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बुखार से दो लोगों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो निघासन।
Updated Fri, 04 Nov 2016 10:43 PM IST
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platelets, dengue
- फोटो : Demo Pic
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महुआ, खरवहिया और प्रसाद पुरवा गांव में अब भी कई लोग है बीमार
क्षेत्र के अलग-अलग दो गांवों में तेज बुखार के चलते दो की मौत हो गई। गांव में कई लोग बीमार हैं। उनका इलाज जिला अस्पताल और लखनऊ में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
क्षेत्र के गांव महुआ निवासी 50 वर्षीय अहिबरन को कई दिन से बुखार था। उन्होंने कई झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराया। शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उधर, खरवहिया नंबर दो निवासी ओमप्रकाश की 10 वर्षीय पुत्री निशां को बुखार आया और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत खराब होने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके अलावा गांव प्रसाद पुरवा में विनोद, मेराज, कमलेश तथा संजय बुखार से पीड़ित थे। उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन गांवों में सूचना के बाद भी सीएचसी की टीम झांकने नहीं पहुंची है।
बांकेगंज। पहाड़पुर स्थित श्री गुरुनानक इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल कुलवंत सिह चीमा डेंगू की चपेट में आ गए है। पिछले पांच दिनों से बुखार ठीक न होने पर गुरुवार लखनऊ के फोर्ड अस्पताल में इलाज के लिए जाने पर खून की जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डेंगू होने की पुष्टि की।
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कुलवंत सिंह चीमा के भाई गुरविंदर सिंह ने बताया कि अस्पताल में भतीं प्रिंसिपल चीमा का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि इलाज के बाद उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।
बुखार से कस्बे में 11वीं मौत, प्रशासन बेखबर
मोहम्मदी/बरवर। तहसील क्षेत्र के कस्बा बरवर में गुरुवार को एक किशोर की बुखार से मौत हो गई। कस्बे में बुखार से यह ग्यारहवी मौत है। बावजूद इसके प्रशासन सोया हुआ है।
कस्बे के मोहल्ला बलरामनगर निवासी धीरेंद्र सिंह कुशवाहा का पुत्र ज्ञानेंद्र (15) कुछ दिनों से बीमार था। जिसका इलाज मोहम्मदी के एक निजी अस्पताल में हो रहा था। गुरुवार रात उसकी हालत बिगड़ गई। उसे शाहजहांपुर लेकर जा रहे थे रास्ते में मौत हो गई। ज्ञानेंद्र मां भूदेवी सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा आठ का छात्र था। इससे पूर्व कस्बे में मौलवीगंज के वसीउल्ला खां (50), जलीलनगर में चुन्ने की बहू (20), मौलवीगंज के राजाराम की पत्नी (40), इसी मोहल्ले के सगीर खां, मोहल्ला प्रेमनगर के अली मोहम्मद की पत्नी, मोहल्ला विजय नगर के श्रीकृष्ण (50) की लखनऊ में मौत हो चुकी है। इसके अलावा सुभाषनगर के रामू की मां, प्रेमनगर के मोनू, शास्त्रीनगर के विजय लोहार की पुत्री वैष्णवी (9) तथा एमएम जाफर स्कूल के युवा प्रधानाचार्य कुलदीप (35) की बुखार के चलते मौत हो चुकी है। जबकि सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
कस्बे के कौमी एकता कमेटी के अध्यक्ष मुंशी अब्दुल जलील ने तहसील दिवस में आए डीएम को प्रार्थनापत्र देकर नगर में बुखार से पीड़ित लोगों की व्यथा बयान करते हुए अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग की थी। मुंशी जी ने नगर में बुखार से हुई मौतों का ब्यौरा भी उन्हें बताया था। उसके बावजूद यहां किसी चिकित्सक को नियुक्त नही की गई है। हां, मुंशी जी की शिकायत का इतना असर जरूर हुआ है, कि सीएचसी पसगवां के डॉक्टरों की एक टीम ने शुक्रवार को यहां लगभग सौ मरीजों को दवा वितरित कर उनका उपचार किया है।
नगरवासियों का कहना है कि यहां के चिकित्सक डॉ. प्रमोद वर्मा लंबे अरसे से छुट्टी पर चल रहे हैं। केवल फार्मासिस्ट विनीत गुप्ता के सहारे अस्पताल चल रहा है। नगरवासियों का यह भी कहना है कि यदि एक के बाद एक मौतों के बाद भी यदि स्वास्थ्य महकमा नही जागा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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क्षेत्र के अलग-अलग दो गांवों में तेज बुखार के चलते दो की मौत हो गई। गांव में कई लोग बीमार हैं। उनका इलाज जिला अस्पताल और लखनऊ में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
क्षेत्र के गांव महुआ निवासी 50 वर्षीय अहिबरन को कई दिन से बुखार था। उन्होंने कई झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराया। शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उधर, खरवहिया नंबर दो निवासी ओमप्रकाश की 10 वर्षीय पुत्री निशां को बुखार आया और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत खराब होने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके अलावा गांव प्रसाद पुरवा में विनोद, मेराज, कमलेश तथा संजय बुखार से पीड़ित थे। उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन गांवों में सूचना के बाद भी सीएचसी की टीम झांकने नहीं पहुंची है।
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बांकेगंज। पहाड़पुर स्थित श्री गुरुनानक इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल कुलवंत सिह चीमा डेंगू की चपेट में आ गए है। पिछले पांच दिनों से बुखार ठीक न होने पर गुरुवार लखनऊ के फोर्ड अस्पताल में इलाज के लिए जाने पर खून की जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डेंगू होने की पुष्टि की।
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कुलवंत सिंह चीमा के भाई गुरविंदर सिंह ने बताया कि अस्पताल में भतीं प्रिंसिपल चीमा का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि इलाज के बाद उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।
बुखार से कस्बे में 11वीं मौत, प्रशासन बेखबर
मोहम्मदी/बरवर। तहसील क्षेत्र के कस्बा बरवर में गुरुवार को एक किशोर की बुखार से मौत हो गई। कस्बे में बुखार से यह ग्यारहवी मौत है। बावजूद इसके प्रशासन सोया हुआ है।
कस्बे के मोहल्ला बलरामनगर निवासी धीरेंद्र सिंह कुशवाहा का पुत्र ज्ञानेंद्र (15) कुछ दिनों से बीमार था। जिसका इलाज मोहम्मदी के एक निजी अस्पताल में हो रहा था। गुरुवार रात उसकी हालत बिगड़ गई। उसे शाहजहांपुर लेकर जा रहे थे रास्ते में मौत हो गई। ज्ञानेंद्र मां भूदेवी सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा आठ का छात्र था। इससे पूर्व कस्बे में मौलवीगंज के वसीउल्ला खां (50), जलीलनगर में चुन्ने की बहू (20), मौलवीगंज के राजाराम की पत्नी (40), इसी मोहल्ले के सगीर खां, मोहल्ला प्रेमनगर के अली मोहम्मद की पत्नी, मोहल्ला विजय नगर के श्रीकृष्ण (50) की लखनऊ में मौत हो चुकी है। इसके अलावा सुभाषनगर के रामू की मां, प्रेमनगर के मोनू, शास्त्रीनगर के विजय लोहार की पुत्री वैष्णवी (9) तथा एमएम जाफर स्कूल के युवा प्रधानाचार्य कुलदीप (35) की बुखार के चलते मौत हो चुकी है। जबकि सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
कस्बे के कौमी एकता कमेटी के अध्यक्ष मुंशी अब्दुल जलील ने तहसील दिवस में आए डीएम को प्रार्थनापत्र देकर नगर में बुखार से पीड़ित लोगों की व्यथा बयान करते हुए अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग की थी। मुंशी जी ने नगर में बुखार से हुई मौतों का ब्यौरा भी उन्हें बताया था। उसके बावजूद यहां किसी चिकित्सक को नियुक्त नही की गई है। हां, मुंशी जी की शिकायत का इतना असर जरूर हुआ है, कि सीएचसी पसगवां के डॉक्टरों की एक टीम ने शुक्रवार को यहां लगभग सौ मरीजों को दवा वितरित कर उनका उपचार किया है।
नगरवासियों का कहना है कि यहां के चिकित्सक डॉ. प्रमोद वर्मा लंबे अरसे से छुट्टी पर चल रहे हैं। केवल फार्मासिस्ट विनीत गुप्ता के सहारे अस्पताल चल रहा है। नगरवासियों का यह भी कहना है कि यदि एक के बाद एक मौतों के बाद भी यदि स्वास्थ्य महकमा नही जागा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।