गई हैं, तो वह मेन दरवाजे में ताला डालकर भाग गया। 
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भागीरथी कातिल बेटे को देती थीं तीन हजार रुपये प्रतिमाह 
शिक्षिका मां भागीरथी अपने बेटे जगत प्रसाद को पत्नी आशा देवी और तीन बच्चों सहित भरण पोषण के लिए तीन हजार रुपये प्रतिमाह देती थीं। इसके अलावा किराने की दुकान करवाई थी। उन्हें क्या पता था कि उनका वही बेटा एक दिन जायदाद की लालच में कत्ल कर देगा। 
 
कत्ल करना एक के बस की बात नहीं
मृतका के पति नत्थूलाल का आरोप है कि उनकी पत्नी मृतका भागीरथी भारी भरकम शरीर की थीं, जिनका कत्ल करना एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है। उन्होंने पत्नी के कत्ल में बड़े बेटे के साथ बहू के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने बिना विवेचना किए बहू को छोड़कर जगत प्रसाद का चालान भेजा है। उनका आरोप है कि कत्ल में उनके बेटे-बहू के साथ कोई और भी शामिल हो सकता है।

 
शिक्षिका के पति नत्थूलाल ने इस हत्या में जगत प्रसाद और उसकी पत्नी आशा देवी को नामजद किया है। अभी तक आशा के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। जगत प्रसाद को जेल भेज दिया गया है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और जो भी दोषी होगा जेल भेजा जाएगा।
अवनीश्वरचंद श्रीवास्तव, सीओ गोला
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