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....अब एक और दहाड़
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां-चंदनचौकी।
Updated Tue, 19 Jul 2016 11:30 PM IST
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tiger stops tourist way in corbett park
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मसानखंभ में मर चुकी है बाघिन, अब एक और बाघ ने दी दस्तक, रात भर सोए नहीं ग्रामीण
मसानखंभ में बाघिन का खौफ बना हुआ था और उसकी मौत भी हो गई। उसकी मौत हुई तो लोगों ने सोचा था कि खतरा टल गया लेकिन सोमवार की रात को यहां फिर दहाड़ सुनाई दी। इसके चलते गांव में हड़कंप मचा रहा और ग्रामीणों को टायर आदि जलाकर रात काटनी पड़ी। माना जा रहा है कि यहां कोई दूसरा बाघ भी डेरा जमाए हुए है।
रविवार को मसानखंभ गांव निवासी कल्लू को एक बाघ ने जख्मी कर दिया था। इसके बाद देररात उसकी एक बकरी को भी मार डाला लेकिन जगहट हो जाने के चलते वह बकरी को खाए बिना ही चला गया। इसके बाद सुबह चंदर की जानवर बांधने वाली घारी में एक कमजोर बाघिन मरी मिली। सूचना पर अधिकारी भी पहुंचे और उसे पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेज दिया। ग्रामीणों ने बाघिन की मौत के बाद राहत की सांस ली पर सोमवार की रात गांव से कुछ दूरी पर फिर एक दहाड़ सुनाई। इससे अब तय हो गया है कि यहां एक नहीं दो बाघ थे। फिलहाल पूरी रात गांव वालों ने दहशत में टायर आदि जलाकर काटी। सूचना दुधवा नेशनल पार्क की दुधवा रेंज को दे दी गई है। रेंज अधिकारी मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि वह बाघिन का पोस्टमार्टम कराने बरेली आए हैं लेकिन कर्मियों को निर्देश दे दिया गए हैं कि वे वहां कांबिंग कर बाघ को जंगल की ओर खदेड़ दें।
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दूसरे बाघ की दहाड़ ने खड़े किए कई सवाल
पलियाकलां। पहले तो यही समझा जा रहा था कि मसानखंभ गांव में युवक पर हमला करने वाला कोई और नहीं बल्कि वही बाघिन है जिसका शव गांव में मिला लेकिन अब उसके मरने के बाद भी दहाड़ सुनाई देने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह कह पाना मुश्किल है कि युवक पर हमला करने वाली वही थी।
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मृृत मिली बाघिन की शारीरिक हालत काफी दयनीय थी और उसको देख कर लगता था कि जैसे वह कई दिनों से भूखी हो। इसके साथ ही जख्म और उसमें पड़े कीड़ों की स्थिति भी यह बता रही थी कि वह शिकार करने में सक्षम नहीं है लेकिन जो हालात थे उनको देखते हुए लोगों का कयास यही था कि यह वही बाघिन है जिसने युवक पर हमला किया। अब सोमवार को एक बार दहाड़ सुने जाने पर स्थिति बदल गई है।
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मसानखंभ में बाघिन का खौफ बना हुआ था और उसकी मौत भी हो गई। उसकी मौत हुई तो लोगों ने सोचा था कि खतरा टल गया लेकिन सोमवार की रात को यहां फिर दहाड़ सुनाई दी। इसके चलते गांव में हड़कंप मचा रहा और ग्रामीणों को टायर आदि जलाकर रात काटनी पड़ी। माना जा रहा है कि यहां कोई दूसरा बाघ भी डेरा जमाए हुए है।
रविवार को मसानखंभ गांव निवासी कल्लू को एक बाघ ने जख्मी कर दिया था। इसके बाद देररात उसकी एक बकरी को भी मार डाला लेकिन जगहट हो जाने के चलते वह बकरी को खाए बिना ही चला गया। इसके बाद सुबह चंदर की जानवर बांधने वाली घारी में एक कमजोर बाघिन मरी मिली। सूचना पर अधिकारी भी पहुंचे और उसे पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेज दिया। ग्रामीणों ने बाघिन की मौत के बाद राहत की सांस ली पर सोमवार की रात गांव से कुछ दूरी पर फिर एक दहाड़ सुनाई। इससे अब तय हो गया है कि यहां एक नहीं दो बाघ थे। फिलहाल पूरी रात गांव वालों ने दहशत में टायर आदि जलाकर काटी। सूचना दुधवा नेशनल पार्क की दुधवा रेंज को दे दी गई है। रेंज अधिकारी मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि वह बाघिन का पोस्टमार्टम कराने बरेली आए हैं लेकिन कर्मियों को निर्देश दे दिया गए हैं कि वे वहां कांबिंग कर बाघ को जंगल की ओर खदेड़ दें।
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दूसरे बाघ की दहाड़ ने खड़े किए कई सवाल
पलियाकलां। पहले तो यही समझा जा रहा था कि मसानखंभ गांव में युवक पर हमला करने वाला कोई और नहीं बल्कि वही बाघिन है जिसका शव गांव में मिला लेकिन अब उसके मरने के बाद भी दहाड़ सुनाई देने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह कह पाना मुश्किल है कि युवक पर हमला करने वाली वही थी।
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मृृत मिली बाघिन की शारीरिक हालत काफी दयनीय थी और उसको देख कर लगता था कि जैसे वह कई दिनों से भूखी हो। इसके साथ ही जख्म और उसमें पड़े कीड़ों की स्थिति भी यह बता रही थी कि वह शिकार करने में सक्षम नहीं है लेकिन जो हालात थे उनको देखते हुए लोगों का कयास यही था कि यह वही बाघिन है जिसने युवक पर हमला किया। अब सोमवार को एक बार दहाड़ सुने जाने पर स्थिति बदल गई है।