{"_id":"05176364c803e6bf615ef3814f5a0c03","slug":"after-17-hours-of-negotiation-marriage-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"17 घंटे की समझौता वार्ता के बाद शादी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
17 घंटे की समझौता वार्ता के बाद शादी
धौरहरा।
Updated Thu, 11 Jun 2015 07:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में जीप और बस की जगह ट्रैक्टर-ट्रॉली से बारात लाने पर वधू पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप से 17 घंटे बाद वर और वधू पक्ष मान गए, जिससे शादी हो गई।
कोतवाली क्षेत्र के नरैना बाबा गांव में ईसानगर थाना क्षेत्र के गुरुदीनपुरवा से बारात आई थी, बारात में बस और जीप की बजाय ट्रैक्टर ट्रॉली पर बाराती आए थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली देख लड़की पक्ष के लोगों को अपनी बेइज्जती महसूस की और उन्होंने दूल्हे के पिता को बंधक बना कर लड़की की शादी करने से इंकार कर दिया। लड़की पक्ष के इस रवैए से बारातियों के होश उड़ गए। जरा सी बात को प्रतिष्ठा से जोड़ने पर बारातियों और लड़की पक्ष के लोगों के बीच जमकर कहासुनी भी हुई। जिसके बाद बारातियों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसआई जेपी यादव ने दूल्हे के पिता को लड़की पक्ष के लोगों से बंधन से मुक्त कराया और वापस जा चुके बारातियों को पुन: बुलाकर शादी कराने के लिए ग्राम प्रधान की मध्यस्थता से दोनों पक्षों में सुलह समझौते शुरू किए। पूरी रात समझौता नहीं हो पाया तो गुरुवार की सुबह नौ बजे से कोतवाल विजयप्रताप सिंह की मौजूदगी में फिर पंचायत शुरू हुई। बमुश्किल दोपहर बाद दोनों पक्ष शादी करने पर राजी हो गए। तब जाकर देर शाम शादी की रस्मे निभाई गईं।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के नरैना बाबा गांव में ईसानगर थाना क्षेत्र के गुरुदीनपुरवा से बारात आई थी, बारात में बस और जीप की बजाय ट्रैक्टर ट्रॉली पर बाराती आए थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली देख लड़की पक्ष के लोगों को अपनी बेइज्जती महसूस की और उन्होंने दूल्हे के पिता को बंधक बना कर लड़की की शादी करने से इंकार कर दिया। लड़की पक्ष के इस रवैए से बारातियों के होश उड़ गए। जरा सी बात को प्रतिष्ठा से जोड़ने पर बारातियों और लड़की पक्ष के लोगों के बीच जमकर कहासुनी भी हुई। जिसके बाद बारातियों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसआई जेपी यादव ने दूल्हे के पिता को लड़की पक्ष के लोगों से बंधन से मुक्त कराया और वापस जा चुके बारातियों को पुन: बुलाकर शादी कराने के लिए ग्राम प्रधान की मध्यस्थता से दोनों पक्षों में सुलह समझौते शुरू किए। पूरी रात समझौता नहीं हो पाया तो गुरुवार की सुबह नौ बजे से कोतवाल विजयप्रताप सिंह की मौजूदगी में फिर पंचायत शुरू हुई। बमुश्किल दोपहर बाद दोनों पक्ष शादी करने पर राजी हो गए। तब जाकर देर शाम शादी की रस्मे निभाई गईं।
विज्ञापन