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एसएसबी एसआई दीप सिंह सोडा हत्याकांड का खुलासा
ब्यूरो/अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:06 PM IST
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एसएसबी एसआई दीप सिंह
सोडा हत्याकांड का खुलासा
तस्करी पर कार्रवाई से नाराज तस्करों ने दिया था हत्या को अंजाम
हाकी से चेहरे पर किया था प्रहार, दो लोग गिरफ्तार
पलियाकलां। सात जनवरी 2016 को भारत नेपाल सीमा के कजरिया कैंप में तैनात एसएसबी एसआई दीप सिंह सोडा की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसआई की पूर्व की तैनाती में की गई धर-पकड़ और कजरिया में तैनाती के बाद तस्करी में बाधक बनने से नाराज दो स्थानीय तस्करों ने उनकी हाकी से मुंह पर प्रहार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
भारत-नेपाल सीमा से महज करीब चार किलोमीटर पहले स्थित एसएसबी 39 वीं वाहिनी की कजरिया बीओपी में तैैनात 49 वर्षीय एसआई दीप सिंह सोडा पुत्र लक्ष्मण सिंह सात जनवरी को सुबह करीब पांच बजे पीटी ड्रेस में मार्निंग वाक को निकले थेे। बाद में सुबह 6.30 बजे सीमा से गश्त कर लौट रही एसएसबी टीम के जवानों ने कजरिया गांव के पास एक मैदान में उनका शव पड़ा देखा था। जवानों ने फौरन ही एसएसबी मुख्यालय और बीओपी को फोन से इसकी जानकारी दी थी। जिस पर कमांडेंट वीएस सिद्धू समेत कई एसएसबी अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। उनके मुंह पर किसी वस्तु से प्रहार किया गया था और नाक से खूब बह रहा था। पोस्टमार्टम में भी प्रहार की पुष्टि हुई थी। इस घटना से एसएसबी और पुलिस दोनों ही परेशान थे। अंदेशा जताया जा रहा था कि स्थानीय तस्करों ने उनकी हत्या की लेकिन सुबूत नहीं मिल पा रहे थे। इसमें एसएसबी तो सहयोग दे ही रही थी साथ ही नेपाल पुलिस से भी सहयोग मांगा गया। आखिर में मेहनत रंग लाई और पुलिस इसके खुलासे के करीब जा पहुंची। उसने मंगलवार की सुबह आदिवासी थारू जनजाति के गांव बनकटी निवासी जय बहादुर राना और यहीं के रमेश राना को गिरफ्तार कर लिया। गौरीफंटा कोतवाल कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि वह खुलासे के काफी करीब पहले ही पहुंच गए थे लेकिन इसी बीच उनका स्थानांतरण हो गया था। जब उनको यहां फिर तैनाती दी गई तो वह फिर इसी मामले में लग गए। उनके मुताबिक पकड़े गए लोगों ने बताया है कि एसएसबी एसआई दीप सिंह की कजरिया से पूर्व में बनकटी में तैनाती थी उस दौरान उन्होंने उनके लाखों रुपये के तस्करी का माल और बाइक सीज कर दी थी। इससे उनमें नाराजगी थी एक बार उन्होंने और उनको घेरा था लेकिन वह बच निकले थे। उन्होंने तस्करी का मार्ग बदलकर कजरिया इलाके की ओर कर लिया लेकिन यहां फिर एसआई सोडा की तैनाती हो गई और वह तस्करी में बाधक बनने लगे। इसको देखते हुए उन्होंने हमेशा के लिए उनका किस्सा खत्म करने का प्लान बना लिया और सात जनवरी के सुबह अकेला पाकर हाकी से मुंह पर वार किया। जिसमें उनकी मौत हो गई और वह लोग फरार हो गए। कोतवाल ने बताया कि आला कत्ल हाकी को जंगल से बरामद कर लिया गया है। इस हत्याकांड के खुलासे में सीओ एलडी भारती का भी विशेष योगदान रहा है। फिलहाल हत्याकांड के खुलासे से एसएसबी और पुलिस दोनो ने ही राहत की सांस ली है।
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सोडा हत्याकांड का खुलासा
तस्करी पर कार्रवाई से नाराज तस्करों ने दिया था हत्या को अंजाम
हाकी से चेहरे पर किया था प्रहार, दो लोग गिरफ्तार
पलियाकलां। सात जनवरी 2016 को भारत नेपाल सीमा के कजरिया कैंप में तैनात एसएसबी एसआई दीप सिंह सोडा की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसआई की पूर्व की तैनाती में की गई धर-पकड़ और कजरिया में तैनाती के बाद तस्करी में बाधक बनने से नाराज दो स्थानीय तस्करों ने उनकी हाकी से मुंह पर प्रहार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
भारत-नेपाल सीमा से महज करीब चार किलोमीटर पहले स्थित एसएसबी 39 वीं वाहिनी की कजरिया बीओपी में तैैनात 49 वर्षीय एसआई दीप सिंह सोडा पुत्र लक्ष्मण सिंह सात जनवरी को सुबह करीब पांच बजे पीटी ड्रेस में मार्निंग वाक को निकले थेे। बाद में सुबह 6.30 बजे सीमा से गश्त कर लौट रही एसएसबी टीम के जवानों ने कजरिया गांव के पास एक मैदान में उनका शव पड़ा देखा था। जवानों ने फौरन ही एसएसबी मुख्यालय और बीओपी को फोन से इसकी जानकारी दी थी। जिस पर कमांडेंट वीएस सिद्धू समेत कई एसएसबी अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। उनके मुंह पर किसी वस्तु से प्रहार किया गया था और नाक से खूब बह रहा था। पोस्टमार्टम में भी प्रहार की पुष्टि हुई थी। इस घटना से एसएसबी और पुलिस दोनों ही परेशान थे। अंदेशा जताया जा रहा था कि स्थानीय तस्करों ने उनकी हत्या की लेकिन सुबूत नहीं मिल पा रहे थे। इसमें एसएसबी तो सहयोग दे ही रही थी साथ ही नेपाल पुलिस से भी सहयोग मांगा गया। आखिर में मेहनत रंग लाई और पुलिस इसके खुलासे के करीब जा पहुंची। उसने मंगलवार की सुबह आदिवासी थारू जनजाति के गांव बनकटी निवासी जय बहादुर राना और यहीं के रमेश राना को गिरफ्तार कर लिया। गौरीफंटा कोतवाल कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि वह खुलासे के काफी करीब पहले ही पहुंच गए थे लेकिन इसी बीच उनका स्थानांतरण हो गया था। जब उनको यहां फिर तैनाती दी गई तो वह फिर इसी मामले में लग गए। उनके मुताबिक पकड़े गए लोगों ने बताया है कि एसएसबी एसआई दीप सिंह की कजरिया से पूर्व में बनकटी में तैनाती थी उस दौरान उन्होंने उनके लाखों रुपये के तस्करी का माल और बाइक सीज कर दी थी। इससे उनमें नाराजगी थी एक बार उन्होंने और उनको घेरा था लेकिन वह बच निकले थे। उन्होंने तस्करी का मार्ग बदलकर कजरिया इलाके की ओर कर लिया लेकिन यहां फिर एसआई सोडा की तैनाती हो गई और वह तस्करी में बाधक बनने लगे। इसको देखते हुए उन्होंने हमेशा के लिए उनका किस्सा खत्म करने का प्लान बना लिया और सात जनवरी के सुबह अकेला पाकर हाकी से मुंह पर वार किया। जिसमें उनकी मौत हो गई और वह लोग फरार हो गए। कोतवाल ने बताया कि आला कत्ल हाकी को जंगल से बरामद कर लिया गया है। इस हत्याकांड के खुलासे में सीओ एलडी भारती का भी विशेष योगदान रहा है। फिलहाल हत्याकांड के खुलासे से एसएसबी और पुलिस दोनो ने ही राहत की सांस ली है।
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