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शासन के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं मिल मालिक
अमर उजाला ब्यूूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:39 PM IST
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चीनी मिलें
- फोटो : अमर उजाला
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90 दिन बाद भी सात मिलों ने गन्ना किसानों को नहीं किया भुगतान
चीनी मिलों पर 380 करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य बकाया
गन्ना किसानों की बेबसी का फायदा उठाते हुए चीनी मिल मालिक गन्ना मूल्य का भुगतान करने में हीला-हवाली कर रहे हैं। मिल में पेराई सत्र के बंद होने की तिथि से 90 दिन के अंदर गन्ना किसानों को संपूर्ण भुगतान किया जाना था, फिर भी सात मिलों ने समयावधि बीतने पर भुगतान नहीं किया है। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने सभी मिलों को नोटिस जारी किया हैै।
बता दें कि पेराई सत्र प्रारंभ होने से पूर्व सरकार और मिल मालिकों के बीच गन्ना मूल्य भुगतान का मसौदा तैयार हुआ था, जिस पर सरकार के समक्ष मिल मालिकों ने सहमति जताई थी। दो किस्तों में भुगतान करने की सहूलियत मिल मालिकों को मिली थीं। पहली किस्त का भुगतान 14 दिन के अंदर करना था, जबकि दूसरी किस्त का संपूर्ण भुगतान मिल बंद होने की तिथि से 90 दिन के अंदर करना था। समयावधि बीतने पर अजबापुर मिल को छोड़कर सात मिलों ने किसानों को भुगतान नहीं किया है। इस कड़ी में गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा, कुंभी, गुलरिया और संपूर्णानगर मिल शामिल हैं। जबकि सबसे बाद में बेलरायां मिल 27 अप्रैल 2016 को बंद हुई थी। इन मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है, लेकिन प्रशासन भी चुप्पी साधे हुए है। गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक नौ चीनी मिलों ने पेराई सत्र में 22 अरब 65 करोड़ 37 लाख 22 हजार कीमत का गन्ना खरीदा था, जिसके सापेक्ष अब तक मिलों ने 18 अरब 85 करोड़ 22 लाख 60 हजार रुपये भुगतान किया है। अब भी किसानों का तीन अरब 80 करोड़ 14 लाख 62 हजार रुपये मिल मालिक दबाए बैठे हैं।
गन्ना मूल्य भुगतान पर नजर रखी जा रही है। कुछ चीनी मिले प्रतिदिन भुगतान कर रही हैैं। 90 दिन बीत जाने पर भुगतान न करने वाली सभी चीनी मिलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया हैै, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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चीनी मिलों पर 380 करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य बकाया
गन्ना किसानों की बेबसी का फायदा उठाते हुए चीनी मिल मालिक गन्ना मूल्य का भुगतान करने में हीला-हवाली कर रहे हैं। मिल में पेराई सत्र के बंद होने की तिथि से 90 दिन के अंदर गन्ना किसानों को संपूर्ण भुगतान किया जाना था, फिर भी सात मिलों ने समयावधि बीतने पर भुगतान नहीं किया है। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने सभी मिलों को नोटिस जारी किया हैै।
बता दें कि पेराई सत्र प्रारंभ होने से पूर्व सरकार और मिल मालिकों के बीच गन्ना मूल्य भुगतान का मसौदा तैयार हुआ था, जिस पर सरकार के समक्ष मिल मालिकों ने सहमति जताई थी। दो किस्तों में भुगतान करने की सहूलियत मिल मालिकों को मिली थीं। पहली किस्त का भुगतान 14 दिन के अंदर करना था, जबकि दूसरी किस्त का संपूर्ण भुगतान मिल बंद होने की तिथि से 90 दिन के अंदर करना था। समयावधि बीतने पर अजबापुर मिल को छोड़कर सात मिलों ने किसानों को भुगतान नहीं किया है। इस कड़ी में गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा, कुंभी, गुलरिया और संपूर्णानगर मिल शामिल हैं। जबकि सबसे बाद में बेलरायां मिल 27 अप्रैल 2016 को बंद हुई थी। इन मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है, लेकिन प्रशासन भी चुप्पी साधे हुए है। गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक नौ चीनी मिलों ने पेराई सत्र में 22 अरब 65 करोड़ 37 लाख 22 हजार कीमत का गन्ना खरीदा था, जिसके सापेक्ष अब तक मिलों ने 18 अरब 85 करोड़ 22 लाख 60 हजार रुपये भुगतान किया है। अब भी किसानों का तीन अरब 80 करोड़ 14 लाख 62 हजार रुपये मिल मालिक दबाए बैठे हैं।
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गन्ना मूल्य भुगतान पर नजर रखी जा रही है। कुछ चीनी मिले प्रतिदिन भुगतान कर रही हैैं। 90 दिन बीत जाने पर भुगतान न करने वाली सभी चीनी मिलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया हैै, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी