फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Having broken the bond of relationships murder disclosures

कत्ल के खुलासों में टूट रही रिश्तों की डोर

Sun, 13 Nov 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फरधान।
अमर उजाला ब्यूरो फरधान। Updated Sun, 13 Nov 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
अवैध रिश्ते और जायदाद के लालच में बिखर रहे परिवार
विज्ञापन

अवैध संबंधों और जायदाद का लालच उम्र भर के रिश्तों पर भारी पड़ रहा है। शनिवार को शकील हत्याकांड के खुलासे से यही साबित हुआ है, जिसकी खूनी कहानी स्वार्थ और अवैध रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। फरधान में यह वाकया पहला नहीं है, इससे पहले भी अपनों ने ही रिश्तों का खून बहाया है। कभी पत्नी ने अपने पति को रास्ते से हटा दिया, तो पति अपनी पत्नी का कातिल बन बैठा।

25 अक्तूबर 2012 को धौरहरा खुर्द निवासी शिवबालक वर्मा की हत्या हुई थी, जिसमें पत्नी रेखा और उसके प्रेमी थाना फूलबेहड़ के हजरतापुर निवासी समीमुद्दीन की भूमिका रही थी। पुलिस ने शिवबालक की हत्या में लिप्त बीवी रेखा, प्रेमी समीमुद्दीन और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर मामले का पटाक्षेप किया था। 30 मार्च 2013 को भदूरा निवासी प्रदीप की बीवी नीलम ने भी अपने प्रेमी इरफान के साथ मिलकर पति प्रदीप की हत्या करवा दी थी। पुलिस ने नीलम, इरफान और उसके दो साथियों को जेल भेजा था। तीन मई 2014 को ओदरहना निवासी सुनील वर्मा ने अवैध रिश्तों में बाधक बन रही अपनी पत्नी विनीता की चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। घटना को मोड़ने के लिए बदमाशों द्वारा पत्नी की हत्या करने की बात कही, लेकिन पुलिस की आंखों से वह बच नहीं पाया। पांच जून 2015 को कुसभरिया निवासी अनुदेशक गोपाल कृष्ण शुक्ला ने भाभी से अवैध रिश्तों में बाधक बन रही पत्नी सुनीता की लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी थी। 11 जून 2015 को अटौहापुरवा निवासी राजेंद्र की हत्या जमीन के लालच में उसकी साली चंद्रकली, भांजा संतोष, मौसेरे भाई रविंद्र और देशराज ने कर दी थी। तीन नवंबर 2015 को बरखेरवा गांव में जमीन की खातिर भतीजे सरस्वती ने अपने पुत्र के साथ मिलकर चाची का कत्ल कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed