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होमगार्ड के घर डकैती को छुपाने में पुलिस ने बर्बाद किया समय
अमर उजाला ब्यूरो हैरमखेड़ा।
Updated Sun, 06 Nov 2016 10:48 PM IST
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बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस घेराबंदी करती तो न होती चार घरों में डकैती
मैगलगंज पुलिस की लापरवाही तीन गांवों के चार घरों में पड़ी डकैती की मुख्य वजह बनी। बाईखेड़ा गांव निवासी एक होमगार्ड के घर लूटपाट करने के बाद बदमाश गांव के पूर्व प्रधान के घर घुसे थे। होमगार्ड की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची थी और वहीं सरकारी जीप खड़ी कर हूटर बजाती रही। यदि पुलिस बदमाशों की घेराबंदी कर तलाश शुरू करती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे।
गांव बाईखेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि सबसे पहले बदमाश शनिवार की रात करीब साढ़े 11 बजे गांव निवासी एक होमगार्ड के घर घुसे थे और करीब 20 मिनट लूटपाट करने के बाद भाग निकले। इसके बाद बदमाशों ने पूर्व प्रधान रामभूखन के घर पर धावा बोला। बदमाशों के जाने के बाद होमगार्ड ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर इंस्पेक्टर मैगलगंज अजय सिंह, औरंगाबाद चौकी पुलिस के साथ होमगार्ड के घर पहुंचे। पुलिस वहां सरकारी जीप खड़ी कर हूटर बजाती रही और घटना को छुपाने के लिए होमगार्ड को घंटों मनाने में जुटी रही। करीब दो घंटे तक मान मनौव्वल करने के बाद पुलिस गांव से चली गई। ग्रामीणों की माने तो यदि पुलिस होमगार्ड को मनाने में अपना समय बर्बाद न करती और आसपास के थानों को सूचना देकर घेराबंदी करती तो भले ही बदमाश पकड़ में नहीं आते, लेकिन एक-एक कर चार घरों में डकैती की घटना को अंजाम देने में कामयाब नहीं हो पाते। उधर जब होमगार्ड से घटना के बारे में पूछा गया तो उसके और परिवार के सदस्यों के चेहरे पर बदमाशों की दहशत के भाव साफ नजर आ रहे थे, पुलिस का दबाव भी साफ झलक रहा था, सो उसने घटना से इंकार कर दिया। कुल मिलाकर होमगार्ड के घर हुई घटना को छुपाना बदमाशों के लिए अभयदान साबित हुआ और वह अपने मकसद में कामयाब हो गए।
होमगार्ड के घर डकैती होने की सूचना मिली थी, लेकिन होमगार्ड इंकार कर रहा है, फिर भी मामले की वह अपने स्तर से जांच कराएंगे। घटना के खुलासे के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा सर्विलांस और स्वॉट टीम को लगाया गया है।
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-अखिलेश चौरसिया, एसपी
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मैगलगंज पुलिस की लापरवाही तीन गांवों के चार घरों में पड़ी डकैती की मुख्य वजह बनी। बाईखेड़ा गांव निवासी एक होमगार्ड के घर लूटपाट करने के बाद बदमाश गांव के पूर्व प्रधान के घर घुसे थे। होमगार्ड की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची थी और वहीं सरकारी जीप खड़ी कर हूटर बजाती रही। यदि पुलिस बदमाशों की घेराबंदी कर तलाश शुरू करती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे।
गांव बाईखेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि सबसे पहले बदमाश शनिवार की रात करीब साढ़े 11 बजे गांव निवासी एक होमगार्ड के घर घुसे थे और करीब 20 मिनट लूटपाट करने के बाद भाग निकले। इसके बाद बदमाशों ने पूर्व प्रधान रामभूखन के घर पर धावा बोला। बदमाशों के जाने के बाद होमगार्ड ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर इंस्पेक्टर मैगलगंज अजय सिंह, औरंगाबाद चौकी पुलिस के साथ होमगार्ड के घर पहुंचे। पुलिस वहां सरकारी जीप खड़ी कर हूटर बजाती रही और घटना को छुपाने के लिए होमगार्ड को घंटों मनाने में जुटी रही। करीब दो घंटे तक मान मनौव्वल करने के बाद पुलिस गांव से चली गई। ग्रामीणों की माने तो यदि पुलिस होमगार्ड को मनाने में अपना समय बर्बाद न करती और आसपास के थानों को सूचना देकर घेराबंदी करती तो भले ही बदमाश पकड़ में नहीं आते, लेकिन एक-एक कर चार घरों में डकैती की घटना को अंजाम देने में कामयाब नहीं हो पाते। उधर जब होमगार्ड से घटना के बारे में पूछा गया तो उसके और परिवार के सदस्यों के चेहरे पर बदमाशों की दहशत के भाव साफ नजर आ रहे थे, पुलिस का दबाव भी साफ झलक रहा था, सो उसने घटना से इंकार कर दिया। कुल मिलाकर होमगार्ड के घर हुई घटना को छुपाना बदमाशों के लिए अभयदान साबित हुआ और वह अपने मकसद में कामयाब हो गए।
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होमगार्ड के घर डकैती होने की सूचना मिली थी, लेकिन होमगार्ड इंकार कर रहा है, फिर भी मामले की वह अपने स्तर से जांच कराएंगे। घटना के खुलासे के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा सर्विलांस और स्वॉट टीम को लगाया गया है।
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-अखिलेश चौरसिया, एसपी