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पति को पांच साल कैद और पांच हजारा जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो/मोहम्मदी।
Updated Thu, 17 Mar 2016 10:53 PM IST
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- गैर इरादतन हत्या के मामले में था आरोपी
एडीजे न्यायालय मोहम्मदी ने गैर इरादतन हत्या के अभियुक्त को सात साल की जेल और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
न्यायिक सूत्रों के अनुसार मोहम्मदी कोतवाली के गांव इस्लामाबाद निवासी झाऊलाल की पुत्री ज्ञानवती उर्फ ज्ञाना की शादी दस वर्ष पूर्व थाना मोहम्मदी के गांव गुरेला निवासी धर्मपाल के साथ हुई थी। जिससे एक पुत्री वर्षा का जन्म हुआ, घटना के वक्त उसकी उम्र सात वर्ष रही होगी।
गत 14 मार्च 2011 को पति पत्नी में कुछ कहासुनी हुई, पति ने पत्नी को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। जब वादी उसके गांव पहुंचा तो नातिन वर्षा ने बताया कि मम्मी पापा में मारपीट हुई थी। बहरहाल मामले में वादी झाऊलाल, नातिन वर्षा, एचसीपी राजमणि पांडे, डॉ. अरुण कुमार, रामचंद्र सैनी, उपनिरीक्षक अली कदीर आदि के बयान हुए। लगभग पांच साल तक चले इस मुकदमे का फैसला जल्द आया, जिसमें एडीजे एमजी मदार ने मामले में पति को दोषी मानते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई तथा पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता कफील अहमद अंसारी ने की।
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एडीजे न्यायालय मोहम्मदी ने गैर इरादतन हत्या के अभियुक्त को सात साल की जेल और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
न्यायिक सूत्रों के अनुसार मोहम्मदी कोतवाली के गांव इस्लामाबाद निवासी झाऊलाल की पुत्री ज्ञानवती उर्फ ज्ञाना की शादी दस वर्ष पूर्व थाना मोहम्मदी के गांव गुरेला निवासी धर्मपाल के साथ हुई थी। जिससे एक पुत्री वर्षा का जन्म हुआ, घटना के वक्त उसकी उम्र सात वर्ष रही होगी।
गत 14 मार्च 2011 को पति पत्नी में कुछ कहासुनी हुई, पति ने पत्नी को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। जब वादी उसके गांव पहुंचा तो नातिन वर्षा ने बताया कि मम्मी पापा में मारपीट हुई थी। बहरहाल मामले में वादी झाऊलाल, नातिन वर्षा, एचसीपी राजमणि पांडे, डॉ. अरुण कुमार, रामचंद्र सैनी, उपनिरीक्षक अली कदीर आदि के बयान हुए। लगभग पांच साल तक चले इस मुकदमे का फैसला जल्द आया, जिसमें एडीजे एमजी मदार ने मामले में पति को दोषी मानते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई तथा पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता कफील अहमद अंसारी ने की।
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