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चुपचाप जेल भेज दिए हत्याकांड के आरोपी

Thu, 16 Jun 2016 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां।
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां। Updated Thu, 16 Jun 2016 11:51 PM IST
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Quietly sent to jail, accused of murder
police - फोटो : amar ujala
- एसओ के इंतजार में रहे कई दिन हिरासत में, पीड़ित पक्ष पुलिस से संतुष्ट नहीं
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- एक और आरोपी को क्यों छोड़ दिया, घरवालों ने उसे भी बताया था शामिल

आखिर ऐसा क्या हो गए था कि पंकज हत्याकांड के आरोपियों को पलिया पुलिस को चुपचाप जेल भेजना पड़ गया। मीडिया को न तो खबर ही दी गई और न ही पूरी तरह से मामले का खुलासा किया गया कि आखिर हत्या क्यों की गई है। इन दोनो आरोपियों को कई दिन थाने रखने के बाद एसओ के आते ही आननफानन में की गई जेल भेजने की कार्रवाई सवालों के घेरे में है तो इस सब के बाद भी एक सवाल और है जो पुलिस को कटघरे में खड़ा कर रहा है। पुलिस ने घरवालों के बताने के बाद भी एक आरोपी को हिरासत से छोड़ दिया। घरवाले पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। फिलहाल जो भी लेकिन कहानी में कहीं न कहीं झोल नजर आ रहा है।

गौरतलब है कि मोहल्ला पठान निवासी रामचंद्र के 30 वर्षीय पुत्र पंकज का क्षत विक्षत शव रिक्खीपुरवा गांव जाने वाले रास्ते पर पड़ा मिला था। शव देखकर वहां सनसनी फैल गई थी, पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसमें घरवालों ने जुगनू पुत्र वकार, छोटा पुत्र शाकिर और दो अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी और पुलिस ने इस पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया था। शाम को शव आया और अगले दिन सुबह घरवालों ने हंगामा काटा तो दोनों नामजद आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बताया गया कि इस बीच एक और व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत मेें लिया, लेकिन छोड़ दिया। जबकि घरवालों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया और इस व्यक्ति को भी आरोपी बताया, लेकिन पुलिस की सेहत पर इस बात का फर्क नहीं पड़ा।  इस बीच एसओ छुट्टी पर चले गए और मामला जहां का तहां थम गया। आरोपियों जुगनू पुत्र वकार हुसैन, छोटा पुत्र शाकिर को कई दिन पुलिस ने थाने में रखा और बुधवार को एसओ के आते ही दोनों को आननफानन में जेल भेज दिया। न तो मीडिया को ही खबर दी गई और न ही यह किसी को बताया कि आरोपियों ने हत्या क्यों की। हालांकि जब पत्रकारों का दबाव बढ़ा तो पुलिस ने दो महीने पहले इन दोनों का पंकज से किसी बात को लेकर झगड़ा होना बताया और इसी में हत्या की बात कही। घरवाले इस खुलासे से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि मुख्य आरोपी को पुलिस बचाना चाह रही है। जबकि साफ था कि घटना में दो से ज्यादा लोग शामिल थे। उन्होंने एसओ पर आरोप लगाया है कि वह मामले को दबा रहे हैं। उन्होंने एसपी से मामले के सही खुलासे की मांग की है।
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