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गैंगरेप के सात दोषियों को दस-दस साल की कैद
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 13 Apr 2016 10:20 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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- छितौनिया कांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला
-कॉलेज के शिक्षक ने छह साथियों संग की थी घटना
-वीडियो क्लिपिंग भी बनाई थी, छात्रा ने लगा ली थी फांसी
सामूहिक दुराचार कर वीडियो क्लिपिंग बनाए जाने पर छात्रा के खुदकुशी कर लेने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) ने बुधवार को सात दोषियों को दस-दस साल की सजा सुनाई। करीब पांच साल पहले हुए इस बहुचर्चित छितौनिया कांड में जज नीलू मोघा ने सात दोषियों पर जुर्माना भी लगाया। गैंगरेप के आरोपियों में एक उसी कॉलेज का शिक्षक भी है, जिसमें छात्रा पढ़ती थी। बाकी छह उसके साथी हैं।
एडीजीसी निर्मल चौधरी ने कोर्ट में अभियोजन पक्ष रखा। इसके मुताबिक नीमगंाव थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी परसेहरा मदारपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री कुदुरतुल्ला इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। वर्ष 2011 में 10 जुलाई को जब वह स्कूल से लौट रही थी तो छितौनिया गांव के पास कॉलेज के ही शिक्षक मोहियद्दीन सहित सात लोगों ने छात्रा से दुराचार किया। आरोपियों ने किशोरी की वीडियो क्लिपिंग भी बनाई। पीड़ित छात्रा ने घर पहुंचकर बदनामी के डर से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
पुलिस ने मोहियद्दीन के साथी मकसूदुर्रहमान, दिलीप कुमार, धनंजय, रामनरायन, गुड्डू तथा अनूप वर्मा उर्फ अन्नू के खिलाफ दुराचार और खुदकुशी के लिए मजबूर करने के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन की ओर से परिजनों और पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. चंद्रशेखर, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. मीनाक्षी चौधरी, डॉ. हरिनाम सिंह के अलावा विवेचनाकरने वाले तत्कालीन हैदराबाद एसओ हेमंत गौड़ सहित दस लोगों ने अपनी गवाही दी। बुधवार को खचाखच भरी अदालत में दोषियों को सजा सुनाई गई। ये सभी पहले से जेल में बंद हैं। हाईकोर्ट से भी उन्हें जमानत नहीं मिल सकी थी। सजा सुनाए जाने के वक्त सभी सात दोषी कोर्ट में मौजूद थे। फैसले के बाद उन्हें वापस जेल ले जाया गया।
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-कॉलेज के शिक्षक ने छह साथियों संग की थी घटना
-वीडियो क्लिपिंग भी बनाई थी, छात्रा ने लगा ली थी फांसी
सामूहिक दुराचार कर वीडियो क्लिपिंग बनाए जाने पर छात्रा के खुदकुशी कर लेने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) ने बुधवार को सात दोषियों को दस-दस साल की सजा सुनाई। करीब पांच साल पहले हुए इस बहुचर्चित छितौनिया कांड में जज नीलू मोघा ने सात दोषियों पर जुर्माना भी लगाया। गैंगरेप के आरोपियों में एक उसी कॉलेज का शिक्षक भी है, जिसमें छात्रा पढ़ती थी। बाकी छह उसके साथी हैं।
एडीजीसी निर्मल चौधरी ने कोर्ट में अभियोजन पक्ष रखा। इसके मुताबिक नीमगंाव थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी परसेहरा मदारपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री कुदुरतुल्ला इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। वर्ष 2011 में 10 जुलाई को जब वह स्कूल से लौट रही थी तो छितौनिया गांव के पास कॉलेज के ही शिक्षक मोहियद्दीन सहित सात लोगों ने छात्रा से दुराचार किया। आरोपियों ने किशोरी की वीडियो क्लिपिंग भी बनाई। पीड़ित छात्रा ने घर पहुंचकर बदनामी के डर से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
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पुलिस ने मोहियद्दीन के साथी मकसूदुर्रहमान, दिलीप कुमार, धनंजय, रामनरायन, गुड्डू तथा अनूप वर्मा उर्फ अन्नू के खिलाफ दुराचार और खुदकुशी के लिए मजबूर करने के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन की ओर से परिजनों और पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. चंद्रशेखर, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. मीनाक्षी चौधरी, डॉ. हरिनाम सिंह के अलावा विवेचनाकरने वाले तत्कालीन हैदराबाद एसओ हेमंत गौड़ सहित दस लोगों ने अपनी गवाही दी। बुधवार को खचाखच भरी अदालत में दोषियों को सजा सुनाई गई। ये सभी पहले से जेल में बंद हैं। हाईकोर्ट से भी उन्हें जमानत नहीं मिल सकी थी। सजा सुनाए जाने के वक्त सभी सात दोषी कोर्ट में मौजूद थे। फैसले के बाद उन्हें वापस जेल ले जाया गया।
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