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दिल का दौरा पड़ने से सिपाही की मौत
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी/सिकन्द्राबाद।
Updated Tue, 15 Nov 2016 12:32 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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- एसपी समेत अन्य अफसरों ने जताई संवेदना
- अंतिम सलामी देकर शव को दी विदाई
थाना नीमगांव में तैनात सिपाही 45 वर्षीय दीपेंद्र सिंह की हृदयाघात से मौत हो गई। सोमवार की सुबह उनके छाती में तेज दर्द उठा। आननफानन में एसओ आलोकमणि त्रिपाठी और सिपाही मनोज उन्हें जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टर ने दीपेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस लाइंस की आवासीय कालोनी में रहने वाले परिवार में कोहराम मच गया। एसपी, एएसपी और सीओ सिटी दीपेंद्र के आवास पर पहुंचे। परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद अफसरों ने कंधा लगाकर शव को गृह जनपद रवाना किया। लखनऊ के थाना इटौंजा क्षेत्र के गांव शीतलपुरवा निवासी दीपेंद्र सिंह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े भाई दिनेश सिंह और धर्मेंद्र सिंह गांव में रहते हैं, जबकि मंझले भाई महेंद्र सिंह थाना निघासन में सिपाही पद पर तैनात है। मृतक अपने पीछे 15 वर्षीय पुत्र देवा, 17 वर्षीय पुत्री दीक्षा और पत्नी सुषमा सिंह को छोड़ गए हैं।
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- अंतिम सलामी देकर शव को दी विदाई
थाना नीमगांव में तैनात सिपाही 45 वर्षीय दीपेंद्र सिंह की हृदयाघात से मौत हो गई। सोमवार की सुबह उनके छाती में तेज दर्द उठा। आननफानन में एसओ आलोकमणि त्रिपाठी और सिपाही मनोज उन्हें जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टर ने दीपेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस लाइंस की आवासीय कालोनी में रहने वाले परिवार में कोहराम मच गया। एसपी, एएसपी और सीओ सिटी दीपेंद्र के आवास पर पहुंचे। परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद अफसरों ने कंधा लगाकर शव को गृह जनपद रवाना किया। लखनऊ के थाना इटौंजा क्षेत्र के गांव शीतलपुरवा निवासी दीपेंद्र सिंह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े भाई दिनेश सिंह और धर्मेंद्र सिंह गांव में रहते हैं, जबकि मंझले भाई महेंद्र सिंह थाना निघासन में सिपाही पद पर तैनात है। मृतक अपने पीछे 15 वर्षीय पुत्र देवा, 17 वर्षीय पुत्री दीक्षा और पत्नी सुषमा सिंह को छोड़ गए हैं।
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