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शवों का पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 14 Jun 2015 11:14 PM IST
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पसगवां क्षेत्र में शाहजहांपुर-मोहम्मदी मार्ग पर मछेछा गांव के पास क्वालिस और ऑल्टो कार में हुई टक्कर में पांच लोगों की शनिवार को मौत हो गई थी, जिसके दूसरे दिन पैतृक गांवों में शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि इस हादसे में मोहल्ला कीरतनगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रामचंद्र तिवारी के बेटे राकेश तिवारी, उनकी पत्नी सीमा तिवारी, छह माह के बेटे प्रभु, रामखेलावन और सरस्वती उर्फ सुरसता की मौत हो गई थी। तीन शवों का शाहजहांपुर में पोस्टमार्टम किया गया जबकि दो शवों का रात में ही लखीमपुर में पोस्टमार्टम हुआ था। सरस्वती के शव का उनके पैतृक गांव भदफर जिला सीतापुर में अंतिम संस्कार किया गया। जबकि राकेश तिवारी, सीमा, प्रभु और रामखेलावन के शवों का नकहा क्षेत्र के गांव परसा में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान माहौल काफी गमगीन था। पीड़ित परिवारों में मातम छाया रहा। अंतिम संस्कार में तमाम लोग शामिल हुए और शोक संवेदनाएं व्यक्त कर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया है।
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बता दें कि इस हादसे में मोहल्ला कीरतनगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रामचंद्र तिवारी के बेटे राकेश तिवारी, उनकी पत्नी सीमा तिवारी, छह माह के बेटे प्रभु, रामखेलावन और सरस्वती उर्फ सुरसता की मौत हो गई थी। तीन शवों का शाहजहांपुर में पोस्टमार्टम किया गया जबकि दो शवों का रात में ही लखीमपुर में पोस्टमार्टम हुआ था। सरस्वती के शव का उनके पैतृक गांव भदफर जिला सीतापुर में अंतिम संस्कार किया गया। जबकि राकेश तिवारी, सीमा, प्रभु और रामखेलावन के शवों का नकहा क्षेत्र के गांव परसा में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान माहौल काफी गमगीन था। पीड़ित परिवारों में मातम छाया रहा। अंतिम संस्कार में तमाम लोग शामिल हुए और शोक संवेदनाएं व्यक्त कर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया है।
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