फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   inspection

कहीं सिपाहियों की भरमार तो कहीं गश्त भी नहीं!

Mon, 22 Dec 2014 05:30 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Mon, 22 Dec 2014 05:30 PM IST
विज्ञापन
inspection
मलाईदार पुलिस चौकियों में तैनाती के लिए मारा-मारी के चलते शहर की कई चौकियों पर जरूरत से ज्यादा फोर्स तैनात कर दिया गया है। नतीजतन, कहीं सिपाहियों की भरमार है तो कहीं रात्रि गश्त को सिपाही भी नहीं मिल रहे हैं। मौजूदा समय में सीमावर्ती महेवागंज और एलआरपी चौकी पर मौजूद पुलिस फोर्स तीन पुलिस चौकियों के बराबर है। इसके मुकाबले जेल गेट, संकटा देवी और रोडवेज चौकी क्षेत्र में गश्त की कौन कहे, यहां पुलिस कर्मियों की संख्या पूरी कर पाना मुश्किल हो रहा है। एक अधिकारी के मुताबिक शहर के अंदरूनी हिस्से की तुलना में बाहरी हिस्से की सुरक्षा को ज्यादा अहमियत दी गई है। महेवागंज और एलआरपी में सिपाहियों की तैनाती में मानकों की अनदेखी की वजह से ही असंतुलन बना हुआ है। जिससे चौकियों से निकलने वाली मोबाइल टीमें भी नियमित रूप से नहीं संचालित हो पा रहीं हैं।
विज्ञापन

कहां-कितने तैनात हैं पुलिसकर्मी
सदर कोतवाली: एक इंस्पेक्टर, तीन दरोगा, नौ मुख्य आरक्षी और 15 आरक्षी
महेवागंज चौकी: एक दरोगा और 16 सिपाही
एलआरपी चौकी: एक दरोगा और 11 सिपाही
राजापुर चौकी: एक दरोगा, दो एचसीपी, नौ सिपाही
संकटा देवी चौकी: एक दरोगा, चार मुख्य आरक्षी, चार सिपाही
मिश्राना चौकी: एक दरोगा, एक मुख्य आरक्षी और चार सिपाही
जेलगेट चौकी: एक दरोगा, दो एचसीपी और तीन सिपाही
रोडवेज चौकी: एक दरोगा और चार सिपाही
रोडवेज चौकी में है सबसे ज्यादा बैंक
शहर में राष्ट्रीकृत और क्षेत्रीय 49 बैंक हैं, जबकि इन बैंकों के 37 एटीएम हैं। रोडवेज चौकी क्षेत्र में सबसे अधिक 14 बैंक हैं। जेलगेट में सात और संकटा देवी चौकी क्षेत्र में पांच बैंक हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक की सुरक्षा के लिए पुलिस लाइंस से गारद लगती है। शेष बैंकों की सुरक्षा पुलिस चौकियों और कोतवाली पुलिस के जिम्मे है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारी किस तरह की गंभीरता दिखा रहे हैं।
विज्ञापन

एएसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि महेवागंज, एलआरपी और राजापुर में दो-तीन सिपाही ज्यादा हैं। इनमें दूसरे जिले में स्थानांतरित सिपाही भी शामिल हैं। कानून-व्यवस्था और वीआईपी ड्यूटी को देखते हुए ऐसा किया गया है। सदर कोतवाली ही नहीं बल्कि पूरे जिले में पुलिस फोर्स की कमी है। लखनऊ से नए सिपाही आने हैं, जिनके आने के बाद सभी जगहों पर एक समान तैनाती की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed