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अंकित की विदाई में फूट फूट कर रोए मोहल्ले के लोग
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
Updated Mon, 06 Mar 2017 11:07 PM IST
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accident
- फोटो : amar ujala
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घरवालों वालों की आंखों से बहा आंसुओं का सैलाब
गमगीन माहौल में हुआ शारदा तट पर अंतिम संस्कार
पलिया-निघासन स्टेट हाईवे पर बाइक दुर्घटना में सिंगाही निवासी एक युवक के साथ मौत का शिकार हुए अंकित की अंतिम विदाई में मोहल्ले वाले भी फूट-फूट कर रोए तो घरवालों की आंखों से आंसुओं का सैलाब बहा। सोमवार को गमगीन माहौल में शारदा नदी तट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गौरतलब है कि रविवार की देर शाम शहर के मोहल्ला टेहरा शहरी निवासी रमेश राठौर के 23 वर्षीय पुत्र अंकित राठौर और इसी मोहल्ले में किराए पर रहने वाले सिंगाही थाना क्षेत्र निवासी बलकार सिंह के पुत्र नक्षत्र सिंह की बाइक में मलिनियां रपटा पुल के पास किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जिसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई थी तथा शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान घरवालों ने शवों का पोस्टमार्टम न कराए जाने की बात की तो पुलिस ने मना करा दिया। इसके बाद घरवालों और अन्य लोगों ने रोड जाम कर पोस्टमार्टम न कराने की मांग रख दी। पुलिस तथा व्यापारी नेता रवि गुप्ता के काफी समझाने बुझाने के बाद देर रात लगभग 11 बजे वह माने और जाम खुला। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं थीं। सोमवार दोपहर दो बजे के आसपास अंकित का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके घर पहुंचा तो घरवालों में कोहराम मच गया और मोहल्ले वाले भी फूट-फूट कर रोए। उसका अंतिम संस्कार शारदा नदी के तट पर किया गया। जिसमें भारी भीड़ उमड़ी।
हंसमुख और सरल स्वभाव था अंकित
मृतक अंकित राठौर हंसमुख और सरल स्वभाव होने के कारण मोहल्ले वालों का चहेता था। यही वजह थी कि उसकी मौत की खबर पाते ही पूरे मोहल्ला गम के सैलाब में डूब गया था।
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कलेजे के टुकड़े के जाने से बेहाल हुई मां
कलेजे के टुकड़े अंकित के यूं चले जाने से मां शीला राठौर का बुरा हाल है, वह कई बार बेहोश हो चुकी हैं तो वहीं उसकी बड़ी बहन गुड़िया भी बेहाल है। बड़े भाई विकास और दो अन्य बहनों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिता रमेश राठौर ने भी नहीं सोचा था कि लाडला यूं चला जाएगा उनकी भी आंखें लगातार बरस रहीं हैं।
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गमगीन माहौल में हुआ शारदा तट पर अंतिम संस्कार
पलिया-निघासन स्टेट हाईवे पर बाइक दुर्घटना में सिंगाही निवासी एक युवक के साथ मौत का शिकार हुए अंकित की अंतिम विदाई में मोहल्ले वाले भी फूट-फूट कर रोए तो घरवालों की आंखों से आंसुओं का सैलाब बहा। सोमवार को गमगीन माहौल में शारदा नदी तट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गौरतलब है कि रविवार की देर शाम शहर के मोहल्ला टेहरा शहरी निवासी रमेश राठौर के 23 वर्षीय पुत्र अंकित राठौर और इसी मोहल्ले में किराए पर रहने वाले सिंगाही थाना क्षेत्र निवासी बलकार सिंह के पुत्र नक्षत्र सिंह की बाइक में मलिनियां रपटा पुल के पास किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जिसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई थी तथा शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान घरवालों ने शवों का पोस्टमार्टम न कराए जाने की बात की तो पुलिस ने मना करा दिया। इसके बाद घरवालों और अन्य लोगों ने रोड जाम कर पोस्टमार्टम न कराने की मांग रख दी। पुलिस तथा व्यापारी नेता रवि गुप्ता के काफी समझाने बुझाने के बाद देर रात लगभग 11 बजे वह माने और जाम खुला। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं थीं। सोमवार दोपहर दो बजे के आसपास अंकित का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके घर पहुंचा तो घरवालों में कोहराम मच गया और मोहल्ले वाले भी फूट-फूट कर रोए। उसका अंतिम संस्कार शारदा नदी के तट पर किया गया। जिसमें भारी भीड़ उमड़ी।
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हंसमुख और सरल स्वभाव था अंकित
मृतक अंकित राठौर हंसमुख और सरल स्वभाव होने के कारण मोहल्ले वालों का चहेता था। यही वजह थी कि उसकी मौत की खबर पाते ही पूरे मोहल्ला गम के सैलाब में डूब गया था।
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कलेजे के टुकड़े के जाने से बेहाल हुई मां
कलेजे के टुकड़े अंकित के यूं चले जाने से मां शीला राठौर का बुरा हाल है, वह कई बार बेहोश हो चुकी हैं तो वहीं उसकी बड़ी बहन गुड़िया भी बेहाल है। बड़े भाई विकास और दो अन्य बहनों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिता रमेश राठौर ने भी नहीं सोचा था कि लाडला यूं चला जाएगा उनकी भी आंखें लगातार बरस रहीं हैं।