फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Two innocent daughters poison father Put the hanging , three killed

दो मासूम बेटियों को जहर दे पिता ने भी लगाई फांसी, तीनों की मौत

Sun, 04 Oct 2015 11:45 PM IST
बरवर
बरवर Updated Sun, 04 Oct 2015 11:45 PM IST
विज्ञापन
Two innocent daughters poison father Put the hanging , three killed
गांव भौनापुर निवासी 28 वर्षीय बूटा सिंह कुशवाहा की पांच साल पहले
विज्ञापन
हैदराबाद क्षेत्र के गांव बोझवा निवासी रिंकी के साथ हुई थी। दो अक्तूबर 2015 की रात को बूटा सिंह और रिंकी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसमें बूटा सिंह ने अपनी पत्नी रिंकी की पिटाई कर दी। इससे क्षुब्ध होकर रिंकी अपने मायके बोझवा थाना हैदराबाद चली गई थी। पत्नी के जाने के बाद उसने तीन अक्तूबर की रात अपनी दो मासूम बेटियों ढाई वर्षीय अंशिका और तीन माह की छोटी बिटिया को जहर खिलाकर सुला दिया और खुद मकान के बरामदे में  फांसी लगाकर जान दे दी। रविवार की सुबह घर के अंदर बंधी भैंस ने चिल्लाना शुरू किया, तब ग्राम प्रधान संतोष वर्मा समेत ग्रामीण उसके घर पहुंचे। मकान के एक दरवाजे पर लगी ईंट हटाकर मकान के अंदर पहुंचे, तो नजारा देखकर सन्न रह गए। दोनों बच्चियां बिस्तर पर पड़ी थीं और बूटा सिंह का शव फांसी पर लटक रहा था। ग्राम प्रधान संतोष वर्मा ने पसगवां थाने और बरवर चौकी पुलिस को सूचना थी। एसओ पसगवां अनिल शाही और चौकी इंचार्ज जयकरन सिंह भदौरिया मौके पर पहुंचे, लाश का पंचनामा भरकर तीनों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
भौनापुर निवासी बाबूराम कुशवाहा के तीन बेटों में बूटा सिंह मंझला बेटा था। जबकि श्यामल सिंह बड़ा और रामू सिंह छोटा बेटा है। दो साल से बूटा सिंह गांव में ही अलग घर बनाकर अपनी पत्नी रिंकी के साथ रह रहा था। वह मेहनत मजदूरी कर के गुजर बसर कर रहा था।  शादी के बाद पहली बेटी अंशिका हुई जो ढाई साल की थी। जबकि तीन माह पूर्व उसकी दूसरी बेटी हुई थी। दो बेटियों के जन्म के बाद से वह अंदर ही अंदर कुंठित रहने लगा था और अक्सर गुस्सा अपनी पत्नी पर उतारता  था। शायद यह हादसा भी इसी कुंठा का परिणाम रहा होगा।

मृतक के पिता बाबूराम का कहना है कि बूटा हम सबसे अलग घर बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। वह भी दो साल से उसके घर नहीं गए थे। बाबूराम के पास छह बीघे खेती है, जिसमें वह खुद, बड़ा पुत्र श्यामल सिंह और सबसे  छोटा पुत्र रामू, पुत्री शिवानी (17) गुजर बसर करते हैं। पैतृक संपत्ति के रूप में बूटा के नाम डेढ़ बीघे जमीन पड़ती थी। चौकी प्रभारी बरवर ने बताया कि मृतक के पिता बाबूराम ने घटना की तहरीर पसगवां थाने में दी है। मृतक के घर से कीटनाशक दवाई की शीशी मिली है। पुलिस का यह भी कहना है कि दवाई पिलाने के बाद बच्चियों को उल्टियां नहीं हुई। बताया जाता है कि  बूटा ने अपनी दुधमुंही बच्ची को ड्रॉपर से जबकि बड़ी बेटी को गिलास में डालकर जहर पिलाया। घटना के वक्त मृतक की पत्नी मायके बोझवा में थी, जो घटना की जानकारी मिलने के बाद भी दोपहर तक नहीं पहुंची थी।
विज्ञापन



विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed