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चाह जिधर से आओ कोई नहीं पूछने वाला
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:23 PM IST
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सुरक्षा व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
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कचहरी में दर्जन भर गेट, सिर्फ दो गेटों पर तैनात हैं सुरक्षाकर्मी
दो साल पहले लगाई गई पीएसी की गारद भी हटाई
सीजेएम कोर्ट में धमकी भरा पत्र मिलने के बाद कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। कचहरी के अंदर आने-जाने के लिए करीब दर्जन भर छोटे-बड़े गेट हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ दो ही गेटों पर हैं।
दो साल पहले शातिर बदमाश बग्गा सिंह एक सिपाही को गोली मारकर कचहरी परिसर से अपने साथी के साथ भाग निकला था। जिसे पुलिस अब तक नहीं पकड़ सकी है। सिपाही की हत्या के बाद से कचहरी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर पीएसी की गारद भी लगाई गई थी। धीरे-धीरे माहौल शांत होते ही प्रशासन ने पीएसी की गारद वहां से हटा दी। कचहरी परिसर में ही डीएम, एसपी, डीसीओ, एडीएम आदि के दफ्तर हैं। कचहरी के अंदर आने-जाने के लिए दर्जन भर गेट हैं। इनमें से डीसी रोड पर स्थित गेट संख्या एक और दो पर तो पुलिस तैनात रहती है। जेल रोड स्थित गेट की सुरक्षा में महज दो होमगार्ड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा अन्य किसी गेट पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कचहरी में प्रवेश करने वालों की चेकिंग भी नहीं होती है।
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किसी ने सीजेएम कोर्ट में धमकी भरा पत्र रख दिया था। पत्र की भाषा से ही प्रतीत होता है कि वह किसी की शरारत है। फिलहाल एहतियातन बम निरोधक दस्ते के साथ सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मामले की जांच की जा रही है। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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-दीपेन्द्र नाथ चौधरी, एएसपी/प्रभारी एसपी।
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दो साल पहले लगाई गई पीएसी की गारद भी हटाई
सीजेएम कोर्ट में धमकी भरा पत्र मिलने के बाद कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। कचहरी के अंदर आने-जाने के लिए करीब दर्जन भर छोटे-बड़े गेट हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ दो ही गेटों पर हैं।
दो साल पहले शातिर बदमाश बग्गा सिंह एक सिपाही को गोली मारकर कचहरी परिसर से अपने साथी के साथ भाग निकला था। जिसे पुलिस अब तक नहीं पकड़ सकी है। सिपाही की हत्या के बाद से कचहरी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर पीएसी की गारद भी लगाई गई थी। धीरे-धीरे माहौल शांत होते ही प्रशासन ने पीएसी की गारद वहां से हटा दी। कचहरी परिसर में ही डीएम, एसपी, डीसीओ, एडीएम आदि के दफ्तर हैं। कचहरी के अंदर आने-जाने के लिए दर्जन भर गेट हैं। इनमें से डीसी रोड पर स्थित गेट संख्या एक और दो पर तो पुलिस तैनात रहती है। जेल रोड स्थित गेट की सुरक्षा में महज दो होमगार्ड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा अन्य किसी गेट पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कचहरी में प्रवेश करने वालों की चेकिंग भी नहीं होती है।
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किसी ने सीजेएम कोर्ट में धमकी भरा पत्र रख दिया था। पत्र की भाषा से ही प्रतीत होता है कि वह किसी की शरारत है। फिलहाल एहतियातन बम निरोधक दस्ते के साथ सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मामले की जांच की जा रही है। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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-दीपेन्द्र नाथ चौधरी, एएसपी/प्रभारी एसपी।