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आखिर कहां बनाई जा रही थी नकली विदेशी शराब
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 09 Feb 2018 06:27 PM IST
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up police
- फोटो : अमर उजाला
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गांव रंगीलानगर में पकड़े गए नकली विदेशी शराब से भरे गोदाम का भंडाफोड़ हुए 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है कि बरामद शराब कहां बनाई जा रही थी। जिसका जवाब देने से सदर कोतवाल से लेकर मामले के विवेचक तक बच रहे हैं।
बीते दिनों सीओ सिटी आरके वर्मा के नेतृत्व में सदर कोतवाली पुलिस ने रामापुर पुलिस चौकी से पांच सौ मीटर दूर स्थित एक गोदाम पर छापा मारा था। छापे के दौरान पुलिस ने अंग्रेजी शराब ब्रांड ब्लू मूड की 71 और 274 पेटी फ्रेजी रोमियो बरामद की थी। शराब के पौवों पर एनवी ग्रुप पंजाब एक्साइज डिस्टलरी और फॉर सेल अरुणाचल प्रदेश लिखा हुआ था। पुलिस ने गोरखधंधे का भंडाफोड़ करने के बाद मामले में खेल शुरू कर दिया। पुलिस ने मुन्ना गुप्ता उर्फ सत्यप्रकाश और दीपू के खिलाफ सिर्फ 60/63 आबकारी अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कर पल्ला झाड़ लिया। एसपी की डांट का असर भी पुलिस पर पड़ता नहीं दिख रहा है। गोदाम पकड़े जाने के बाद यह बात साफ हो गई कि शराब को कहीं दूसरी स्थान पर बनाकर यहां डंप किया गया है, लेकिन पुलिस ने अभी तक यह जानने की कोशिश नहीं की है कि आखिर यह शराब कहां बनाई जा रही थी। यह एक बड़ा सवाल अभी भी खड़ा है। सदर कोतवाल से लेकर विवेचक हर बार जांच चल रही है कि बात कहकर कुछ कहने से बच रहे हैं।
आत्मसमर्पण के लिए कोर्ट में डाली अर्जी
जो शक था, आखिर वही हुआ। सदर कोतवाली के एक सब इंस्पेक्टर की मानें तो नामजद आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी डाली है। इसकी जानकारी सदर कोतवाली पुलिस को भी है। पुलिस शुरुआत से ही आरोपियों पर कोर्ट में आत्मसपर्मण का दबाव बना रही थी।
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नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके पकड़े जाने के बाद कई ऐसे बिंदु हैं, जिनका पुलिस पूछताछ कर खुलासा करेगी। कोर्ट में आत्मसमर्पण अर्जी डाले जाने की मुझे जानकारी नहीं है। आरके वर्मा, सीओ सिटी
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बीते दिनों सीओ सिटी आरके वर्मा के नेतृत्व में सदर कोतवाली पुलिस ने रामापुर पुलिस चौकी से पांच सौ मीटर दूर स्थित एक गोदाम पर छापा मारा था। छापे के दौरान पुलिस ने अंग्रेजी शराब ब्रांड ब्लू मूड की 71 और 274 पेटी फ्रेजी रोमियो बरामद की थी। शराब के पौवों पर एनवी ग्रुप पंजाब एक्साइज डिस्टलरी और फॉर सेल अरुणाचल प्रदेश लिखा हुआ था। पुलिस ने गोरखधंधे का भंडाफोड़ करने के बाद मामले में खेल शुरू कर दिया। पुलिस ने मुन्ना गुप्ता उर्फ सत्यप्रकाश और दीपू के खिलाफ सिर्फ 60/63 आबकारी अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कर पल्ला झाड़ लिया। एसपी की डांट का असर भी पुलिस पर पड़ता नहीं दिख रहा है। गोदाम पकड़े जाने के बाद यह बात साफ हो गई कि शराब को कहीं दूसरी स्थान पर बनाकर यहां डंप किया गया है, लेकिन पुलिस ने अभी तक यह जानने की कोशिश नहीं की है कि आखिर यह शराब कहां बनाई जा रही थी। यह एक बड़ा सवाल अभी भी खड़ा है। सदर कोतवाल से लेकर विवेचक हर बार जांच चल रही है कि बात कहकर कुछ कहने से बच रहे हैं।
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आत्मसमर्पण के लिए कोर्ट में डाली अर्जी
जो शक था, आखिर वही हुआ। सदर कोतवाली के एक सब इंस्पेक्टर की मानें तो नामजद आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी डाली है। इसकी जानकारी सदर कोतवाली पुलिस को भी है। पुलिस शुरुआत से ही आरोपियों पर कोर्ट में आत्मसपर्मण का दबाव बना रही थी।
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नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके पकड़े जाने के बाद कई ऐसे बिंदु हैं, जिनका पुलिस पूछताछ कर खुलासा करेगी। कोर्ट में आत्मसमर्पण अर्जी डाले जाने की मुझे जानकारी नहीं है। आरके वर्मा, सीओ सिटी