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तो एक थप्पड़ के बदले ले ली माखन की जान!
अमर उजाला ब्यूरो बिजुआ।
Updated Tue, 01 Nov 2016 11:26 PM IST
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murder
- फोटो : amar ujala
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गाली गलौज से बढ़ा विवाद, चाकू के एक वार से कर दिया काम तमाम
मौके पर माखन के चार थे साथी, फिर भी भारी पड़ गया आरोपी
पहाड़ापुर गांव के अनिल की जान महज एक थप्पड़ के बदले ले ली गई! पुलिस की जांच और माखन के साथियों की बात पर यकीन करें तो मामला कुछ ऐसा ही है। जांच में मिले बिंदुओं को जोड़कर ही पुलिस मामले के खुलासे में लगी है, लेकिन घटना के बाद से उसके साथियों का गायब होने और घायल को माखन को अस्पताल न ले जाने पर मृतक के परिवार वाले तरह तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं।
सोमवार की देर शाम को पहाड़ापुर गांव के माखन की पास के ही गांव घनापुरवा में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस माखन के चार साथियों की तलाश में जुटी थी, जिससे घटना के बाबत जानकारी मिल सके। देर रात तक पुलिस ने माखन के साथियों के परिवार वालों पर दबाव बनाया। मंगलवार की सुबह स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद चारों साथी पुलिस को मिल गए।
पुलिस का कहना है कि माखन सोमवार को करीब 10 लोगों के साथ घनापुरवा गांव में जुआ खेलने गया था। देर शाम तक सब जुआ खेलते रहे, उसके बाद घनापुरवा गांव में इन लोगों में से पांच लोगों ने शराब पी। वहीं पर जंगलीनाथ का एक युवक भी शराब पी रहा था, बताते हैं कि शराब पीने के बाद जैसे ही माखन अपने गांव के लिए चला तो आरोपी युवक ने पहाड़ापुर गांव के लोगों को गालियां दीं, जिसका माखन ने विरोध किया। इस पर आरोपी ने माखन का गिरेहबान पकड़ कर गाली दे दी, इससे नाराज होकर माखन ने उसे थप्पड़ मार दिया। बस यही गलती माखन की जान ले गई, बताते हैं कि आरोपी ने जेब से चाकू निकाल कर एक सीधा वार माखन के सीने पर कर दिया और फरार हो गया।
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बच्चियों के सिर से उठ गया बाप का साया
माखन मूड़ा सवारान स्थित टेंट पर मजदूरी करता था, उसकी शादी हो चुकी है। माखन की दो बेटियां हैं जिनमें बड़ी बेटी दो साल की और छोटी छह माह की है, पत्नी आरती का रो रोकर बुरा हाल है। मां हर एक से पूछ रही है कि मेेरे लाल की जान क्यों ले ली गई? घर वाले माखन के साथियों का नाम लेकर सवाल कर रहे हैं कि जब उनके बेटे की जान लेली गई थी तो उन्होंने परिवार वालों को जानकारी क्यों नहीं दी?
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मौके पर माखन के चार थे साथी, फिर भी भारी पड़ गया आरोपी
पहाड़ापुर गांव के अनिल की जान महज एक थप्पड़ के बदले ले ली गई! पुलिस की जांच और माखन के साथियों की बात पर यकीन करें तो मामला कुछ ऐसा ही है। जांच में मिले बिंदुओं को जोड़कर ही पुलिस मामले के खुलासे में लगी है, लेकिन घटना के बाद से उसके साथियों का गायब होने और घायल को माखन को अस्पताल न ले जाने पर मृतक के परिवार वाले तरह तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं।
सोमवार की देर शाम को पहाड़ापुर गांव के माखन की पास के ही गांव घनापुरवा में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस माखन के चार साथियों की तलाश में जुटी थी, जिससे घटना के बाबत जानकारी मिल सके। देर रात तक पुलिस ने माखन के साथियों के परिवार वालों पर दबाव बनाया। मंगलवार की सुबह स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद चारों साथी पुलिस को मिल गए।
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पुलिस का कहना है कि माखन सोमवार को करीब 10 लोगों के साथ घनापुरवा गांव में जुआ खेलने गया था। देर शाम तक सब जुआ खेलते रहे, उसके बाद घनापुरवा गांव में इन लोगों में से पांच लोगों ने शराब पी। वहीं पर जंगलीनाथ का एक युवक भी शराब पी रहा था, बताते हैं कि शराब पीने के बाद जैसे ही माखन अपने गांव के लिए चला तो आरोपी युवक ने पहाड़ापुर गांव के लोगों को गालियां दीं, जिसका माखन ने विरोध किया। इस पर आरोपी ने माखन का गिरेहबान पकड़ कर गाली दे दी, इससे नाराज होकर माखन ने उसे थप्पड़ मार दिया। बस यही गलती माखन की जान ले गई, बताते हैं कि आरोपी ने जेब से चाकू निकाल कर एक सीधा वार माखन के सीने पर कर दिया और फरार हो गया।
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माखन मूड़ा सवारान स्थित टेंट पर मजदूरी करता था, उसकी शादी हो चुकी है। माखन की दो बेटियां हैं जिनमें बड़ी बेटी दो साल की और छोटी छह माह की है, पत्नी आरती का रो रोकर बुरा हाल है। मां हर एक से पूछ रही है कि मेेरे लाल की जान क्यों ले ली गई? घर वाले माखन के साथियों का नाम लेकर सवाल कर रहे हैं कि जब उनके बेटे की जान लेली गई थी तो उन्होंने परिवार वालों को जानकारी क्यों नहीं दी?