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दो बहनों के शव देख रो उठा गांव
अमर उजाला ब्यूरो महेवागंज।
Updated Sun, 30 Apr 2017 12:02 AM IST
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पुलिस के हत्थे नहीं लगा ट्रक चालक
शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत
सैधरी मोड़ के पास ट्रक और बाइक की भिड़ंत में दो बहनों की मौत से दो गांवों में मातम पसरा है। शनिवार जब शव घर आये तो लोगों के आंसू छलक पड़े। गमगीन माहौल में दोनों बच्चियों के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वही मां समेत चारों घायलों की हालत स्थिर बनी है।
सदर कोतवाली के गांव बुढनापुर निवासी 35 वर्षीय गुड्डू शुक्रवार को अपनी 33 वर्षीय बहन गुड्डन पत्नी जगजीवन को ससुराल छोड़ने फरधान के गांव शिवराजपुर जा रहा था। बाइक पर गुड्डन उर्फ गुदाना की बेटी रूचि, शिल्पी, नयना और जेठानी का पुत्र चंदन भी सवार था। चालक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। सैधरी मोड़ के पास इनकी बाइक ट्रक से टकरा गई थी, जिसमें बाइक सवार सभी छह लोग गंभीर घायल हो गए थे। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टरों ने रूचि को मृत घोषित कर दिया था, जबकि कुछ देर बाद आठ वर्षीय शिल्पी ने भी दम तोड़ दिया था। उधर, अस्पताल में भर्ती तीसरी बहन नयना को डॉक्टरों ने दूसरे दिन हालत में सुधार देखकर डिस्चार्ज कर दिया। जबकि उसकी मां गुदाना समेत तीनों घायलों की हालत स्थिर बताई जाती है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को दोनों बहनों के शव जब गांव पहुंचे तो लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोनों बहनों के शव देखकर सभी की आंख नम हो गई। गमगीन माहौल में दोनों के शवों को एक साथ दफना दिया गया।
नहीं हाथ लगा ट्रक ड्राइवर
हादसे के बाद मौके पर ट्रक छोड़कर फरार होने वाले ड्राइवर को पुलिस दूसरे दिन भी नहीं खोज पाई है। ट्रक कब्जे में कर पुलिस ने आगे की कार्रवाई जरूरी नहीं समझी। चौकी प्रभारी फूलचंद ने चालक के जल्द पकड़े जाने का दावा किया।
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शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत
सैधरी मोड़ के पास ट्रक और बाइक की भिड़ंत में दो बहनों की मौत से दो गांवों में मातम पसरा है। शनिवार जब शव घर आये तो लोगों के आंसू छलक पड़े। गमगीन माहौल में दोनों बच्चियों के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वही मां समेत चारों घायलों की हालत स्थिर बनी है।
सदर कोतवाली के गांव बुढनापुर निवासी 35 वर्षीय गुड्डू शुक्रवार को अपनी 33 वर्षीय बहन गुड्डन पत्नी जगजीवन को ससुराल छोड़ने फरधान के गांव शिवराजपुर जा रहा था। बाइक पर गुड्डन उर्फ गुदाना की बेटी रूचि, शिल्पी, नयना और जेठानी का पुत्र चंदन भी सवार था। चालक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। सैधरी मोड़ के पास इनकी बाइक ट्रक से टकरा गई थी, जिसमें बाइक सवार सभी छह लोग गंभीर घायल हो गए थे। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टरों ने रूचि को मृत घोषित कर दिया था, जबकि कुछ देर बाद आठ वर्षीय शिल्पी ने भी दम तोड़ दिया था। उधर, अस्पताल में भर्ती तीसरी बहन नयना को डॉक्टरों ने दूसरे दिन हालत में सुधार देखकर डिस्चार्ज कर दिया। जबकि उसकी मां गुदाना समेत तीनों घायलों की हालत स्थिर बताई जाती है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को दोनों बहनों के शव जब गांव पहुंचे तो लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोनों बहनों के शव देखकर सभी की आंख नम हो गई। गमगीन माहौल में दोनों के शवों को एक साथ दफना दिया गया।
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नहीं हाथ लगा ट्रक ड्राइवर
हादसे के बाद मौके पर ट्रक छोड़कर फरार होने वाले ड्राइवर को पुलिस दूसरे दिन भी नहीं खोज पाई है। ट्रक कब्जे में कर पुलिस ने आगे की कार्रवाई जरूरी नहीं समझी। चौकी प्रभारी फूलचंद ने चालक के जल्द पकड़े जाने का दावा किया।
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