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खीरी के इतिहास में सबसे बड़ी वारदात, दहल उठे लोग
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 29 Apr 2018 01:31 AM IST
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जिले के भल्लिया बुजुर्ग रेलवे स्टेशन पर मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर बारातियों से भरी बस ट्रेन की चपेट में आने से 20 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन सड़क हादसे में एक साथ 12 लोगों की जान चली जाने की लखीमपुर के इतिहास की यह पहली घटना है।
वर्ष 2002 में गांव भल्लिया बुजुर्ग से एक बारात जा रही थी। मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन की चपेट में आने से बस के परखच्चे उड़ गए थे। इस हादसे में 20 लोगों की मौत् हो गई थी। उचौलिया में शनिवार को हुए हादसे ने भल्लिया बुजुर्ग की घटना की भी याद ताजा कर दी है। नियमों की अनदेखी पर सड़क हादसे की जिले में पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन एआरटीओ प्रशासन और पुलिस ने सबक नहीं लिया। 24 दिसंबर 2016 की रात में थाना हैदराबाद के आंवला जंगल में ट्रैक्टर ट्राली और बोलेरों में हुई जबरदस्त भिड़ंत में सात लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में मोहम्मदी के बिचपरी गांव के एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई थी। पूरा परिवार नई बोलेरों से बीमार बुजुर्ग को देखने जिला अस्पताल गए थे, जहां से लौटते समय हादसा हो गया था। 14 जनवरी 2018 को मैलानी-भीरा रोड पर रेलवे फाटक के पास तिलक चढ़ाकर लौट रही अनियंत्रित बोलेरो ट्रक में घुस गई थी, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटनास्थल से पोस्टमार्टम हाउस तक नहीं पहुंचा कोई जनप्रतिनिधि
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने प्रेस नोट जारी करा ब्यक्त की संवेदना
सड़क हादसे में 12 लोगों की मौत के बाद जहां लोग सिहर उठे, वहीं जिले के बार्डर पर हुई घटना के मौके पर कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। उम्मीद थी कि पोस्टमार्टम हाउस पर सांसद और विधायक पहुंच सकते हैं, लेकिन कोई नहीं आया। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल जरूर पहुंचे और उन्होंने लोगों को ढांढस बंधाया। साथ ही पूर्व जिलाध्यक्ष पटेल ने कहा कि सरकार की ओर से मृतकों और घायलों को आर्थिक मदद करनी चाहिए, लेकिन नहीं की, जिसकी वह घोर निंदा करते हैं। वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री और धौरहरा सांसद जितिन प्रसाद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मैजिक और ट्रक की दुर्घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। सभी मृतकों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण हो रही हैं। यदि प्रशासन अपने काम को सही ढंग से करे तो इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। प्रदेश में आये दिन इस तरह की घटनाएं हो रही है अभी कुशीनगर का घाव भरा नहीं था कि उचौलिया में यह घटना घटित हो गई।
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सात सीटर मैजिक में 18 सवारियां, जिम्मेदार कौन
सात सीटर मैजिक में 18 लोग सफर कर रहे थे। नतीजतन हादसा होने पर 12 लोगों की जान चली गई। यदि एआरटीओ प्रशासन और पुलिस सख्त होती तो शायद यह हादसा नहीं होता और 12 लोगों की जान भी नहीं जाती। आखिर इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन होगा। क्या इसके जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। यह जांच का विषय हो सकता है।
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वर्ष 2002 में गांव भल्लिया बुजुर्ग से एक बारात जा रही थी। मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन की चपेट में आने से बस के परखच्चे उड़ गए थे। इस हादसे में 20 लोगों की मौत् हो गई थी। उचौलिया में शनिवार को हुए हादसे ने भल्लिया बुजुर्ग की घटना की भी याद ताजा कर दी है। नियमों की अनदेखी पर सड़क हादसे की जिले में पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन एआरटीओ प्रशासन और पुलिस ने सबक नहीं लिया। 24 दिसंबर 2016 की रात में थाना हैदराबाद के आंवला जंगल में ट्रैक्टर ट्राली और बोलेरों में हुई जबरदस्त भिड़ंत में सात लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में मोहम्मदी के बिचपरी गांव के एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई थी। पूरा परिवार नई बोलेरों से बीमार बुजुर्ग को देखने जिला अस्पताल गए थे, जहां से लौटते समय हादसा हो गया था। 14 जनवरी 2018 को मैलानी-भीरा रोड पर रेलवे फाटक के पास तिलक चढ़ाकर लौट रही अनियंत्रित बोलेरो ट्रक में घुस गई थी, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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घटनास्थल से पोस्टमार्टम हाउस तक नहीं पहुंचा कोई जनप्रतिनिधि
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने प्रेस नोट जारी करा ब्यक्त की संवेदना
सड़क हादसे में 12 लोगों की मौत के बाद जहां लोग सिहर उठे, वहीं जिले के बार्डर पर हुई घटना के मौके पर कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। उम्मीद थी कि पोस्टमार्टम हाउस पर सांसद और विधायक पहुंच सकते हैं, लेकिन कोई नहीं आया। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल जरूर पहुंचे और उन्होंने लोगों को ढांढस बंधाया। साथ ही पूर्व जिलाध्यक्ष पटेल ने कहा कि सरकार की ओर से मृतकों और घायलों को आर्थिक मदद करनी चाहिए, लेकिन नहीं की, जिसकी वह घोर निंदा करते हैं। वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री और धौरहरा सांसद जितिन प्रसाद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मैजिक और ट्रक की दुर्घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। सभी मृतकों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण हो रही हैं। यदि प्रशासन अपने काम को सही ढंग से करे तो इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। प्रदेश में आये दिन इस तरह की घटनाएं हो रही है अभी कुशीनगर का घाव भरा नहीं था कि उचौलिया में यह घटना घटित हो गई।
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सात सीटर मैजिक में 18 सवारियां, जिम्मेदार कौन
सात सीटर मैजिक में 18 लोग सफर कर रहे थे। नतीजतन हादसा होने पर 12 लोगों की जान चली गई। यदि एआरटीओ प्रशासन और पुलिस सख्त होती तो शायद यह हादसा नहीं होता और 12 लोगों की जान भी नहीं जाती। आखिर इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन होगा। क्या इसके जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। यह जांच का विषय हो सकता है।