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चार हत्याभियुक्तों को उम्रकैद, जुर्माना भी
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 01 Jul 2016 11:28 PM IST
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supreme court
पुरानी रंजिश में आठ साल पहले हुई थी हत्या
एक हत्याभियुक्त किशोर, फाइल बोर्ड को भेजी
पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीण की गोली मारकर हत्या करने के मामले में एडीजे एफटीसी जज अनामिका चौहान ने चार हत्यारोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। एक हत्याभियुक्त के नाबालिग निकलने पर उसकी फाइल किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम बेहननपुरवा निवासी शब्बीर और गांव के ही कल्लू के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी कड़ी में सात नवंबर 2007 की सुबह दस बजे जब शब्बीर अपने भाई नसीर अहमद और भतीजे इकरार अहमद के साथ मोटरसाइकिल से लखीमपुर आ रहा था। कोठिया गांव के कुछ पहले ही सड़क पर पहुंचे तो पीछे से मोटरसाइकिलों पर सवार होकर कल्लू, बुद्धा, तौकीर अकबाल और अफजाल आए और अचानक धावा बोल दिया। मौके की नजाकत भांपकर शब्बीर, नसीर और इकरार अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे, इसी दौरान हमलावरों ने नाजायज असलहों से फायरिंग करते हुए शब्बीर अहमद को गोली मारकर मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया। शब्बीर के भाई नसीर अहमद और इकरार को भी दौड़ाया और फायरिंग की, लेकिन वह दोनों भाग निकले, इन्हें फायर नहीं लगा। अदालती सुनवाई के दौरान एक हत्याभियुक्त नाबालिग निकला सो उसकी फाइल अलग करते हुए किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। कोर्ट ने अपने फैसले में कल्लू, बुद्धा, तौकीर अकबाल और अफजाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पांचों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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एक हत्याभियुक्त किशोर, फाइल बोर्ड को भेजी
पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीण की गोली मारकर हत्या करने के मामले में एडीजे एफटीसी जज अनामिका चौहान ने चार हत्यारोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। एक हत्याभियुक्त के नाबालिग निकलने पर उसकी फाइल किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम बेहननपुरवा निवासी शब्बीर और गांव के ही कल्लू के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी कड़ी में सात नवंबर 2007 की सुबह दस बजे जब शब्बीर अपने भाई नसीर अहमद और भतीजे इकरार अहमद के साथ मोटरसाइकिल से लखीमपुर आ रहा था। कोठिया गांव के कुछ पहले ही सड़क पर पहुंचे तो पीछे से मोटरसाइकिलों पर सवार होकर कल्लू, बुद्धा, तौकीर अकबाल और अफजाल आए और अचानक धावा बोल दिया। मौके की नजाकत भांपकर शब्बीर, नसीर और इकरार अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे, इसी दौरान हमलावरों ने नाजायज असलहों से फायरिंग करते हुए शब्बीर अहमद को गोली मारकर मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया। शब्बीर के भाई नसीर अहमद और इकरार को भी दौड़ाया और फायरिंग की, लेकिन वह दोनों भाग निकले, इन्हें फायर नहीं लगा। अदालती सुनवाई के दौरान एक हत्याभियुक्त नाबालिग निकला सो उसकी फाइल अलग करते हुए किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। कोर्ट ने अपने फैसले में कल्लू, बुद्धा, तौकीर अकबाल और अफजाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पांचों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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