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गाली देने के विवाद में हुई सलामत की हत्या
चंदनचौकी
Updated Tue, 17 Nov 2015 10:35 PM IST
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निघासन कोतवाली क्षेत्र के गांव मुंशीगढ़ मजरा चखरा निवासी सलामत की हत्या मामूली विवाद में शराब के नशे में धुत साथियों ने ही कर दी थी। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर उनकी निशान देही पर आला कत्ल भी बरामद कर लिया है। पुलिस का दावा है कि साथियों ने पहले शराब पी, जिसके हुए विवाद में नशे में दो लोगों ने उसकी हत्या करने की बात कबूली है।
निघासन कोतवाली क्षेत्र के गांव मुंशीगढ़ मजरा चखरा निवासी नब्बू शाह का पुत्र सलामत शाह और शातिम शाह पड़ोसी देश नेपाल अपने साथियों के साथ खेल तमाशा दिखाने गए थे। जहां से वह 11 नवंबर को शाम छह बजे लौट रहे थे। भारतीय आदिवासी थारू जनजाति क्षेत्र के गांव बंदर भरारी के नजदीक उसके साथी शातिम के मुताबिक दो लोगों ने उसको गन्ना से पीटा जिससे वह बेहोश हो गया और जब उसे होश आया तो सलामत गायब था। 12 नवंबर को सलामत के कपड़ेे खून से लथपथ वहीं पास में खेत में मिले थे।
इसी से किसी अनहोनी की संभावनाएं प्रबल हो गईं थीं। शुक्रवार को गन्ने के खेत से पुलिस ने लाश बरामद कर ली। मृतक के बड़े भाई कलीम की तहरीर पर पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को पुलिस ने बंदरभरारी के निवासी आदिवासी थारू जनजाति के रामसरन पुत्र शंकर और शेरू पुत्र परदेसू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक उसकी हत्या दोनों ने कबूल करते हुए उसे बताया है कि चारों ने एक साथ नेपाल के गांव में शराब पी थी और फिर वहां से लौट रहे थे। यहां जाति सूचक शब्द को लेकर विवाद हो गया और उसी में उसकी उन्होंने हंसिया से हत्या कर दी थी।
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निघासन कोतवाली क्षेत्र के गांव मुंशीगढ़ मजरा चखरा निवासी नब्बू शाह का पुत्र सलामत शाह और शातिम शाह पड़ोसी देश नेपाल अपने साथियों के साथ खेल तमाशा दिखाने गए थे। जहां से वह 11 नवंबर को शाम छह बजे लौट रहे थे। भारतीय आदिवासी थारू जनजाति क्षेत्र के गांव बंदर भरारी के नजदीक उसके साथी शातिम के मुताबिक दो लोगों ने उसको गन्ना से पीटा जिससे वह बेहोश हो गया और जब उसे होश आया तो सलामत गायब था। 12 नवंबर को सलामत के कपड़ेे खून से लथपथ वहीं पास में खेत में मिले थे।
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इसी से किसी अनहोनी की संभावनाएं प्रबल हो गईं थीं। शुक्रवार को गन्ने के खेत से पुलिस ने लाश बरामद कर ली। मृतक के बड़े भाई कलीम की तहरीर पर पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को पुलिस ने बंदरभरारी के निवासी आदिवासी थारू जनजाति के रामसरन पुत्र शंकर और शेरू पुत्र परदेसू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक उसकी हत्या दोनों ने कबूल करते हुए उसे बताया है कि चारों ने एक साथ नेपाल के गांव में शराब पी थी और फिर वहां से लौट रहे थे। यहां जाति सूचक शब्द को लेकर विवाद हो गया और उसी में उसकी उन्होंने हंसिया से हत्या कर दी थी।
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