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नवोदय से 31 प्रदर्शनकारी छात्र निष्कासित
अमर उजाला ब्यूरो/मितौली (लखीमपुर खीरी)।
Updated Tue, 13 Sep 2016 11:35 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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विद्यालय कैंपस में बीते कई दिनों से प्रदर्शन कर छात्रों पर हुई कड़ी कार्रवाई
जवाहर नवोदय विद्यालय में बीते कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। विद्यालय का माहौल बिगाड़ने के आरोप में मंगलवार देर शाम 31 छात्रों को निष्कासित कर दिया। निष्कासित किए गए सभी छात्र कक्षा 11 में थे, जिन्हें विद्यालय ने टीसी भी थमा दी है। छात्रों को उनके घरों के लिए बस एवं चौपहिया वाहनों से रवाना कर दिया गया। एसडीएम मंशाराम वर्मा ने बताया कि निकाले गए छात्रों की भूमिका पर ही कई दिनों से ड्रामा चल रहा था, क्योंकि इन्हीं छात्रों के उकसावे और मजबूरी में अन्य कक्षाओं के छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में शामिल हो रहे थे। छात्रों के जिद्दी रवैये से विद्यालय का माहौल दिनों-दिन खराब हो रहा था। इसलिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सख्त कदम उठाना पड़ा है। कुछ विद्यालय स्टाफ के लोगों की संलिप्तता पाई गई है, जिसमें एक कर्मचारी आरके शुक्ला को लखनऊ से अटैच किया जा चुका है। अन्य लोगों पर भी शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इससे पहले मंगलवार सुबह भी छात्रों ने मेस में नाश्ता नहीं किया और गेट पर बैठ बारिश में भीगते हुए प्रदर्शन किया। दो दिन पहले जांच के लिए आए सहायक आयुक्त करमचंद्र कैंपस में ही मौजूद थे। छात्रों ने फिर से प्रधानाचार्य अनीता कुमारी को हटाने की मांग दोहराई, जिसकी सूचना मिलते ही एसडीएम मंशाराम वर्मा और सीओ निष्ठा उपाध्याय भी छात्रों से वार्ता करने विद्यालय पहुंचे। अपराह्न एक बजे के बाद छात्र-छात्राएं हास्टल में लौट गए, जिसके बाद हाउस मास्टर के साथ अधिकारियों ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया।
15 दिन के अवकाश से लौटने पर सोमवार से प्रधानाचार्य अनीता कुमारी ने चार्ज संभाल लिया है। इससे बौखलाए छात्रों ने मंगलवार की सुबह से ही गेट पर बैठ प्रदर्शन शुरू कर दिया। नवोदय विद्यालय समिति के सहायक आयुक्त करमचंद्र, एसडीएम मंशाराम वर्मा, सीओ निष्ठा उपाध्याय, तहसीलदार आशुतोष गुप्ता, सीतापुर के प्रधानाचार्य आरके चौधरी, शाहजहांपुर के प्रधानाचार्य एके शुक्ला और पिहानी की प्रधानाचार्य सुमन द्विवेदी ने छात्रों से बातचीत कर समझाने का कई बार प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर ही अड़े रहकर उग्र हो गए। रविवार को पीटीए होने के बाद सोमवार को विद्यालय का माहौल सामान्य रहा था। इस बार छात्रों के साथ छात्राएं भी खुलकर सामने आ गई हैं। पूरे दिन कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन शाम तक कोई नतीजा नहीं निकल सका। कक्षा 12 के छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए, बल्कि उन्होंने अपने और हड़ताली छात्रों के भविष्य की दुहाई देते हुए प्रदर्शन समाप्त करने की अपील भी की, लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हुए। कक्षा 12 के छात्रों के दबाव के कारण छात्र मेन गेट छोड़कर मेस जाने की बजाय हॉस्टल में चले गए।
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शाम तक छात्रों के न मानने पर डीएम आकाश दीप ने कुछ दिनों के लिए विद्यालय को बंद करने के मौखिक निर्देश दिए हैं, जिसके बाद सीओ निष्ठा उपाध्याय ने छात्रों को उनके घर भेजवाने के लिए प्राइवेट बसें मंगवाई। इस पर पुलिस ने लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग की तीन बसें कैंपस में खड़ी करवा दी हैं। सीओ ने बताया कि मौखिक निर्देश मिले हैं। एहतियातन बसें मंगवाई गई हैं, यदि जरूरत हुई तो छात्रों को पुलिस लाइंस भेजा जाएगा।
विद्यालय के हालात पर नजर रखी जा रही है। अभी छात्रों से बातचीत कर समस्या का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है। डीएम और एसडीएम की रिपोर्ट के अनुसार ही कोई कड़ा कदम उठाया जाएगा।
- जीएस पाटनी, उपायुक्त, नवोदय विद्यालय समिति
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जवाहर नवोदय विद्यालय में बीते कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। विद्यालय का माहौल बिगाड़ने के आरोप में मंगलवार देर शाम 31 छात्रों को निष्कासित कर दिया। निष्कासित किए गए सभी छात्र कक्षा 11 में थे, जिन्हें विद्यालय ने टीसी भी थमा दी है। छात्रों को उनके घरों के लिए बस एवं चौपहिया वाहनों से रवाना कर दिया गया। एसडीएम मंशाराम वर्मा ने बताया कि निकाले गए छात्रों की भूमिका पर ही कई दिनों से ड्रामा चल रहा था, क्योंकि इन्हीं छात्रों के उकसावे और मजबूरी में अन्य कक्षाओं के छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में शामिल हो रहे थे। छात्रों के जिद्दी रवैये से विद्यालय का माहौल दिनों-दिन खराब हो रहा था। इसलिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सख्त कदम उठाना पड़ा है। कुछ विद्यालय स्टाफ के लोगों की संलिप्तता पाई गई है, जिसमें एक कर्मचारी आरके शुक्ला को लखनऊ से अटैच किया जा चुका है। अन्य लोगों पर भी शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इससे पहले मंगलवार सुबह भी छात्रों ने मेस में नाश्ता नहीं किया और गेट पर बैठ बारिश में भीगते हुए प्रदर्शन किया। दो दिन पहले जांच के लिए आए सहायक आयुक्त करमचंद्र कैंपस में ही मौजूद थे। छात्रों ने फिर से प्रधानाचार्य अनीता कुमारी को हटाने की मांग दोहराई, जिसकी सूचना मिलते ही एसडीएम मंशाराम वर्मा और सीओ निष्ठा उपाध्याय भी छात्रों से वार्ता करने विद्यालय पहुंचे। अपराह्न एक बजे के बाद छात्र-छात्राएं हास्टल में लौट गए, जिसके बाद हाउस मास्टर के साथ अधिकारियों ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया।
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15 दिन के अवकाश से लौटने पर सोमवार से प्रधानाचार्य अनीता कुमारी ने चार्ज संभाल लिया है। इससे बौखलाए छात्रों ने मंगलवार की सुबह से ही गेट पर बैठ प्रदर्शन शुरू कर दिया। नवोदय विद्यालय समिति के सहायक आयुक्त करमचंद्र, एसडीएम मंशाराम वर्मा, सीओ निष्ठा उपाध्याय, तहसीलदार आशुतोष गुप्ता, सीतापुर के प्रधानाचार्य आरके चौधरी, शाहजहांपुर के प्रधानाचार्य एके शुक्ला और पिहानी की प्रधानाचार्य सुमन द्विवेदी ने छात्रों से बातचीत कर समझाने का कई बार प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर ही अड़े रहकर उग्र हो गए। रविवार को पीटीए होने के बाद सोमवार को विद्यालय का माहौल सामान्य रहा था। इस बार छात्रों के साथ छात्राएं भी खुलकर सामने आ गई हैं। पूरे दिन कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन शाम तक कोई नतीजा नहीं निकल सका। कक्षा 12 के छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए, बल्कि उन्होंने अपने और हड़ताली छात्रों के भविष्य की दुहाई देते हुए प्रदर्शन समाप्त करने की अपील भी की, लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हुए। कक्षा 12 के छात्रों के दबाव के कारण छात्र मेन गेट छोड़कर मेस जाने की बजाय हॉस्टल में चले गए।
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शाम तक छात्रों के न मानने पर डीएम आकाश दीप ने कुछ दिनों के लिए विद्यालय को बंद करने के मौखिक निर्देश दिए हैं, जिसके बाद सीओ निष्ठा उपाध्याय ने छात्रों को उनके घर भेजवाने के लिए प्राइवेट बसें मंगवाई। इस पर पुलिस ने लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग की तीन बसें कैंपस में खड़ी करवा दी हैं। सीओ ने बताया कि मौखिक निर्देश मिले हैं। एहतियातन बसें मंगवाई गई हैं, यदि जरूरत हुई तो छात्रों को पुलिस लाइंस भेजा जाएगा।
विद्यालय के हालात पर नजर रखी जा रही है। अभी छात्रों से बातचीत कर समस्या का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है। डीएम और एसडीएम की रिपोर्ट के अनुसार ही कोई कड़ा कदम उठाया जाएगा।
- जीएस पाटनी, उपायुक्त, नवोदय विद्यालय समिति