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दोहरे हत्याकांड में एक को उम्रकैद, एक बरी
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 03 Mar 2015 11:51 PM IST
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दोहरे हत्याकांड में एडीजे योगिता चंद्रा ने एक हत्याभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है, जबकि सुबूत की कमी से एक हत्यारोपी संदेह के आधार पर बरी हुआ है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि मोहल्ला गढ़ीरोड स्थित छेदालाल के हाते में विजय मिश्र, मां विद्यावती और बहन के साथ रहता था। उन्हीं के वहां बागवानी करने के कारण उसके परिवार से किराया नहीं लिया जाता था। परिसर में ही सोहनलाल कहार और कल्लू कहार भी रहते थे। बागवानी और रखवाली को विजय मिश्र के परिवार के निवास के कारण सोहनलाल और कल्लू को इस बात की आशंका थी कि उन्हें घर से निकाल न दिया जाए, इसी बात को लेकर गाली-गलौज भी होता था। आरोप है कि दो सितंबर 2008 की रात ढाई-तीन बजे भोलू घोसी और विशाल गुप्ता उर्फ छोटे अपने एक साथी के साथ सोहनलाल के घर आए। आरोप है कि तीनों ने शराब पीने के बाद घर की छत पर सो रही विजय मिश्र की बहन की गला दबाकर हत्या कर दी। लाश को खुदकुशी का रूप देने के लिए कटहल के पेड़ में लटका रहे थे, इसी दौरान टोक देेने पर परिसर की रखवाली करने वाले अमृतलाल नागर उर्फ लखनउवा की भी गर्दन दबाकर हत्या कर दी। मामले की रिपोर्ट कोतवाली सदर मे दर्ज कराई गई। अभियोजन पक्ष की ओर से विजय मिश्र, विद्यावती, डॉ.एके चौधरी, कोतवाल रामजी लाल, एसआई अशोक पांडे, आरके शुक्ला,हेड कांस्टेबल राजेंद्र प्रसाद मिश्र की गवाही दर्ज कराई गई। जबकि बचाव पक्ष की ओर से कल्लू ने गवाही दी। सुनवाई के बाद एडीजे योगिता चंद्रा ने भोलू घोसी को दोषी पाते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही अलग-अलग धाराओं में 55 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। सुबूत की कमी के चलते विशाल गुप्ता बरी हुआ है वहीं दूसरे आरोपी को नाबालिग घोषित होने के कारण सुनवाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया है।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि मोहल्ला गढ़ीरोड स्थित छेदालाल के हाते में विजय मिश्र, मां विद्यावती और बहन के साथ रहता था। उन्हीं के वहां बागवानी करने के कारण उसके परिवार से किराया नहीं लिया जाता था। परिसर में ही सोहनलाल कहार और कल्लू कहार भी रहते थे। बागवानी और रखवाली को विजय मिश्र के परिवार के निवास के कारण सोहनलाल और कल्लू को इस बात की आशंका थी कि उन्हें घर से निकाल न दिया जाए, इसी बात को लेकर गाली-गलौज भी होता था। आरोप है कि दो सितंबर 2008 की रात ढाई-तीन बजे भोलू घोसी और विशाल गुप्ता उर्फ छोटे अपने एक साथी के साथ सोहनलाल के घर आए। आरोप है कि तीनों ने शराब पीने के बाद घर की छत पर सो रही विजय मिश्र की बहन की गला दबाकर हत्या कर दी। लाश को खुदकुशी का रूप देने के लिए कटहल के पेड़ में लटका रहे थे, इसी दौरान टोक देेने पर परिसर की रखवाली करने वाले अमृतलाल नागर उर्फ लखनउवा की भी गर्दन दबाकर हत्या कर दी। मामले की रिपोर्ट कोतवाली सदर मे दर्ज कराई गई। अभियोजन पक्ष की ओर से विजय मिश्र, विद्यावती, डॉ.एके चौधरी, कोतवाल रामजी लाल, एसआई अशोक पांडे, आरके शुक्ला,हेड कांस्टेबल राजेंद्र प्रसाद मिश्र की गवाही दर्ज कराई गई। जबकि बचाव पक्ष की ओर से कल्लू ने गवाही दी। सुनवाई के बाद एडीजे योगिता चंद्रा ने भोलू घोसी को दोषी पाते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही अलग-अलग धाराओं में 55 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। सुबूत की कमी के चलते विशाल गुप्ता बरी हुआ है वहीं दूसरे आरोपी को नाबालिग घोषित होने के कारण सुनवाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया है।
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