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आग के खतरों से जंगल बचाने को बढ़ाई निगरानी
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 26 Mar 2016 11:21 PM IST
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जंगल में अाग
- फोटो : अमर उजाला
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- निगरानी को टीमें गठित, जंगल से सटे गांवों में जागरूकता अभियान शुरू
कड़ी धूप और तेज हवाओं से जंगलों में बढ़े आग के खतरों को देखते हुए वन विभाग ने जंगल की निगरानी बढ़ा दी गई है। फायर लाइन को दुरुस्त करने का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है। डीएफओ नीरज कुमार ने दक्षिण खीरी वन प्रभाग के सभी छह रेंजों में निगरानी के लिए टीमें गठित कर दी है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जंगलों की 24 घंटे निगरानी की जाए।
मालूम हो कि गर्मियों में आबादी की तरह जंगलों में भी आग का खतरा बढ़ जाता है। राह निकलते लोगों के बीड़ी सिगरेट पीकर फेंकने या चरवाहों के जंगल के अंदर आग जलाने से अक्सर आग लग जाती है। कभी-कभी शिकारी भी शिकार की मंशा से जंगल में आग लगा देते हैं। आग लगने से करोड़ों की वन संपदा का नुकसान होता है। जंगल में आग से बचाव के लिए वन विभाग फरवरी माह से अपना प्रयास शुरू कर देता है। वन विभाग का दावा है कि जंगल को आग से बचाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस साल भी फरवरी माह में आग से बचाव के लिए फायर लाइन बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। जंगलों से होकर गुजरे रास्तों के किनारे वाचरों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि जंगल में आग लगने की स्थिति में तत्काल रेंज कार्यालय और जिला मुख्यालय को सूचना देने के साथ ही अपने स्तर से आग बुझाने का इंतजाम करें।
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जंगल में आग लगने की स्थिति में फायर बिग्रेड का पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे में जंगलों में आग बुझाने के लिए वन विभाग पहले से ही बचाव के इंतजाम करता है। इन दिनों जंगल में मवेशी चराने के लिए जाने वाले चरवाहों पर खास निगरानी की जा रही है।
जंगल से सटे आबादी क्षेत्र में चल रहा जागरूकता अभियान
जंगल को आग से बचाव को वन विभाग जंगल से सटे आबादी क्षेत्र में वन विभाग ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसके तहत वन विभाग के अधिकारी गांव-गांव में बैठकें करके लोगों को जंगल में आग लगने के कारण और बचाव के उपाय बता रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी वनों पर लोगों की निर्भरता कम करने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।
गर्मियों में जंगल के अंदर आग लगने का खतरों को देखते हुए वन विभाग ने बचाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। जंगल की निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही जंगल से सटे गांवों में आग से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। - नीरज कुमार, डीएफओ दक्षिण खीरी वन प्रभाग
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कड़ी धूप और तेज हवाओं से जंगलों में बढ़े आग के खतरों को देखते हुए वन विभाग ने जंगल की निगरानी बढ़ा दी गई है। फायर लाइन को दुरुस्त करने का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है। डीएफओ नीरज कुमार ने दक्षिण खीरी वन प्रभाग के सभी छह रेंजों में निगरानी के लिए टीमें गठित कर दी है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जंगलों की 24 घंटे निगरानी की जाए।
मालूम हो कि गर्मियों में आबादी की तरह जंगलों में भी आग का खतरा बढ़ जाता है। राह निकलते लोगों के बीड़ी सिगरेट पीकर फेंकने या चरवाहों के जंगल के अंदर आग जलाने से अक्सर आग लग जाती है। कभी-कभी शिकारी भी शिकार की मंशा से जंगल में आग लगा देते हैं। आग लगने से करोड़ों की वन संपदा का नुकसान होता है। जंगल में आग से बचाव के लिए वन विभाग फरवरी माह से अपना प्रयास शुरू कर देता है। वन विभाग का दावा है कि जंगल को आग से बचाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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इस साल भी फरवरी माह में आग से बचाव के लिए फायर लाइन बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। जंगलों से होकर गुजरे रास्तों के किनारे वाचरों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि जंगल में आग लगने की स्थिति में तत्काल रेंज कार्यालय और जिला मुख्यालय को सूचना देने के साथ ही अपने स्तर से आग बुझाने का इंतजाम करें।
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जंगल में आग लगने की स्थिति में फायर बिग्रेड का पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे में जंगलों में आग बुझाने के लिए वन विभाग पहले से ही बचाव के इंतजाम करता है। इन दिनों जंगल में मवेशी चराने के लिए जाने वाले चरवाहों पर खास निगरानी की जा रही है।
जंगल से सटे आबादी क्षेत्र में चल रहा जागरूकता अभियान
जंगल को आग से बचाव को वन विभाग जंगल से सटे आबादी क्षेत्र में वन विभाग ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसके तहत वन विभाग के अधिकारी गांव-गांव में बैठकें करके लोगों को जंगल में आग लगने के कारण और बचाव के उपाय बता रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी वनों पर लोगों की निर्भरता कम करने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।
गर्मियों में जंगल के अंदर आग लगने का खतरों को देखते हुए वन विभाग ने बचाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। जंगल की निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही जंगल से सटे गांवों में आग से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। - नीरज कुमार, डीएफओ दक्षिण खीरी वन प्रभाग