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आनलाइन खरीददारी में ग्राहक को लगा चूना
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
Updated Wed, 31 Aug 2016 11:06 PM IST
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होशियार
- फोटो : अमर उजाला
मंगाया था मोबाइल निकली दवाओं की डिब्बियां
अगर आप आनलाइन शापिंग से कोई भी सामान मंगा रहे हैं तो जरा होशियार हो जाएं। कारण यह है कि नगर के गुरूकुल एकेडमी के मैनेजर द्वारा आनलाइन बुकिंग कर मंगाए गए सैमसंग मोबाइल की जगह दवाओं के दो डिब्बे उनके यहां पहुंचे हैं, जिसपर वह अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
आजकल आनलाइन शापिंग करने का क्रेज लोगों में बढ़ता जा रहा है। लेकिन इसकी कोई गारंटी नही है कि आनलाइन शापिंग से आपके द्वारा मंगाई गई चीज ही आपको मिलेगी। इसका जीता जागता उदाहरण है कि शहर के गुरूकुल एकेडमी स्कूल के मैनेजर मुकेश अग्रवाल ने लगभग पांच-छह हजार रूपए की कीमत का सैमसंग मोबाइल आनलाइन शापिंग के जरिए बुक किया था। जिसके बाद उनके पास डाक के द्वारा एक पैकेट आया जिसपर उन्होंने इसका पैसा भी डाकिए को दिया। उसके जाने के बाद जब उन्होंने डिब्बा खोला तो वह दंग रह गए। पैकेट में दो दवाओं की डिब्बियां निकली। जिसपर वह खुद को ठगा महसूस कर रहे है।
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अगर आप आनलाइन शापिंग से कोई भी सामान मंगा रहे हैं तो जरा होशियार हो जाएं। कारण यह है कि नगर के गुरूकुल एकेडमी के मैनेजर द्वारा आनलाइन बुकिंग कर मंगाए गए सैमसंग मोबाइल की जगह दवाओं के दो डिब्बे उनके यहां पहुंचे हैं, जिसपर वह अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
आजकल आनलाइन शापिंग करने का क्रेज लोगों में बढ़ता जा रहा है। लेकिन इसकी कोई गारंटी नही है कि आनलाइन शापिंग से आपके द्वारा मंगाई गई चीज ही आपको मिलेगी। इसका जीता जागता उदाहरण है कि शहर के गुरूकुल एकेडमी स्कूल के मैनेजर मुकेश अग्रवाल ने लगभग पांच-छह हजार रूपए की कीमत का सैमसंग मोबाइल आनलाइन शापिंग के जरिए बुक किया था। जिसके बाद उनके पास डाक के द्वारा एक पैकेट आया जिसपर उन्होंने इसका पैसा भी डाकिए को दिया। उसके जाने के बाद जब उन्होंने डिब्बा खोला तो वह दंग रह गए। पैकेट में दो दवाओं की डिब्बियां निकली। जिसपर वह खुद को ठगा महसूस कर रहे है।
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