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प्रसूता की मौत, बिफरे ग्रामीण
बिजुआ/मूड़ा सवारान (खीरी)
Updated Thu, 01 Jan 2015 10:06 PM IST
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गोला कोतवाली क्षेत्र के भदेड़ गांव में की गर्भवती महिला की बिजुआ अस्पताल से रेफर होने के बाद मौत हो जाने पर हंगामा किया। पीड़ित परिवार वालों ने शव गोला-बिजुआ मार्ग पर रखकर रास्ता जाम कर दिया। ससुराल वालों का आरोप था कि प्रसूता की मौत अस्पताल में लापरवाही के चलते हुई है। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिवार वालों से तहरीर मांगी लेकिन मायके पक्ष के लोगों ने किसी के विरुद्ध कार्रवाई से इंकार कर दिया।
बुधवार को भदेड़ निवासी शत्रोहन की पत्नी रेनू देवी (25) को करीब आठ बजे रात को सीएचसी लाया गया था। यहां ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ ने रेनू को खून की कमी के चलते रात 10 बजे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। प्रसूता के साथ आई उसकी जेठानी और आशा वर्कर पिंकी ने रेफर होने के बाद प्रसूता को जिला अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस को फोन किया। उस समय एंबुलेंस के उपलब्ध न होने पर परिवार के लोग उसे खुद के ही वाहन से ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान प्रसूता की मौत हो गई। रात को ही घरवाले शव लेकर भदेड़ चले गए। सुबह करीब नौ बजे गांव वालों के साथ मिलकर शव को गोला-बिजुआ मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर जब अलीगंज चौकी इंचार्ज पहुंचे तो उन्होंने मायके पक्ष के लोगों से बात की और तहरीर मांगी। पीड़ित मां लज्जावती ने पुलिस से कहा कि वह किसी पर कोई कार्रवाई नहीं चाहती। पुलिस ने मायके और ससुराल पक्ष के लोगों से एक लिखित में लेकर शव हटवाकर रास्ता चालू करा दिया।
चौकी इंचार्ज अलीगंज योगेंद्र राय ने बताया कि विवाहिता की मौत से ससुराल पक्ष के लोग डरे थे, उन्हें लगा कि कहीं मायके पक्ष के लोग उन पर कोई कार्रवाई न कर दें इसलिए उन्होंने लोगों के उकसाने पर रास्ता जाम किया था।
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सीएचसी प्रभारी- बिजुआ ने बताया कि डॉ. रोहित पाठक प्रसूता को खून की कमी के चलते रेफर कर किया जा था। परिवार के लोग अपने साधन से महिला को ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान उसकी मौत हो गई।
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बुधवार को भदेड़ निवासी शत्रोहन की पत्नी रेनू देवी (25) को करीब आठ बजे रात को सीएचसी लाया गया था। यहां ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ ने रेनू को खून की कमी के चलते रात 10 बजे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। प्रसूता के साथ आई उसकी जेठानी और आशा वर्कर पिंकी ने रेफर होने के बाद प्रसूता को जिला अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस को फोन किया। उस समय एंबुलेंस के उपलब्ध न होने पर परिवार के लोग उसे खुद के ही वाहन से ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान प्रसूता की मौत हो गई। रात को ही घरवाले शव लेकर भदेड़ चले गए। सुबह करीब नौ बजे गांव वालों के साथ मिलकर शव को गोला-बिजुआ मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर जब अलीगंज चौकी इंचार्ज पहुंचे तो उन्होंने मायके पक्ष के लोगों से बात की और तहरीर मांगी। पीड़ित मां लज्जावती ने पुलिस से कहा कि वह किसी पर कोई कार्रवाई नहीं चाहती। पुलिस ने मायके और ससुराल पक्ष के लोगों से एक लिखित में लेकर शव हटवाकर रास्ता चालू करा दिया।
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चौकी इंचार्ज अलीगंज योगेंद्र राय ने बताया कि विवाहिता की मौत से ससुराल पक्ष के लोग डरे थे, उन्हें लगा कि कहीं मायके पक्ष के लोग उन पर कोई कार्रवाई न कर दें इसलिए उन्होंने लोगों के उकसाने पर रास्ता जाम किया था।
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सीएचसी प्रभारी- बिजुआ ने बताया कि डॉ. रोहित पाठक प्रसूता को खून की कमी के चलते रेफर कर किया जा था। परिवार के लोग अपने साधन से महिला को ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान उसकी मौत हो गई।