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बहला-फुसलाकर ले जाए जा रहे पांच मासूम बरामद
बिजुआ
Updated Wed, 06 Jan 2016 10:01 PM IST
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भीरा रेलवे स्टेशन से ढाई से पांच साल तक की उम्र के पांच बच्चों को संदिग्ध हालात में ट्रेन में सवार होते हुए पकड़ा गया है। सभी बच्चे एक ही गांव के रहने वाले हैं। बच्चों की मानें तो उन्हें गांव की ही एक महिला बहला फुसलकार लाई थी। वह फरार बताई जा रही है। देर रात तक बच्चे पुलिस थाने में बैठे रहे।
भीरा रेलवे स्टेशन पर शाम लगभग 6 बजे ढाई से पांच साल तक की उम्र के पांच बच्चे एक महिला के साथ ट्रेन के इंतजार में बैठे हुए थे। तभी पोथेपुरवा गांव का एक ग्रामीण ट्रेन से जाने के लिए पहुंच गया। ट्रेन में देरी होने से लोग घूम रहे थे। ग्रामीण ने बच्चों को अपने गांव का पहचान कर पूछने लगा कि वे कहां जा रहे हैं। बच्चों ने कुछ दूरी पर ही एक महिला की ओर इशारा कर बताया कि इनके साथ नानी के घर जा रहे हैं। इस दौरान महिला मौके से फरार हो गई। बच्चों के अपहरण की आशंका से हड़कंप मच गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने सभी बच्चों को थाने पर लाकर चाइल्ड लाइन वालों और बच्चों के घर वालों को खबर दी।
ढाई से पांच साल तक के हैं मासूम बच्चे भीरा में बरामद हुए बच्चे पांच साल तक की उम्र के हैं। पोथेपुरवा गांव के हरभजन सिंह की चार साल की बेटी ममता व ढाई साल का बेटा कमल, शिवराम सिंह की चार साल की बेटी काजल व तीन साल का बेेटा। इसी गांव के अनूप सिंह का चार साल का बेटा हरजीत शामिल है। पुलिस ने इन बच्चों को परिवार वालों के सुपुर्द करने के लिए उनका पहचान पत्र मंगाया गया है।
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थानाध्यक्ष्ा ब्रजराम यादव ने बताया कि बरामद हुए बच्चों ने गांव की एक महिला का नाम लिया है, उस महिला के खिलाफ अपहरण का मुकदमा लिखा जा रहा है। लिखा पढ़ी होने के बाद चाइल्ड लाइन वालों की मौजूदगी में बच्चों को परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
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भीरा रेलवे स्टेशन पर शाम लगभग 6 बजे ढाई से पांच साल तक की उम्र के पांच बच्चे एक महिला के साथ ट्रेन के इंतजार में बैठे हुए थे। तभी पोथेपुरवा गांव का एक ग्रामीण ट्रेन से जाने के लिए पहुंच गया। ट्रेन में देरी होने से लोग घूम रहे थे। ग्रामीण ने बच्चों को अपने गांव का पहचान कर पूछने लगा कि वे कहां जा रहे हैं। बच्चों ने कुछ दूरी पर ही एक महिला की ओर इशारा कर बताया कि इनके साथ नानी के घर जा रहे हैं। इस दौरान महिला मौके से फरार हो गई। बच्चों के अपहरण की आशंका से हड़कंप मच गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने सभी बच्चों को थाने पर लाकर चाइल्ड लाइन वालों और बच्चों के घर वालों को खबर दी।
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ढाई से पांच साल तक के हैं मासूम बच्चे भीरा में बरामद हुए बच्चे पांच साल तक की उम्र के हैं। पोथेपुरवा गांव के हरभजन सिंह की चार साल की बेटी ममता व ढाई साल का बेटा कमल, शिवराम सिंह की चार साल की बेटी काजल व तीन साल का बेेटा। इसी गांव के अनूप सिंह का चार साल का बेटा हरजीत शामिल है। पुलिस ने इन बच्चों को परिवार वालों के सुपुर्द करने के लिए उनका पहचान पत्र मंगाया गया है।
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थानाध्यक्ष्ा ब्रजराम यादव ने बताया कि बरामद हुए बच्चों ने गांव की एक महिला का नाम लिया है, उस महिला के खिलाफ अपहरण का मुकदमा लिखा जा रहा है। लिखा पढ़ी होने के बाद चाइल्ड लाइन वालों की मौजूदगी में बच्चों को परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।