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फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेजने का आरोप
सिंगाही।
Updated Thu, 02 Jul 2015 06:46 PM IST
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थाना क्षेत्र के गांव मनमदपुर के दूधिया रामनिवास अपहरण कांड के खुलासे औैर दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी होने के बाद एक अभियुक्त की पत्नी ने पुलिस पर फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेजने का आरोप लगाया है। अभियुक्त की पत्नी ने मुख्यमंत्री को फैक्स भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की हैं।
इस अपहरण कांड में जेल भेजे गए अभियुक्त राजेश वर्मा की पत्नी पिंकी देवी ने बताया कि गांव मनमदपुर निवासी दूधिया रामनिवास का अपहरण पांच जून को बेलरायां दूध ले जाते समय हुआ था। 15 जून को सकुशल घर वापस आ गया था। पुलिस ने अपहरण कांड का खुलासा दुधवा टाइगर रिजर्व जोन के जंगल में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से किया था। पुलिस ने कैमरे की मदद से बाइक की पहचान करते हुए खुलासे का दावा किया। पिंकी का आरोप है कि कैमरे की वीडीओ फुटेज में केवल गाड़ी का कलर ही आया है, उसमें नंबर आदि नहीं हैं। उस कलर की दूसरी बाइक भी हो सकती हैं। इसके अलावा अगवा हुए रामनिवास से आरोपी की शिनाख्त नहीं कराई गई। पुलिस ने राजेश को 25 जून को बेलरायां स्थित दुकान से उठाया था। सात दिनों तक उसे हिरासत में रखकर मानवाधिकारों का हनन भी किया।
अपहरण कांड का खुलासा एकदम सही है। आरोपी के परिवार वाले बचाव में पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं। यह सच है कि बाइक से ही अपहरणकर्ताओं की शिनाख्त हुई है। - जेपी यादव, एसओ सिंगाही
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इस अपहरण कांड में जेल भेजे गए अभियुक्त राजेश वर्मा की पत्नी पिंकी देवी ने बताया कि गांव मनमदपुर निवासी दूधिया रामनिवास का अपहरण पांच जून को बेलरायां दूध ले जाते समय हुआ था। 15 जून को सकुशल घर वापस आ गया था। पुलिस ने अपहरण कांड का खुलासा दुधवा टाइगर रिजर्व जोन के जंगल में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से किया था। पुलिस ने कैमरे की मदद से बाइक की पहचान करते हुए खुलासे का दावा किया। पिंकी का आरोप है कि कैमरे की वीडीओ फुटेज में केवल गाड़ी का कलर ही आया है, उसमें नंबर आदि नहीं हैं। उस कलर की दूसरी बाइक भी हो सकती हैं। इसके अलावा अगवा हुए रामनिवास से आरोपी की शिनाख्त नहीं कराई गई। पुलिस ने राजेश को 25 जून को बेलरायां स्थित दुकान से उठाया था। सात दिनों तक उसे हिरासत में रखकर मानवाधिकारों का हनन भी किया।
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अपहरण कांड का खुलासा एकदम सही है। आरोपी के परिवार वाले बचाव में पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं। यह सच है कि बाइक से ही अपहरणकर्ताओं की शिनाख्त हुई है। - जेपी यादव, एसओ सिंगाही
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