{"_id":"5720cf304f1c1bf631a91f7c","slug":"bablu-s-house-but-the-fire-is-not-extinguished-the-stove","type":"story","status":"publish","title_hn":"बबलू के घर का चूल्हा तो बुझ गया लेकिन आग नहीं","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बबलू के घर का चूल्हा तो बुझ गया लेकिन आग नहीं
अमर उजाला ब्यूरो-बिजुआ (लखीमपुर-खीरी)।
Updated Wed, 27 Apr 2016 11:22 PM IST
विज्ञापन
अाग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोथेपुरवा गांव में रहस्यमय हालात में आग लगने का मामला
जिला मुख्यालय से करीब 55 किमी दूर पोथेपुरवा गांव के बबलू का घर गांव की शुरुआत में ही बना हुआ है। बबलू का घर पिछले कुछ समय से सुर्खियों में बना हुआ है। बबलू बताते हैं कि 10 मार्च को उनके घर कमरे में रखे बिस्तरों में अचानक आग लग गई। इस सबंध में उसने पुलिस को तहरीर भी दी, जिसमें अपने पड़ोसी पर आरोप लगाया। इसके बाद गांव में अन्य कई स्थानों पर आग की घटनाएं हुईं। बस इसी के बाद से आग को लेकर गांव में एक कहानी शुरू हो गई। चौपालों पर भूतप्रेत के किस्सों ने जोर पकड़ लिया। कई मीडियाकर्मी बबलू के घर वास्तविकता जानने पहुंच रहे हैं और कहानी सुनकर लौट रहे हैं। फिलहाल आग की घटना जांच का विषय है। हकीकत यह है कि बबलू के घर का चूल्हा बुझा हुआ है और अफवाहों के चक्कर में गांव के लोग इस परिवार को अपने पास नहीं आने देना चाहते कि कहीं उनका घर भी न जल जाए।
मानव रचित है ये घटना: वैज्ञानिक
साइंस्टिफिक एंड रेसोनालिस्ट सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी एवं जिला विज्ञान क्लब लखनऊ के कोआर्डिनेटर राजकमल श्रीवास्तव कहते हैं कि पोथेपुरवा की घटना पूरी तरह से मैन क्रियेटेड है। फॉसफोरस या सोडियम के प्रयोग से ऐसा किया जा सकता है। ऐसी पहले भी कई घटनाएं हुईं हैं, जिनका उनकी संस्था ने खुलासा किया है।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय से करीब 55 किमी दूर पोथेपुरवा गांव के बबलू का घर गांव की शुरुआत में ही बना हुआ है। बबलू का घर पिछले कुछ समय से सुर्खियों में बना हुआ है। बबलू बताते हैं कि 10 मार्च को उनके घर कमरे में रखे बिस्तरों में अचानक आग लग गई। इस सबंध में उसने पुलिस को तहरीर भी दी, जिसमें अपने पड़ोसी पर आरोप लगाया। इसके बाद गांव में अन्य कई स्थानों पर आग की घटनाएं हुईं। बस इसी के बाद से आग को लेकर गांव में एक कहानी शुरू हो गई। चौपालों पर भूतप्रेत के किस्सों ने जोर पकड़ लिया। कई मीडियाकर्मी बबलू के घर वास्तविकता जानने पहुंच रहे हैं और कहानी सुनकर लौट रहे हैं। फिलहाल आग की घटना जांच का विषय है। हकीकत यह है कि बबलू के घर का चूल्हा बुझा हुआ है और अफवाहों के चक्कर में गांव के लोग इस परिवार को अपने पास नहीं आने देना चाहते कि कहीं उनका घर भी न जल जाए।
मानव रचित है ये घटना: वैज्ञानिक
साइंस्टिफिक एंड रेसोनालिस्ट सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी एवं जिला विज्ञान क्लब लखनऊ के कोआर्डिनेटर राजकमल श्रीवास्तव कहते हैं कि पोथेपुरवा की घटना पूरी तरह से मैन क्रियेटेड है। फॉसफोरस या सोडियम के प्रयोग से ऐसा किया जा सकता है। ऐसी पहले भी कई घटनाएं हुईं हैं, जिनका उनकी संस्था ने खुलासा किया है।
विज्ञापन