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थाने में पुलिस की नहीं विधायक की चली
अमर उजाला ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ (खीरी)।
Updated Sun, 11 Sep 2016 11:32 PM IST
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injured
- फोटो : amar ujala
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मारपीट करने वाले अपनों को छुड़ा ले गए, दरोगा को लाइन भिजवाया
होटल पर खाना खाने के दौरान दो पक्षों में हुआ था विवाद
दूसरे पक्ष से दो घायल लखनऊ रेफर, दो गिरफ्तार
होटल पर खाना खाने के दौरान दो पक्षों में हुई मारपीट के मामले में एक पक्ष ने विधायक विनय तिवारी को बुला लिया तो कोतवाली में भी रात काफी देर तक हंगामा होता रहा। सुबह विधायक तभी लौटे जब उन्होंने एसपी से कहकर एसएसआई देव सिंह यादव को लाइन हाजिर करा दिया। देव सिंह ने बहस करने पर एक लड़के को थप्पड़ जड़ दिया था। विधायक मारपीट करने वालों भी छुड़ा लाए जबकि मारपीट में गंभीर रूप घायल दूसरे पक्ष के दो लोग इलाज के लिए लखनऊ भेजे गए हैं और उनके दो साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार खुटार रोड स्थित प्रीत चिकन कार्नर पर थाना मैलानी के ऊषा फार्म निवासी सिमरनजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, रोनी सिंह और बूटा सिंह शनिवार की रात करीब साढे नौ बजे खाना खाने गए थे। होटल में दूसरे पक्ष के अनुराग गुप्ता, अनिल भूरी अपने पांच छह साथियों के साथ खाना खा रहे थे। किसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, फिर मारपीट होने लगी। अनुराग पक्ष के लोगों के पास पिस्टल भी थी। मारपीट में सिमरनजीत पक्ष के चारों लोग लहूलुहान हो गए। इसी बीच एसएसआई देव सिंह यादव पहुंच गए और दोनों पक्षों को थाने ले आए।
एसएसआई देव सिंह के अनुसार थाने में अनुराग और अनिल फिर सिमरनजीत से भिड़ने लगे। इस पर उन्होंने दोनों से कोतवाली की गरिमा बनाए रखने के लिए कहा। इस पर वह पुलिस से भिड़ गए और धमकी देते हुए विधायक विनय तिवारी को बुला लिया। बकौल एसएसआई, विधायक और उनके साथियों के कहने पर मामले की रिपोर्ट दर्ज की ली गई थी लेकिन वह नाराजगी जताते रहे। विधायक ने एसपी से भी वार्ता की और दरोगा पर अभद्रता का आरोप लगाया। एसपी ने एसएसआई को लाइन हाजिर कर दिया।
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पुलिस सूत्र बताते हैं कि करीब साढ़े 11 बजे कोतवाली पहुंचे विधायक तभी लौटे जब एसएसआाई को पुलिस लाइंस में आमद करने का फरमान सुना दिया गया। विधायक अपने साथ ही मारपीट करने वाले अनुराग और अनिल को भी ले गए जबकि पुलिस ने चोट खाए चारों सिख आरोपियों की सीएचसी में डॉक्टरी कराई जहां से मनप्रीत और रोनी की हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में इन दोनों को लखनऊ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने सिमरनजीत सिंह और बूटा सिंह को हिरासत में ले लिया।
अब कोतवाल और सीओ चुप
मामला सत्ता पक्ष के विधायक से जुड़ा होने के कारण कोतवाल अशोक कुमार पांडे और सीओ अनुराग दर्शन ने मामले में कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं। दोनों ने कहा कि उच्चाधिकारियों से पूछ लो।
विधायक ने फोन कर लिया बंद
कोतवाली में हुए हंगामे की बाबत विधायक विनय तिवारी का पक्ष जानने की कोशिश देर रात तक की जाती रही, लेकिन दिन भर वह अपना फोन काटते रहे, जबकि शाम होते ही उनका फोन बंद हो गया। इससे उनका पक्ष नहीं मिल सका।
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होटल पर खाना खाने के दौरान दो पक्षों में हुआ था विवाद
दूसरे पक्ष से दो घायल लखनऊ रेफर, दो गिरफ्तार
होटल पर खाना खाने के दौरान दो पक्षों में हुई मारपीट के मामले में एक पक्ष ने विधायक विनय तिवारी को बुला लिया तो कोतवाली में भी रात काफी देर तक हंगामा होता रहा। सुबह विधायक तभी लौटे जब उन्होंने एसपी से कहकर एसएसआई देव सिंह यादव को लाइन हाजिर करा दिया। देव सिंह ने बहस करने पर एक लड़के को थप्पड़ जड़ दिया था। विधायक मारपीट करने वालों भी छुड़ा लाए जबकि मारपीट में गंभीर रूप घायल दूसरे पक्ष के दो लोग इलाज के लिए लखनऊ भेजे गए हैं और उनके दो साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार खुटार रोड स्थित प्रीत चिकन कार्नर पर थाना मैलानी के ऊषा फार्म निवासी सिमरनजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, रोनी सिंह और बूटा सिंह शनिवार की रात करीब साढे नौ बजे खाना खाने गए थे। होटल में दूसरे पक्ष के अनुराग गुप्ता, अनिल भूरी अपने पांच छह साथियों के साथ खाना खा रहे थे। किसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, फिर मारपीट होने लगी। अनुराग पक्ष के लोगों के पास पिस्टल भी थी। मारपीट में सिमरनजीत पक्ष के चारों लोग लहूलुहान हो गए। इसी बीच एसएसआई देव सिंह यादव पहुंच गए और दोनों पक्षों को थाने ले आए।
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एसएसआई देव सिंह के अनुसार थाने में अनुराग और अनिल फिर सिमरनजीत से भिड़ने लगे। इस पर उन्होंने दोनों से कोतवाली की गरिमा बनाए रखने के लिए कहा। इस पर वह पुलिस से भिड़ गए और धमकी देते हुए विधायक विनय तिवारी को बुला लिया। बकौल एसएसआई, विधायक और उनके साथियों के कहने पर मामले की रिपोर्ट दर्ज की ली गई थी लेकिन वह नाराजगी जताते रहे। विधायक ने एसपी से भी वार्ता की और दरोगा पर अभद्रता का आरोप लगाया। एसपी ने एसएसआई को लाइन हाजिर कर दिया।
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पुलिस सूत्र बताते हैं कि करीब साढ़े 11 बजे कोतवाली पहुंचे विधायक तभी लौटे जब एसएसआाई को पुलिस लाइंस में आमद करने का फरमान सुना दिया गया। विधायक अपने साथ ही मारपीट करने वाले अनुराग और अनिल को भी ले गए जबकि पुलिस ने चोट खाए चारों सिख आरोपियों की सीएचसी में डॉक्टरी कराई जहां से मनप्रीत और रोनी की हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में इन दोनों को लखनऊ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने सिमरनजीत सिंह और बूटा सिंह को हिरासत में ले लिया।
अब कोतवाल और सीओ चुप
मामला सत्ता पक्ष के विधायक से जुड़ा होने के कारण कोतवाल अशोक कुमार पांडे और सीओ अनुराग दर्शन ने मामले में कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं। दोनों ने कहा कि उच्चाधिकारियों से पूछ लो।
विधायक ने फोन कर लिया बंद
कोतवाली में हुए हंगामे की बाबत विधायक विनय तिवारी का पक्ष जानने की कोशिश देर रात तक की जाती रही, लेकिन दिन भर वह अपना फोन काटते रहे, जबकि शाम होते ही उनका फोन बंद हो गया। इससे उनका पक्ष नहीं मिल सका।