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भाइयों के झगड़े में लगी आग से दर्जन भर घर जले
लखीमपुरखीरी
Updated Wed, 03 May 2017 11:19 PM IST
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पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंडितपुरवा में भाइयों के बीच हुए झगड़े के बाद एक भाई ने घर में आग लगा दी। इसकी चपेट में आकर गांव के दर्जन भर घर जल गए। गुस्साए ग्रामीणों ने आग लगाने वाले को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया, जिसे बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में विधायक पुत्र के दखल के चलते पुलिस ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
पंडितपुरवा गांव निवासी सगे भाई गजराज और जन्नू के बीच बुधवार की दोपहर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इससे गुस्साए जन्नू ने गजराज के घर में आग लगा दी। गजराज का घर धू-धू कर जला, जिसके बाद गांव के राजकिशोर, रामप्रसाद, शत्रोहन, गेंदन, भोले, कौशल्या, शांती आदि के घर भी जल गए। गुस्साए ग्रामीणों ने जन्नू को दौड़ाकर पकड़ लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। 100 डायल पर फोन कर ग्रामीणों ने घटना की जानकारी दी, लेकिन एक घंटे बाद भी पुलिस गांव में नहीं पहुंची। इसके बाद कोतवाल दीपक शुक्ला को फोन करने पर एसएसआई दिनेश यादव गांव पहुंचे। आरोपी को मारने पर उतारू ग्रामीणों को शांत कर पुलिस ने जन्नू को हिरासत में ले लिया। सूत्र बताते है कि पुलिस की इस कार्रवाई के बाद ही विधायक पुत्र की सिफारिश के चलते मुकदमा नहीं लिखा गया। हालांकि पुलिस तहरीर नहीं मिलने की बात कह रही है। घटना के आरोपी पर कार्रवाई ना होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने नुकसान का जायजा लिया है।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंडितपुरवा में भाइयों के बीच हुए झगड़े के बाद एक भाई ने घर में आग लगा दी। इसकी चपेट में आकर गांव के दर्जन भर घर जल गए। गुस्साए ग्रामीणों ने आग लगाने वाले को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया, जिसे बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में विधायक पुत्र के दखल के चलते पुलिस ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
पंडितपुरवा गांव निवासी सगे भाई गजराज और जन्नू के बीच बुधवार की दोपहर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इससे गुस्साए जन्नू ने गजराज के घर में आग लगा दी। गजराज का घर धू-धू कर जला, जिसके बाद गांव के राजकिशोर, रामप्रसाद, शत्रोहन, गेंदन, भोले, कौशल्या, शांती आदि के घर भी जल गए। गुस्साए ग्रामीणों ने जन्नू को दौड़ाकर पकड़ लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। 100 डायल पर फोन कर ग्रामीणों ने घटना की जानकारी दी, लेकिन एक घंटे बाद भी पुलिस गांव में नहीं पहुंची। इसके बाद कोतवाल दीपक शुक्ला को फोन करने पर एसएसआई दिनेश यादव गांव पहुंचे। आरोपी को मारने पर उतारू ग्रामीणों को शांत कर पुलिस ने जन्नू को हिरासत में ले लिया। सूत्र बताते है कि पुलिस की इस कार्रवाई के बाद ही विधायक पुत्र की सिफारिश के चलते मुकदमा नहीं लिखा गया। हालांकि पुलिस तहरीर नहीं मिलने की बात कह रही है। घटना के आरोपी पर कार्रवाई ना होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने नुकसान का जायजा लिया है।
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