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भाजपा विधायक की गिरफ्तारी के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 27 Jun 2017 10:59 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पहले ही गायब हो चुकी है कोर्ट से मूल फाइल
सीजेएम कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए भाजपा विधायक अरविंद गिरि की गिरफ्तारी का आदेश देते हुए उन्हें कोर्ट में हाजिर करने का आदेश दिया है, और गैर जमानती वारंट की तामीला के लिए गोला पुलिस को जिम्मेदारी सौंपी है।
बताते चलें कि वन विभाग की किशनपुर रेंज की ओर से वन अधिनियम की धाराओं में वर्ष 2006 में सीजेएम कोर्ट में केस दाखिल किया था। इसमें आरोप लगाया कि वन विभाग के गेस्ट हाउस में जबरन दबंगई दिखाते हुए डॉ.बच्चू सिंह और अरविंद गिरि सहित दस बारह लोगों ने ताला तोड़कर जबरन प्रवेश किया, तेज आवाज में डीजे बजाकर हंगामा भी किया और रात भर जंगल में मंगल मनाया। इस मामले में पहले तो वन विभाग ने पैरवी में ढिलाई बरती। सूत्रों का कहना है कि इसी बीच अदालत से असली फाइल ही पार हो गई। मामला ठंडे बस्ते में पहुंचता, लेकिन कुछ सहयोगियों की बदौलत यह चर्चा आम हो गई। लिहाजा कोर्ट ने जांच बैठा दी। बाद में जिला जज के आदेश पर फाइल का पुनर्गठन किया गया तो फोटोस्टेट पेपर्स के सहारे ही दूसरी फाइल बन गई, जिसे तत्कालीन सीजेएम नवनीत गिरि ने 13 जुलाई सन 15 को फिर से चालू कर दिया था। फाइल बनने के बाद से ही भाजपा विधायक अरविंद गिरि सहित कई प्रभावशाली लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए। ब्लॉक प्रमुख सहित राजनैतिक हैसियत वाले कई लोगों को जेल भी जाना पड़ा था।
सीजेएम ने मंगलवार को भी भाजपा विधायक अरविंद गिरि और फाइल के सह अभियुक्त काशीराम की गिरफ्तारी के लिए गोला पुलिस को आदेश दिए है, साथ ही अगली सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तिथि मुकर्रर की है।
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सीजेएम कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए भाजपा विधायक अरविंद गिरि की गिरफ्तारी का आदेश देते हुए उन्हें कोर्ट में हाजिर करने का आदेश दिया है, और गैर जमानती वारंट की तामीला के लिए गोला पुलिस को जिम्मेदारी सौंपी है।
बताते चलें कि वन विभाग की किशनपुर रेंज की ओर से वन अधिनियम की धाराओं में वर्ष 2006 में सीजेएम कोर्ट में केस दाखिल किया था। इसमें आरोप लगाया कि वन विभाग के गेस्ट हाउस में जबरन दबंगई दिखाते हुए डॉ.बच्चू सिंह और अरविंद गिरि सहित दस बारह लोगों ने ताला तोड़कर जबरन प्रवेश किया, तेज आवाज में डीजे बजाकर हंगामा भी किया और रात भर जंगल में मंगल मनाया। इस मामले में पहले तो वन विभाग ने पैरवी में ढिलाई बरती। सूत्रों का कहना है कि इसी बीच अदालत से असली फाइल ही पार हो गई। मामला ठंडे बस्ते में पहुंचता, लेकिन कुछ सहयोगियों की बदौलत यह चर्चा आम हो गई। लिहाजा कोर्ट ने जांच बैठा दी। बाद में जिला जज के आदेश पर फाइल का पुनर्गठन किया गया तो फोटोस्टेट पेपर्स के सहारे ही दूसरी फाइल बन गई, जिसे तत्कालीन सीजेएम नवनीत गिरि ने 13 जुलाई सन 15 को फिर से चालू कर दिया था। फाइल बनने के बाद से ही भाजपा विधायक अरविंद गिरि सहित कई प्रभावशाली लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए। ब्लॉक प्रमुख सहित राजनैतिक हैसियत वाले कई लोगों को जेल भी जाना पड़ा था।
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सीजेएम ने मंगलवार को भी भाजपा विधायक अरविंद गिरि और फाइल के सह अभियुक्त काशीराम की गिरफ्तारी के लिए गोला पुलिस को आदेश दिए है, साथ ही अगली सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तिथि मुकर्रर की है।
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