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बुखार का नहीं थम रहा कहर, तीन और भर्ती

Fri, 26 Aug 2016 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी। Updated Fri, 26 Aug 2016 10:19 PM IST
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Havoc was no fever subsided, three and recruitment
fever - फोटो : amar ujala
जेई और एईएस को भी नहीं मान रहा महकमा
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जिले में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जेई (जापानी इंसेफ्लाइटिस) और एईएस (एक्यूड इंन्सेफ्लाइटिस सिन्ड्रोम) की आशंका में सैंपल भेजे। सीएमओ की माने तो अब तक बुखार से सिर्फ एक ही बच्चे की मौत हुई है, जबकि किसी में भी जेई और एईएस पॉजिटिव नहीं मिला हैं। इधर शुक्रवार को आसीयू में बुखार से पीड़ित तीन बच्चे और भर्ती कराए गए हैं।
जिला अस्पताल में पिछले 15 दिनों में बुखार से पीड़ित सौ से अधिक बच्चे भर्ती हुए, जिनमें जेई और एईएस की आशंका के चलते सैंपल भी भेजे गए। इनमें से हालत गंभीर होने पर करीब 15 बच्चों को लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन अब तक किसी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं मिली। वहीं शुक्रवार को आइसीयू में तीन वर्षीय संजीव पुत्र जमुना प्रसाद निवासी राजुपर ब्लाक निघासन, आठ वर्षीय बलविंदर पुत्र जसकरन निवासी लालजीपुर ब्लाक बांकेगंज एवं छह  वर्षीय पूजा पुत्री नरेंद्र कुमार निवासी त्रिकोलिया ब्लाक पलिया को भर्ती कराया गया, जिनकी स्थिति गंभीर बताई गई है। 
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15 से अधिक बच्चों की हो चुकी है मौत 
चिल्ड्रेन वार्ड में संभावित जेई और एईएस से भर्ती हुए बच्चों की मौत का आंकड़ा 15 से अधिक पहुंच गया है, जिसमें सात वर्षीय आदर्श पुत्र प्रदीप निवासी ओयल, चार वर्षीय लाजी कौर पुत्री सिंदरपाल सिंह निवासी सूरतनगर, डेढ़ वर्षीय कामिनी पुत्री कमल किशोर निवासी लक्ष्मनपुरवा, 12 वर्षीय ममता पुत्री रामदेव निवासी चंदवापुर, एक वर्षीय अंशुमान पुत्र  ज्ञानबाबू निवासी कन्हैयादासपुर, पांच वर्षीय अल्फशा पुत्री तजुद्दीन निवसी इब्राहिमपुर एवं दीपक, कपित, आनन्द, रामायन, गंगाराम, शिवानी, शिवम, पंक्षी, काजल, राजलक्ष्मी की बुखार से जान जा चुकी है।
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इन बच्चों को किया जा चुका है रेफर  
चिल्ड्रन वार्ड में बुखार से पीड़ित भर्ती कराए गए रंजीत, अरुण, अभिजीत, राखी, रेनू, पूजा, मधू, शिवांशी, शिवानी, सतीश कुमार, अर्पिल,  अंकुश, नाजरा, शालू ,शेखर आदि की हालत गंभीर होने के कारण इनसभी को लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जा चुका है।


जेई और एईएस के लक्षण
सर्दी, जुकाम के साथ बुखार आना एवं बुखार आने के साथ ही झटके आने शुरू हो जाते हैं और बच्चा बेहोश भी होने लगता है।

जेई, एईएस का ही एक पार्ट है। इसके 15 साल तक के बच्चों में होने की आशंका प्रबल होती है। इसलिए बुखार आने पर लापरवाही नही करनी चाहिए बच्चे को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए।
-डॉ.आरके वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ
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