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बताया था नेपाल भाग गए अपहर्ता
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 18 Jan 2016 11:58 PM IST
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सिंगाही के खैरीगढ़ से तीन बहनों के अपहरण का मामला समय गुजरने के साथ ही और चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। अब अपहर्ताओं की गिरफ्तारी एक चुनौती है। गांव से करीब पांच किमी दूर वाया बेलापरसुआ मार्ग पर फरेंदा गांव से पहले जंगल में स्थित वन चौकी तक तीन बाइक के टायर के निशान मिले हैैं, जो अलग-अलग बाइकों के हैं। जबकि इससे करीब दो किमी दूर नेपाल सीमा है। इससे अपहर्ताओं के नेपाल भागने की संभावना बलवती हो गई है। घटना के बाद मौके पर कांबिंग के दौरान इसकी जानकारी मिलने की बात खुद डीआईजी लखनऊ रेंज डीके चौधरी ने स्वीकार की है।
पुलिस, वन विभाग और एसएसबी की निगहबानी के बावजूद जिस तरह तीन बाइक सवार छह अपहर्ताओं ने वारदात को अंजाम दिया, उससे कई सवाल लोगों के जेहन में उठने लगे हैं। आतंकी घटनाओं के मद्देनजर खुफिया विभाग द्वारा अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद हुई दुस्साहसिक घटना से पुलिस-प्रशासन के इंतजामों की पोल खुलकर सामने आ गई है। दो दिन से अपहर्ताओं और तीन बहनों की तलाश में की जा रही कांबिंग के दौरान जो जानकारी सामने आई है, वह पुलिस-प्रशासन के सामने बेहद कड़ी चुनौती पेश कर सकती है। पहले पुलिस का अनुमान था कि अपहर्ता जंगल में ही छिपे हैं लेकिन नेपाल सीमा से करीब दो किमी पहले स्थित वन विभाग की चौकी के पास रास्ते पर जानवरों के पद चिन्ह ट्रेस करने के लिए डाली गई मिट्टी पर तीन बाइक के टायर के निशान मिलेे हैं। इसके आगे के रास्ते पर घास होने के चलते फिर टायरों के निशान नहीं दिखे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस वन चौकी से करीब दो किमी दूर नेपाल सीमा शुरू हो जाती है। आगे के रास्तों पर घास होने के चलते टायर के निशान न आने से संशय की स्थिति बनी हुई है।
डीआईजी लखनऊ रेज डीके चौधरी के अनुसार अगवा की गई तीनों बहनों को सकुशल बरामद करना प्राथमिकता है, जिसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैैं। वन चौकी के पास बाइक के टायरों के निशान देखे गए हैं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
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पुलिस, वन विभाग और एसएसबी की निगहबानी के बावजूद जिस तरह तीन बाइक सवार छह अपहर्ताओं ने वारदात को अंजाम दिया, उससे कई सवाल लोगों के जेहन में उठने लगे हैं। आतंकी घटनाओं के मद्देनजर खुफिया विभाग द्वारा अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद हुई दुस्साहसिक घटना से पुलिस-प्रशासन के इंतजामों की पोल खुलकर सामने आ गई है। दो दिन से अपहर्ताओं और तीन बहनों की तलाश में की जा रही कांबिंग के दौरान जो जानकारी सामने आई है, वह पुलिस-प्रशासन के सामने बेहद कड़ी चुनौती पेश कर सकती है। पहले पुलिस का अनुमान था कि अपहर्ता जंगल में ही छिपे हैं लेकिन नेपाल सीमा से करीब दो किमी पहले स्थित वन विभाग की चौकी के पास रास्ते पर जानवरों के पद चिन्ह ट्रेस करने के लिए डाली गई मिट्टी पर तीन बाइक के टायर के निशान मिलेे हैं। इसके आगे के रास्ते पर घास होने के चलते फिर टायरों के निशान नहीं दिखे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस वन चौकी से करीब दो किमी दूर नेपाल सीमा शुरू हो जाती है। आगे के रास्तों पर घास होने के चलते टायर के निशान न आने से संशय की स्थिति बनी हुई है।
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डीआईजी लखनऊ रेज डीके चौधरी के अनुसार अगवा की गई तीनों बहनों को सकुशल बरामद करना प्राथमिकता है, जिसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैैं। वन चौकी के पास बाइक के टायरों के निशान देखे गए हैं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
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